NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
SC ST OBC
अपराध
उत्पीड़न
भारत
शर्मनाक: अवैध संबंध के आरोप में पति, गांव वालों ने आदिवासी महिला को निर्वस्त्र कर घुमाया
घटना गुजरात के दाहोद जिले की है। पीड़ित महिला के पति और 18 अन्य आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया गया है।
भाषा
14 Jul 2021
Crimes against women
चित्र साभार : India.com

दाहोद: गुजरात में दाहोद जिले के धानपुर तालुका के खजूरी गांव में एक व्यक्ति के साथ अवैध संबंध रखने के आरोप में 23 वर्षीय आदिवासी महिला को उसके पति एवं गांव वालों ने सजा देते हुए कथित तौर पर उसे निर्वस्त्र कर घुमाया। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।

धानपुर पुलिस थाने के उप निरीक्षक बी एम पटेल ने बताया कि इस कथित घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सामने आया। यह घटना इस महीने के शुरुआत में हुई और मामला प्रकाश में आने के बाद मंगलवार को पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। पटेल ने बताया कि बुधवार को पीड़ित महिला के पति और 18 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के मुताबिक, यह घटना छह जुलाई को आदिवासी बहुल धानपुर तालुका के खजूरी गांव में हुई थी।

पटेल ने बताया कि वायरल वीडियो में पीड़ित महिला का पति और अन्य लोग उसे घसीटते, पिटाई करते और निर्वस्त्र कर घुमाते नजर आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि आरोपियों में अधिकतर महिला के रिश्तेदार हैं और उन्होंने गांव की अन्य महिलाओं और बच्चों के सामने इस घटना को अंजाम दिया।

उन्होंने बताया कि महिला को सजा के तौर पर उसके पति को कंधे पर उठाकर चलने के लिए भी मजबूर किया गया।

अधिकारी ने बताया कि वीडियो में कुछ महिलाएं पीड़िता को कपड़े से ढंकने का प्रयास करती दिख रही हैं, जिन्हें आरोपी हटाता नजर आ रहा है। उन्होंने बताया कि विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर वीडियो में नजर आ रहे सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

crimes against women
Gujarat

Related Stories

गुजरात: मेहसाणा कोर्ट ने विधायक जिग्नेश मेवानी और 11 अन्य लोगों को 2017 में ग़ैर-क़ानूनी सभा करने का दोषी ठहराया

पड़ताल: जौनपुर में 3 दलित लड़कियों की मौत बनी मिस्ट्री, पुलिस, प्रशासन और सरकार सभी कठघरे में

ग्राउंड रिपोर्टः आजमगढ़ में दलित बच्ची से रेप की घटना को दबाने में लगा पुलिसिया सिस्टम, न्याय के लिए भटकता परिवार 

एनसीआरबी: कोविड-19 उल्लंघन के कारण अपराध दर में 28% वृद्धि, एससी /एसटी के ख़िलाफ़ अपराध में 9% इज़ाफ़ा

बिजनौर: क्या राष्ट्रीय स्तर की होनहार खिलाड़ी को चुकानी पड़ी दलित-महिला होने की क़ीमत?

मूंछें रखने पर अहमदाबाद में दलित युवक को पीटा गया

क्यों दलित अस्मिता पर हो रहे हैं लगातार हमले?

आदिवासी महिलाओं से मारपीट, गर्भ में बच्चे की मौत, नहीं हुई एफआईआर

मध्यप्रदेश: महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध का लगातार बढ़ता ग्राफ़, बीस दिन में बलात्कार की पांच घटनाएं!

बलिया: मुख्यमंत्री को नाम से डर लगता है और ज़िले वालों को अपराधियों से!


बाकी खबरें

  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    यूपी: योगी 2.0 में उच्च-जाति के मंत्रियों का दबदबा, दलितों-पिछड़ों और महिलाओं की जगह ख़ानापूर्ति..
    02 Apr 2022
    52 मंत्रियों में से 21 सवर्ण मंत्री हैं, जिनमें से 13 ब्राह्मण या राजपूत हैं।
  • अजय तोमर
    कर्नाटक: मलूर में दो-तरफा पलायन बन रही है मज़दूरों की बेबसी की वजह
    02 Apr 2022
    भारी संख्या में दिहाड़ी मज़दूरों का पलायन देश भर में श्रम के अवसरों की स्थिति को दर्शाता है।
  • प्रेम कुमार
    सीबीआई पर खड़े होते सवालों के लिए कौन ज़िम्मेदार? कैसे बचेगी CBI की साख? 
    02 Apr 2022
    सवाल यह है कि क्या खुद सीबीआई अपनी साख बचा सकती है? क्या सीबीआई की गिरती साख के लिए केवल सीबीआई ही जिम्मेदार है? संवैधानिक संस्था का कवच नहीं होने की वजह से सीबीआई काम नहीं कर पाती।
  • पीपल्स डिस्पैच
    लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया
    02 Apr 2022
    इज़रायल के क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में और विदेशों में रिफ़्यूजियों की तरह रहने वाले फ़िलिस्तीनी लोग लैंड डे मनाते हैं। यह दिन इज़रायली क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ साझे संघर्ष और वापसी के अधिकार की ओर प्रतिबद्धता का…
  • मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद ज़ीशान अहमद
    भारत को अपने पहले मुस्लिम न्यायविद को क्यों याद करना चाहिए 
    02 Apr 2022
    औपनिवेशिक काल में एक उच्च न्यायालय के पहले मुस्लिम न्यायाधीश, सैयद महमूद का पेशेवराना सलूक आज की भारतीय न्यायपालिका में गिरते मानकों के लिए एक काउंटरपॉइंट देता है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License