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आंदोलन
भारत
राजनीति
सरकार पर सीएए वापस लेने के लिये दबाव बनायेंगे: येचुरी
वामदलों के संयुक्त विरोध प्रदर्शन के दौरान येचुरी सहित अन्य वाम नेताओं सहित लगभग 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। बाद में उन्हें विभिन्न इलाकों में छोड़ दिया गया। मंडी हाउस पर विरोध प्रदर्शन करने नहीं देने पर प्रदर्शनकारी जंतर मंतर पहुंच गये।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Dec 2019
left protest against CAA
Image Courtesy: Rediff

नई दिल्ली: माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के बाद पूरे देश में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को भी लागू करने की धमकी दे रही है, विपक्षी दल और राज्य सरकारें अब इसके विरोध में एकजुट होकर आंदोलन कर सरकार पर माकूल दबाव बनाकर सीएए और एनआरसी को वापस लेने पर मजबूर करेंगी।

येचुरी ने सीएए और एनआरसी के विरोध में आयोजित विरोध प्रदर्शन में कहा कि सरकार ने देश को धर्म के आधार पर बांटने के लिये ये कानून पारित किये हैं। उन्होंने कहा, ‘सरकार बताये कि हमारे संविधान में नागरिकता को धर्म से कहां जोड़ा गया है। अगर संविधान में कहीं भी नागरिकता को धर्म से नहीं जोड़ा गया है तो सरकार ये जो कुछ भी कर रही है वह संविधान के विरुद्ध है, जो हमें स्वीकार्य नहीं है।’
 
उल्लेखनीय है कि पुलिस ने मंडी हाउस पर वामदलों के संयुक्त विरोध प्रदर्शन के दौरान येचुरी सहित अन्य वाम नेताओं सहित लगभग 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। बाद में उन्हें विभिन्न इलाकों में छोड़ दिया गया। मंडी हाउस पर विरोध प्रदर्शन करने नहीं देने पर प्रदर्शनकारी जंतर मंतर पहुंच गये।

येचुरी ने भी जंतर मंतर पहुंच कर प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने आंदोलन की भविष्य की रूपरेखा के बारे में संवाददाताओं को बताया, ‘सीएए संसद से पारित हो गया, अब सरकार एनआरसी पूरे देश में लागू करने की धमकी दे रही है। हम एनआरसी लागू नहीं होने देंगे।’

 उन्होंने कहा, ‘जो राजनीतिक दल सीएए पर सरकार समर्थन कर रहे थे, वे राजनीतिक दल और तमाम राज्य सरकारें भी एनआरसी के विरोध में उतर आयी गयी हैं। इन प्रदर्शनों के चलते सरकार पर दबाव बढ़ेगा और हम इतना दबाव बढ़ायेंगे कि सरकार इसे वापस लेने पर मजबूर हो जाये।’

उल्लेखनीय है कि वाम दलों ने सीएए और एनआरसी के विरोध में बृहस्पतिवार को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। अन्य विपक्षी दल और संगठन भी दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

जंतर मंतर पहुंची भीड़

संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में गुरूवार को यहां जंतर मंतर पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हुए। इससे पहले उन्हें लाल किला और मंडी हाउस पर प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी गयी जहां निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है।

इसके बाद प्रदर्शनकारी जंतर मंतर की ओर बढ़ने लगे और इसे देखते हुए प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों और अवरोधकों को लगाया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने छात्रों और कार्यकर्ताओं से शांति बरतने की अपील की है। पुलिस ने किसी भी हालात से निपटने के लिए जंतर मंतर पर वाटर कैनन भी तैनात कर दिये हैं।
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दिल्ली में कम से कम 19 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिये गये हैं वहीं दक्षिण, पूर्वी और उत्तरी दिल्ली के बड़े हिस्से में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाये गये हैं। शहर में कई जगहों पर यातायात की भी समस्या आ रही है।

 लाल किले के आसपास बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बसों में बंद किया। इलाके को खाली करने के प्रयास के तहत यह किया गया जहां धारा 144 लागू है।

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