NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
मज़दूर-किसान, मछुआरे और हॉकर्स: 26 नवंबर को सभी की हड़ताल की तैयारी
महाराष्ट्र में औपचारिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी, जिनमें निगमों में काम करने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं, वे भी अपनी काम करने की जगहों से हड़ताल का समर्थन करेंगे।
अमय तिरोदकर
24 Nov 2020
 26 नवंबर
प्रतीकात्मक तस्वीर

महाराष्ट्र में संविधान दिवस के मौके पर हर जिले के कलेक्टर कार्यालय के सामने हज़ारों लोगों के जुटने की संभावना है। यह जमावड़ा कई संगठनों की मांग पर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें कामगारों और किसानों की एकता का प्रदर्शन किया जाएगा।

राज्य के श्रम संगठनों ने गुरुवार को औद्योगिक इलाकों में पूर्ण बंद की योजना बनाई है, वहीं किसान संगठन दिल्ली की तरफ कूच करेंगे। औपचारिक क्षेत्र में काम करने वाले या जिन्हें निगमों ने नौकरी दी है, वे भी अपनी काम की जगहों से हड़ताल में हिस्सा ले रहे होंगे।

शनिवार को ऑल इंडिया किसान सभा के डॉ अशोक धवाले, किसानों के नेता राजू शेट्टी, सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर, किशोर धमाले, INTUC नेता जयप्रकाश छाजेड़, मुंबई यूनियन लीडर शंकर साल्वी, ट्रेड यूनियनवादी उदय भट्ट, जन आंदोलनंची संघर्ष समिति के संयोजक विश्वास उतागी एक बैठक में शामिल हुए, जिसमें विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई गई।

JASS के संयोजक उतागी कहते हैं, "हम सभी जिलों के लिए तैयारी कर रहे हैं। संगठन के सदस्य कर्मचारियों, किसानों और मज़दूरों को इकट्ठा कर रहे हैं। हर जगह पोस्टर और बैनर लगाए जा रहे हैं। वे लोग पूरे दिन कलेक्टोरेट ऑफिस पर प्रदर्शन करेंगे।"

यह भी तय किया गया है कि किसान संगठन राज्य की हर तहसील में प्रदर्शन करेंगे। डॉ धावाले कहते हैं, "हजारों किसान दिल्ली में दो दिन के प्रदर्शन में हिस्सा लेने जाएंगे। ठीक इसी वक़्त किसान राज्य की हर तहसील और हर क्षेत्रीय कार्यालय पर दो दिन तक प्रदर्शन करेंगे। वे एक मेमोरेंडम जमा करेंगे, जिसमें नए किसान कानून को वापस लिए जाने की मांग होगी।"

इस बार स्ट्रीट वेंडर्स यूनियन, रियल एस्टेट कामग़ारों की यूनियन, कुलियों की यूनियन भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हो रही हैं। सर्व श्रमिक संगठन के नेता उदय भट्ट ने न्यूज़क्लिक को बताया, "लॉकडाउन के चलते असंगठित क्षेत्र पर बहुत असर पड़ा है। हमारी मांग है कि जब तक महामारी की स्थिति खत्म नहीं हो जाती, तब तक हर मज़दूर को 7500 रुपये दिए जाएं। हमारी आशा है कि सरकार इन मांगों पर ध्यान देगी और इन्हें मानेगी। यह हड़ताल केंद्र सरकार को चेतावनी है। यह प्रदर्शन अब मजबूत और व्यापक होता जाएगा।"

नेशनल अलायंस फॉर पीपल्स मूवमेंट (NAPM) की नेता मेधा पाटकर और दूसरे सदस्य भी 26 नवंबर को होने वाले प्रदर्शनों में हिस्सा लेंगे। उन्होंने नर्मदा बांध परियोजना से प्रभावित लोगों से भी प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए कहा है। उन्होंने कहा, "मोदी सरकार का आर्थिक मॉडल कमजोर और समाज के सबसे वंचित तबके के लोगों को दबाता जा रहा है। हमारी लड़ाई संसाधनों की इस अंधाधुंध लूट, मज़दूरों के अपमान के खिलाफ़ है। हम भारत की शांति और सौहार्द्र को बिगाड़ने वाली सांप्रदायिक विचारधारा और आम लोगों के अधिकारों को कमज़ोर किए जाने के ख़िलाफ़ है।"

राज्य के तटीय इलाकों के मछुआरों ने भी हड़ताल में भाग लेने और डीजल दरों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। उन्होंने अपने काम को एक दिन के लिए रोकने का ऐलान किया है। फिशरमैन एक्शन कमेटी के सचिव महेंद्र पराडकर ने कहा कि सभी 6 तटवर्ती जिलों के मछुआरे इस हड़ताल का समर्थन करेंगे। वह कहते हैं, "किसानों और मज़दूरों की तरह हम भी सरकारी नीतियों की वजह से कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं। डीजल की बढ़ती कीमतों के अलावा, दूसरे मुद्दे जैसे फारसी जाल, LED फिशिंग और कानूनों को तोड़कर किए जा रहे अंतर्राज्यीय मछली शिकार से छोटे मछुआरे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।"

राज्य की राजधानी मुंबई में सबसे बड़ी हॉकर्स यूनियन के नेता शंकर साल्वी का कहना है कि मौजूदा आर्थिक स्थिति ने समाज के छोटे वर्गों के हितों को सबसे बुरे तरीके से प्रभावित किया है। वह कहते हैं, "कोई व्यापार ही नहीं है। हम लगातार राहत पैकेजों के बारे में सुनते हैं, लेकिन उन्हें कहां लागू किया जा रहा है? भारत में असली आत्मनिर्भर किसी शहर का हॉकर होता है। लेकिन उसकी कोई परवाह नहीं कर रहा है। यह सरकार हॉकर्स की रीढ़ की हड्डी तोड़ने पर आमादा है।"

इस लेख को मूल अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें।

Workers, Farmers, Fishermen and Hawkers: All Gear up for Strike on 26th

Nov 26-27 Strike
general strike
farmers protest
New Farm Laws
AIKSCC
Modi government
Maharashtra
Mumbai
Worker-Peasant Unity
AIKS
JASS
Medha patkar

Related Stories

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

विशाखापट्टनम इस्पात संयंत्र के निजीकरण के खिलाफ़ श्रमिकों का संघर्ष जारी, 15 महीने से कर रहे प्रदर्शन

देशव्यापी हड़ताल: दिल्ली में भी देखने को मिला व्यापक असर

देशव्यापी हड़ताल का दूसरा दिन, जगह-जगह धरना-प्रदर्शन

मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ भारत बंद का दिखा दम !

देशव्यापी हड़ताल : दिल्ली एनसीआर के औद्योगिक क्षेत्रों में दिखा हड़ताल का असर

क्यों मिला मजदूरों की हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा का समर्थन

पूर्वांचल में ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बीच सड़कों पर उतरे मज़दूर

देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर में दिखा व्यापक असर


बाकी खबरें

  • Astroworld
    एपी
    अमेरिका: एस्ट्रोवर्ल्ड संगीत समारोह में मची भगदड़ ने तोड़ दिए कई सपने
    08 Nov 2021
    एस्ट्रोवर्ल्ड संगीत समारोह में यह हादसा उस समय हुआ था, जब अमेरिकी रैपर ट्राविस स्कॉट की प्रस्तुति के दौरान प्रशंसक मंच की ओर बढ़ने लगे। भगदड़ मचने से कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई।
  • CRPF
    भाषा
    सीआरपीएफ जवान ने अपने साथियों की जान ली, चार की मौत, तीन घायल
    08 Nov 2021
    छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आपसी विवाद के बाद हुई गोलीबारी में पिछले लगभग तीन वर्ष के दौरान 15 जवानों की मौत हो चुकी है। 
  • Gurugram Friday Prayer Controversy
    एजाज़ अशरफ़
    गुरुग्राम में शुक्रवार की नमाज़ के पीछे जारी विवाद चरमपंथ के लिए एक बेहतरीन नुस्खा है
    08 Nov 2021
    हिन्दू भीड़ द्वारा हैरान-परेशान किये जाने और भारतीय राज्य के द्वारा अपने हाल पर छोड़ दिए गए गुरुग्राम के मुसलमान अब इस बात को महसूस कर रहे हैं कि हर जुमे के दिन उनकी धार्मिक भावनाओं का माखौल उड़ाया जा…
  • Jai Bhim
    शिरीष खरे
    सिस्टम के शिकारियों के ख़िलाफ़ क़ानून की ताक़त दिखाती- जय भीम
    08 Nov 2021
    दरअसल, यह एक ही विषय का दूसरा आयाम है, जिसमें बतौर निर्देशक उसका अपना विचार है, विचार यह कि सिस्टम में कोई एक अच्छा वकील, कोई एक अच्छा जज, या कोई एक अच्छा पुलिस अधिकारी, अच्छी सामाजिक कार्यकर्ता है…
  • Glasgow
    एम. के. भद्रकुमार
    COP26: वॉल स्ट्रीट ने जलवायु संकट वित्तपोषण की शुरूआत की
    08 Nov 2021
    एक एक्टिविस्ट ने बीबीसी को बताया कि ग्लासगो शिखर सम्मेलन में राजनीतिक नेताओं की ओर से जो प्रदर्शन किया गया, उसे केवल बेईमानी के रूप में वर्णित किया जा सकता है। क्योंकि जलवायु संकट के केंद्र में बड़ी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License