NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
समाज
भारत
राजनीति
कर्नाटक पाठ्यपुस्तक संशोधन और कुवेम्पु के अपमान के विरोध में लेखकों का इस्तीफ़ा
“राज्य की शिक्षा, संस्कृति तथा राजनीतिक परिदृ्श्य का दमन और हालिया असंवैधानिक हमलों ने हम लोगों को चिंता में डाल दिया है।"
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
31 May 2022
karnataka

कर्नाटक में पाठ्यपुस्तक में संशोधन और टेक्सटबुक रिव्यू कमेटी के अध्यक्ष रोहित चक्रतीर्थ के खिलाफ कार्रवाई न करने के हालिया विवाद के बीच विरोध के रुप में लेखकों ने राज्य सरकार की समिति से इस्तीफा दे दिया है। लेखकों ने अध्यक्ष पर कथित तौर पर राज्यगान कुवेम्पु का अपमान करने का आरोप लगाया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रकवि डॉ. जीएस शिवारूदप्पा प्रतिष्ठान के पूर्व अध्यक्ष लेखक एसजी सिद्धारमैया, एचएस राघवेंद्र राव, नटराज बुदालु और चंद्रशेखर नांगली ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफे का जिक्र करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई को पत्र लिखा। इस्तीफे का जिक्र करते हुए पत्र में लिखा गया कि, “राज्य की शिक्षा, संस्कृति तथा राजनीतिक परिदृ्श्य का दमन और हालिया असंवैधानिक हमलों ने हम लोगों को चिंता में डाल दिया है। राज्य तथा संघीय ढ़ांचे को नजरंदाज करते हुए खुले तौर पर सांप्रदायिक नफरत की बात करने वालों पर सरकार की चुप्पी और उन पर कार्रवाई की कमी ने हमलोगों को डरा और चिंतित कर दिया है।”

वरिष्ठ लेखक और विद्वान हम्पा नागरजैया ने भी राष्ट्रकवि कुवेम्पु प्रतिष्ठान के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देते हुए उन्होंने हवाला दिया कि कुवेम्पु और राज्यगान के खिलाफ नफरती बयान देने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में वे कहते हैं, "चूंकि सरकार ने न केवल कुवेम्पु और राज्यगान का करने वाले लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई की है, बल्कि जब से उन्हें आधिकारिक समिति का सदस्य बनाया गया है ऐसे में यह लोगों को एक गलत संकेत भेजता है।" प्रो. सिद्धारमैया ने प्राथमिक तथा माध्यमिक शिक्षा मंत्री बी.सी. नागेश को भी पत्र लिखा और उनकी कविता "मनेगलसदा हुदुगी" को नौवीं कक्षा की दूसरी भाषा कन्नड़ पाठ्यपुस्तक में शामिल करने की अनुमति वापस ले ली।

वहीं प्रसिद्ध शिक्षाविद् वीपी निरंजनाराध्या ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर उनके काम के लिए उन्हें सम्मानित करने के राज्य सरकार के निमंत्रण को ठुकरा दिया है। उन्होंने निमंत्रण के जवाब में लिखा, “राज्य सरकार ने शिक्षा का सांप्रदायिकरण और भगवाकरण किया है और इस प्रक्रिया में किसी भी पाठ्यक्रम ढांचे, संवैधानिक मूल्यों और शिक्षा नीति का पालन नहीं किया गया है। चूंकि जिस कार्यक्रम में मुझे आमंत्रित किया गया है, दोनों का नेतृत्व शिक्षा मंत्री कर रहे हैं, ऐसे में मैं संवैधानिक मूल्यों के साथ खड़ा हूं और इसका बहिष्कार करता हूं।”

इस बीच कई प्रगतिशील लेखकों और वकीलों ने गत सोमवार को शहर में धरना प्रदर्शन किया। प्रमुख वकील एपी रंगनाथ, सीएच हनुमंतराय और अन्य ने इस प्रदर्शन में भाग लिया और मांग की कि श्री चक्रतीर्थ के नेतृत्व वाली पाठ्यपुस्तक समीक्षा समिति को समाप्त कर दिया जाए और बारगुरु रामचंद्रप्पा समिति द्वारा अंतिम रूप दी गई पाठ्यपुस्तकों को बहाल किया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि कुवेम्पु और राज्यगान को अपमानित करने के लिए चक्रतीर्थ पर मामला दर्ज किया जाए और उन्हें गिरफ्तार किया जाए। चक्रतीर्थ के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए वतल नागराज ने मैसूर बैंक सर्कल से राज्यगान बजाते हुए एक रथ में कुवेम्पु के एक बड़े चित्र के साथ जुलूस निकाला।

कन्नड़ साहित्य परिषद के अध्यक्ष महेश जोशी ने भी कुवेम्पु और राज्यगान को अपमानित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

पाठ्यपुस्तक पुनरीक्षण समिति और उसके अध्यक्ष रोहित चक्रतीर्थ के खिलाफ विरोध अब और तेज होने की संभावनाहै। प्रगतिशील छात्र संगठनों का एक गठबंधन फ्रीडम पार्क में रोहित चक्रतीर्थ के नेतृत्व वाली पाठ्यपुस्तक समीक्षा समिति को रद्द करने और मंत्री बीसी नागेश के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने जा रहा है। कर्नाटक रक्षण वेदिके ने भी मंगलवार को एक विरोध रैली का आयोजन किया है जिसमें मांग की गई है कि सरकार चक्रतीर्थ के नेतृत्व वाली समिति द्वारा किए गए सभी संशोधनों को खारिज करे और राज्यगान को अपमानित करने के लिए उन पर मामला दर्ज करे और उन्हें गिरफ्तार करे।

ज्ञात हो कि कर्नाटक में सेकेंडरी स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एसएसएलसी) स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में प्रस्तावित संशोधन के खिलाफ कई एक्टिविस्टों और वकीलों ने गत सोमवार को बेंगलुरु में सिविल कोर्ट के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य में स्कूलों के कथित भगवाकरण के लिए राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पाठ्यपुस्तकों की रिवीजन प्रक्रिया असंवैधानिक और ब्राह्मणवादी है।

कर्नाटक सरकार ने स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में संशोधन किया और टीपू सुल्तान से संबंधित कुछ अध्यायों को हटा दिया। विवाद तब बढ़ा जब राज्य सरकार द्वारा आरएसएस के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार के भाषण को कक्षा 10 की कन्नड़ संशोधित पाठ्यपुस्तक में शामिल किया।

रोहित चक्रतीर्थ समिति ने सामाजिक विज्ञान विषय की कक्षा 6 से 10 की पाठ्यपुस्तकों में संशोधन किया था। विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे शिक्षा का भगवाकरण करने का प्रयास बताया।

राज्य भर के शिक्षाविदों और लेखकों ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा था कि राज्य सरकार अपने वैचारिक रुख के अनुरूप राजनीतिक शासन बदलने के साथ पाठ्यक्रम को नहीं बदल सकती है।

saffronisation of education
education
Communalization
communalization of education
BJP
karnataka

Related Stories

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

जौनपुर: कालेज प्रबंधक पर प्रोफ़ेसर को जूते से पीटने का आरोप, लीपापोती में जुटी पुलिस

बच्चे नहीं, शिक्षकों का मूल्यांकन करें तो पता चलेगा शिक्षा का स्तर

अलविदा शहीद ए आज़म भगतसिंह! स्वागत डॉ हेडगेवार !

कर्नाटक: स्कूली किताबों में जोड़ा गया हेडगेवार का भाषण, भाजपा पर लगा शिक्षा के भगवाकरण का आरोप

शिक्षा को बचाने की लड़ाई हमारी युवापीढ़ी और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई का ज़रूरी मोर्चा

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

नई शिक्षा नीति बनाने वालों को शिक्षा की समझ नहीं - अनिता रामपाल

उत्तराखंड : ज़रूरी सुविधाओं के अभाव में बंद होते सरकारी स्कूल, RTE क़ानून की आड़ में निजी स्कूलों का बढ़ता कारोबार 

NEP भारत में सार्वजनिक शिक्षा को नष्ट करने के लिए भाजपा का बुलडोजर: वृंदा करात


बाकी खबरें

  • Itihas Ke Panne
    न्यूज़क्लिक टीम
    भाजपा ने फिर उठायी उपासना स्थल क़ानून को रद्द करने की मांग
    27 Dec 2021
    हाल में ही भाजपा के राज्यसभा के सदस्य हरनाथ सिंह यादव ने उपासना स्थल क़ानून को रद्द करने की मांग की। 'इतिहास के पन्ने, मेरी नज़र से' के इस अंक में नीलांजन मुखोपाध्याय बात कर रहे हैं इसी कानून के बारे…
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: ओमीक्रॉन से बचाव का नायाब नुस्खा!, रात में कर्फ़्यू, दिन में रैली...
    27 Dec 2021
    ओमीक्रॉन से बचाव के नाम पर दिल्ली, यूपी के बाद उत्तराखंड में भी रात्रि कर्फ़्यू लगाया गया है। रात में कर्फ़्यू, दिन में रैली ये किसी भी व्यक्ति को समझ नहीं आ रहा है। विपक्ष तो छोड़िए बीजेपी के सांसद…
  • Christmas Day
    रवि शंकर दुबे
    ..उन्हें क्रिसमस भी बर्दाश्त नहीं, जगह-जगह उत्पात, धमकी, तोड़फोड़
    27 Dec 2021
    जब देश में लोगों को आपसी समझ के साथ एकजुट होने की ज़रूरत होती है, जब जनता कोई त्योहार मना रही होती है, तभी बजरंगदल और कुछ अन्य हिन्दुत्ववादी संगठन जैसे गिरोह सक्रिय हो जाते हैं।
  • Protest
    सोनिया यादव
    ‘(अ)धर्म’ संसद को लेकर गुस्सा, प्रदर्शन, 76 वकीलों ने CJI को लिखी चिट्ठी
    27 Dec 2021
    हरिद्वार की कथित 'धर्म संसद' के भड़काऊ बयानों को लेकर दिल्ली के उत्तराखंड भवन पर आज सोमवार को नागरिक समाज के लोगों और वाम दलों ने विरोध प्रदर्शन कर 'नरसंहार' का आह्वान करने वाले तथाकथित संतों की…
  • kashmir jammu
    सुहैल भट्ट
    विशेषज्ञों के मुताबिक़ कश्मीर में मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति अपने कगार पर है
    27 Dec 2021
    जम्मू-कश्मीर में तनाव से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिसका बड़ा कारण साल 2019 में हटाई गई धारा 370 को मुख्य माना जा रहा है, खुद को कैदी जैसा महसूस कर रहे जम्मू-कश्मीर के लोगों में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License