NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
27 महीने बाद जेल से बाहर आए आज़म खान अब किसके साथ?
सपा के वरिष्ठ नेता आज़म खान अंतरिम ज़मानत मिलने पर जेल से रिहा हो गए हैं। अब देखना होगा कि उनकी राजनीतिक पारी किस ओर बढ़ती है।
रवि शंकर दुबे
20 May 2022
azam khan

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक आज़म खान को 27 महीनों बाद अंतरिम ज़मानत पर जेल से रिहा कर दिया गया है। सीतापुर  जेल से बाहर आते ही उनके दोनों बेटे विधायक अब्दुल्ला आज़म खान और अदीब साथ नज़र आए। इसके अलावा उनके स्वागत के लिए प्रसपा प्रमुख शिवपाल यादव और समर्थकों का भारी हुजूम भी पहुंचा।

#WATCH उत्तर प्रदेश: रामपुर में कोतवाली थाने से जुड़े एक मामले में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान सीतापुर ज़िला जेल से रिहा हुए। pic.twitter.com/BFJvoKcKMi

— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 20, 2022

शिवपाल सिंह यादव आजम खान को लेने सीतापुर जेल पहुंचे, इसकी जानकारी उन्होंने ट्वीट कर दी। उन्होंने ट्वीट किया, "सूबे के आवाम के लिए यह सुखद है कि आजम खान साहब आज उनके चाहने वालों के बीच होंगे...मैं सीतापुर के लिए निकल चुका हूं, उत्तर प्रदेश के क्षितिज पर नया सूरज निकल रहा है। आइए, आजम खान साहब का इस्तकबाल करें।"

सूबे के आवाम के लिए यह सुखद है कि आजम खान साहब आज उनके चाहने वालों के बीच होंगे...
मैं सीतापुर के लिए निकल चुका हूं, उत्तर प्रदेश के क्षितिज पर नया सूरज निकल रहा है।
आइए, आजम खान साहब का इस्तकबाल करें।

— Shivpal Singh Yadav (@shivpalsinghyad) May 19, 2022

वहीं, आज़म खान की रिहाई पहले उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म खान ने भी ट्वीट किया।

इंशाल्लाह कल 20.05.2022 को सुबह सूरज की पहली किरण के साथ मेरे वालिद इंशाल्लाह एक नए सूरज की तरह जेल से बाहर आएंगे और इस नई सुबह की किरणे तमाम जुल्मतों के अंधेरों को मिटा देंगी ll

— M.Abdullah Azam Khan (@AbdullahAzamMLA) May 19, 2022

आज़म खान की रिहाई के वक्त सबसे ज्यादा नज़रें इसपर थीं कि क्या सपा प्रमुख अखिलेश यादव उनके स्वागत के लिए पहुंचेगें? हालांकि अखिलेश यादव ने एक ट्वीट के ज़रिए आज़म खान की ज़मानत का स्वागत किया।

सपा के वरिष्ठ नेता व विधायक मा. श्री आज़म ख़ान जी के जमानत पर रिहा होने पर उनका हार्दिक स्वागत है। जमानत के इस फ़ैसले से सर्वोच्च न्यायालय ने न्याय को नये मानक दिये हैं।पूरा ऐतबार है कि वो अन्य सभी झूठे मामलों-मुक़दमों में बाइज़्ज़त बरी होंगे।

झूठ के लम्हे होते हैं, सदियाँ नहीं!

— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 20, 2022

आज़म खान को क्यों जाना पड़ा था जेल?

समाजवादी पार्टी के रामपुर विधायक आजम खान पर 88 आपराधिक शिकायतें दर्ज हैं। आजम खान परिवार पर दस्तावेजों में हेराफेरी करके फर्जी पैन कार्ड और पासपोर्ट बनवाने को लेकर, साल 2019 में मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोप था कि आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम ने अपनी उम्र छिपाने के लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र दिया था।

बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने जनवरी, 2019 में अब्दुल्ला पर धोखाधड़ी से दो जन्म प्रमाण पत्र बनाने का आरोप लगाया था। आजम खान और उनकी पत्नी पर इसके लिए शपथपत्र देकर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया था। इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने अप्रैल, 2019 में चार्जशीट दाखिल की थी। आजम खान पर आरोप था कि वो इस मामले में अदालत के बार-बार बुलाने के बावजूद हाजिर नहीं हो रहे थे। जिसके बाद कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया था। 26 फरवरी 2020 को तीनों ने अदालत में आत्मसमर्पण किया और जमानत मांगी लेकिन, अदालत ने उन्हें रामपुर की जिला जेल भेज दिया। तब से लेकर अब तक आजम खान पर एक के बाद कई केसों में आजम खान का नाम जुड़ता गया।

गौरतलब है कि आजम खान को  गुरुवार यानी 19 मई को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिली,  जिसके बाद देर रात उनकी रिहाई का आदेश जेल पहुंचा और तमाम काग़ज़ी कार्रवाई के बाद उन्हें शुक्रवार सुबह जेल से रिहाई मिली। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दी है। रेगुलर बेल के लिए उन्हें 14 दिन का समय दिया गया है। 14 दिन के भीतर उन्हें निचली अदालत से रेगुलर बेल लेनी होगी। अगर निचली अदालत से उन्हें बेल नहीं मिलती है तो फिर जेल जाना पड़ सकता है।

आपको बता दें कि रामपुर पब्लिक स्कूल से जुड़ा हुआ एक मामले भी आज़म खान के खिलाफ दर्ज किया गया था। रामपुर पब्लिक स्कूल मामले में आज़म खान ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम ज़मानत के याचिका दाखिल की थी। जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें गुरुवार को ज़मानत दे दी।

आज़म खान पर दर्ज महत्वपूर्ण मामले

मज़दूरों के हक़ का पैसा दबाने का आरोप

नियम ये कहता है कि जब कोई बिल्डिंग का निर्माण करवाया जाता है तो उसकी कीमत का एक फीसदी लेबर डिपार्टमेंट में जमा कराया जाता है। इस पैसे से उत्तर प्रदेश भवन एवं कारागार कल्याण बोर्ड, मज़दूरों के विकास के लिए काम करवाता है। जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण लागत के आधार पर 4.5 करोड़ रुपये आज़म खान को भी जमा कराने थे, लेकिन आरोप है कि उन्होंने चुप्पी साध ली। बाद में स्थानीय भाजपा नेता आकाश सक्सेना के हो-हल्ला मचाने पर आज़म खान की ओर से सिर्फ 1 करोड़ 97 लाख रुपये जमा करा दिए गए।

सरकारी ज़मीन पर रिसॉर्ट बनाने का आरोप

सुप्रीम कोर्ट ने आज़म खान पर 5 लाख 32 हज़ार रुपये का ज़ुर्माना लगाया है, क्योंकि आज़म का हमसफर रिसॉर्ट सरकारी ज़मीन पर बनाया गया था।

पीडब्ल्यूडी को 3.27 करोड़ की देनदारी

सरकारी सड़क पर जौहर यूनिवर्सिटी का गेट बना देने के कारण कोर्ट ने आज़म खान पर 3 करोड़ 27 लाख का ज़ुर्माना लगाया है, इस रकम को भी आज़म खान को जमा करना है, हालांकि अभी तक पैसे जमा नहीं करवाए गए हैं। 

आज़म खान पर बकरी और भैंस चुराने के भी आरोप

27 महीने बाद जेल से रिहा हुए आज़म खान पर कुछ अन्य मामले भी दर्ज हैं, जिनमें बकरी और भैंस चुराने के साथ बूढ़ी महिला के जेवरात और एक शख्स के पॉकेट से कुछ रुपये चुराने का आरोप लगा था। कई केस ऐसे रहे, जिन्हें भाजपा के समर्थक रहे शख्स ने दर्ज कराए। आज़म के परिवार इन आरोपों को हास्यास्पद करार देते हुए भरोसे के लायक नहीं बताया।

वक़्फ़ बोर्ड की ज़मीन का ग़लत इस्तेमाल

आज़म खान के खिलाफ एक और बड़ा मामला दर्ज हैं, जिसमें उनके खिलाफ वक्फ बोर्ड की ज़मीन ग़लत तकीरे से अपने पक्ष में कराने के मामले में केस दर्ज हुआ था। हालांकि इस मामले में इसी साल 5 मई को सुनवाई हुई थी, तब अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। हालांकि 10 मई को इस मामले में आज़म को ज़मानत मिल गई थी।

जेल में रहकर भी नहीं घटा वर्चस्व

हालहि में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव गुज़रे हैं, जिसमें भाजपा ने बहुमत की सरकार बनाई। इन चुनावों के वक्त आज़म खान जेल में ही थे लेकिन उन्होंने चुनाव लड़ा और लगातार 10वीं बार जीत हासिल की। इतना ही नहीं रामपुर की 5 में से 3 सीटों पर आज़म का दबदबा साफ दिखा और सपा उम्मीदवारों ने जीत भी हासिल की।

आज़म खान पर सभी पार्टियों की नज़र

उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज़म खान एक ऐसे नेता हैं, जो 20 मुसलमानों के साथ-साथ यादव समाज में भी अपनी अच्छी पकड़ रखते हैं। यही कारण है कि अखिलेश यादव हों या फिर मुलायम सिंह यादव.. आज़म के लिए हमेश मधुर बोली ही बोलते हैं। लेकिन पिछले दिनों जब आज़म जेल में थे तब उनके मीडिया प्रभारी फसाहत खान शानू ने ये तक कह दिया था कि योगी आदित्यनाथ सही कह रहे थे कि अखिलेश नहीं चाहते कि आज़म खान जेल से बाहर आए। जिसके बाद ख़बरें आने लगी कि अखिलेश यादव के जेल में सिर्फ एक बार मिलने आने के कारण आज़म उनसे नाराज़ हैं, जिसके बाद दूसरी राजनीतिक पार्टियों का आज़म से मुलाकात के लिए तांता लग गया। जिसमें शिवपाल यादव सबसे आगे रहे। इसके अलावा कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम भी जेल में आज़म खान से मिलने पहुंचे उधर जयंत चौधरी भी आज़म के परिवार से मिलने उनके घर पहुंच गए थे। जिसके बाद कई सवाल उठने लगे कि आज़म कहां जाएंगे और किसके साथ अपनी सियासी पारी को आगे बढ़ाएंगे। 

AZAM KHAN
Azam khan Bail
SAMAJWADI PARTY
AKHILESH YADAV
Shivpal Singh Yadav
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • Himachal Pradesh Anganwadi workers
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिमाचल प्रदेश: नियमित करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरीं आंगनबाड़ी कर्मी
    24 Feb 2022
    प्रदर्शन के दौरान यूनियन का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला व उन्हें बारह सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने आगामी बजट में कर्मियों की मांगों को पूर्ण करने का आश्वासन दिया। यूनियन…
  • Sulaikha Beevi
    अभिवाद
    केरल : वीज़िंजम में 320 मछुआरे परिवारों का पुनर्वास किया गया
    24 Feb 2022
    एलडीएफ़ सरकार ने मठीपुरम में मछुआरा समुदाय के लोगों के लिए 1,032 घर बनाने की योजना तैयार की है।
  • Chandigarh
    सोनिया यादव
    चंडीगढ़ के अभूतपूर्व बिजली संकट का जिम्मेदार कौन है?
    24 Feb 2022
    बिजली बोर्ड के निजीकरण का विरोध कर रहे बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान लगभग 36 से 42 घंटों तक शहर की बत्ती गुल रही। लोग अलग-अलग माध्यम से मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन प्रशासन पूरी तरह से लाचार…
  • Russia targets Ukraine
    एपी
    रूस ने यूक्रेन के वायुसेना अड्डे, वायु रक्षा परिसम्पत्तियों, सैन्य आधारभूत ढांचे को बनाया निशाना, अमेरिका-नाटो को चेताया
    24 Feb 2022
    रूस के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि सेना ने घातक हथियारों का इस्तेमाल यूक्रेन के वायुसेना अड्डे, वायु रक्षा परिसम्पत्तियों एवं अन्य सैन्य आधारभूत ढांचे को निशाना बनाने के लिये किया है। उसने आगे दावा…
  • Hijab controversy
    भाषा
    हिजाब विवाद: बेंगलुरु के कॉलेज ने सिख लड़की को पगड़ी हटाने को कहा
    24 Feb 2022
    सूत्रों के अनुसार, लड़की के परिवार का कहना है कि उनकी बेटी पगड़ी नहीं हटायेगी और वे कानूनी राय ले रहे हैं, क्योंकि उच्च न्यायालय और सरकार के आदेश में सिख पगड़ी का उल्लेख नहीं है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License