NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
चुनाव 2022
विधानसभा चुनाव
भारत
राजनीति
"काश! यूपी, केरल जैसा हो जाए...”
ठीक मतदान से पहले योगी आदित्यनाथ ने जो वीडियो जारी किया वो उन्हीं के गले की फांस बन गया है। उन्होंने खुद की कमियां छुपाने के लिए केरल जैसे विकसित राज्य पर सवाल उठा दिया, लेकिन अब उनसे खुद जवाब देते नहीं बन रहा।
रवि शंकर दुबे
11 Feb 2022
"काश! यूपी, केरल जैसा हो जाए...”

यूपी में 10 फरवरी को पहले दौर के मतदान से ऐन पहले 9 फरवरी की रात में योगी आदित्यनाथ के ट्वीटर हैंडल से उनका एक वीडियो ट्वीट होता है, जिसमें वो भारतीय जनता पार्टी के लिए वोट की अपील करते हैं। योगी आदित्यनाथ कहते हैं कि अगर बीजेपी सत्ता में नहीं आई तो उत्तर प्रदेश को केरल, पश्चिम बंगाल और जम्मू कश्मीर बनने से कोई नहीं रोक सकता।

उत्तर प्रदेश के मेरे मतदाता भाइयों एवं बहनों... pic.twitter.com/voB37uA3uV

— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 9, 2022

जिस तरह से पिछले 2 महीने में योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के खिलाफ प्रचार किया है, ऐसे में योगी का ये बयान ज्यादा चौंकाता नहीं है, लेकिन इतना ज़रूर है कि दूसरों पर सवाल उठाने के चक्कर में योगी जी खुद कठघरे में खड़े हो गए।

इस वीडियो से तीन सवाल उठे।

सबसे पहले तो यही कि क्या ऐन मतदान से पहले इस तरह का वीडियो जारी करना सही है। क्या ये आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है।दूसरा सवाल ये कि इस तरह अन्य राज्यों के प्रति डर पैदा कर योगी जी क्या कहना चाह रहे हैं। क्या ये राज्य भारत के राज्य नहीं हैं। क्या यहां चुनी हुई सरकार नहीं है। क्या मोदी राज में यह राज्य भारत से अलग हो गए हैं, उसके नियंत्रण क्षेत्र में नहीं हैं।और तीसरा सवाल यही कि जिन राज्यों से योगी जी यूपी की जनता को डरा रहे हैं कि उनकी सरकार न बनी तो यूपी, केरल, बंगाल और कश्मीर जैसा हो जाएगा, तो इन राज्यों में विकास की स्थिति क्या है। क्या वे यूपी से पीछे हैं या आगे। मानव सूचकांक में उनका क्या स्थान है।

योगी आदित्यनाथ का यह बयान किसी को खासा पसंद नहीं आया, और वो चौतरफा घिर गए... केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने योगी के वीडियो का तुरंत जवाब देते हुए उन्हें आईना दिखाया।

पिनरई विजयन ने ट्वीट कर कहा-" अगर यूपी केरल जैसा हो जाता है, जिसका डर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को है, तो देश की सर्वश्रेष्ठ शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधा, समाज कल्याण, उच्च जीवन स्तर और सौहार्दपूर्ण समाज को यूपी में स्थापित किया जा सकेगा जहाँ जाति और धर्म के नाम पर लोगों की हत्या नहीं होगी। यूपी की जनता यही चाहती है।"

अगर यूपी केरल जैसा हो जाता है, जिसका डर @myogiadityanath को है, तो देश की सर्वश्रेष्ठ शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधा, समाज कल्याण, उच्च जीवन स्तर और सौहार्दपूर्ण समाज को यूपी में स्थापित किया जा सकेगा जहाँ जाति और धर्म के नाम पर लोगों की हत्या नहीं होगी। यूपी की जनता यही चाहती है।

— Pinarayi Vijayan (@vijayanpinarayi) February 10, 2022

इस बार उत्तर प्रदेश चुनाव में अखिलेश यादव के साथी और पश्चिमी यूपी में योगी के गले की फांस बने आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी ने योगी आदित्यनाथ के वीडियो का तुरंत जवाब दिया, उन्होंने ट्वीट कि-" उत्तर प्रदेश के मुक़ाबले जम्मू - कश्मीर में प्रति व्यक्ति आय दुगने के क़रीब है, बंगाल की तीन गुना और केरल सात गुना है….’’

उत्तर प्रदेश के मुक़ाबले जम्मू - कश्मीर का प्रति व्यक्ति आय दुगने के क़रीब है, बंगाल का तीन गुना और केरल सात गुना है…. https://t.co/ls39QP8e8s

— Jayant Singh (@jayantrld) February 10, 2022

आपको यह भी बताते चलें कि केरल में औसत आयु 75.2 वर्ष है, जबकि उत्तर प्रदेश में ये महज़ 65 वर्ष है। योगी आदित्यनाथ ने बंगाल का भी जिक्र किया था, इसलिए उन्हें पता होना चाहिए कि वहां भी आयु औसत 71.2 वर्ष है। जबकि जम्मू-कश्मीर में औसत आयु तीनों से राज्यों से बेहतर स्थिति में है।

वहीं बात अगर शिक्षित आबादी की करें तो उत्तर प्रदेश सबसे आखिर में 73.6 प्रतिशत है। केरल में 96.2 प्रतिशत और पं बंगाल में 80.5 प्रतिशत है।

आपराध के मामले में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर है, मानवाधिकार हनन के मामले में शीर्ष पर है, बलात्कार के मामले में शीर्ष पर है, तथाकथित पुलिस एनकाउंटर के मामले में शीर्ष पर है और आन्दोलनकारियों पर मुकदमे ठोकने और जनता के दमन के मामले में शीर्ष पर है। सरकार खुद बार-बार 15 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त अनाज देने का ऐलान कर साबित कर देती है कि गरीबों की संख्या के मामले में भी यह राज्य अव्वल है।

जब देश कोरोनाकाल में उल्टी सांसे ले रहा था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि आपदा में अवसर ढूंढे। वाकई, देश को विकास का झांसा देकर खुद का विकास करने में जुटी भाजपा पर प्रधानमंत्री का ये मंत्र बिल्कुल ठीक बैठता है, जिसकी गवाही उत्तर प्रदेश का हर गांव-ज़िला देता है।

वाकई अब यूपी के लोग कह रहे हैं कि काश! यूपी भी केरल जैसा बन जाए।

 

Yogi Adityanath
UP
Pinrayi Vijayan
UP ELections 2022

Related Stories

सियासत: अखिलेश ने क्यों तय किया सांसद की जगह विधायक रहना!

विधानसभा चुनाव परिणाम: लोकतंत्र को गूंगा-बहरा बनाने की प्रक्रिया

यूपी चुनाव नतीजे: कई सीटों पर 500 वोटों से भी कम रहा जीत-हार का अंतर

यूपीः किसान आंदोलन और गठबंधन के गढ़ में भी भाजपा को महज़ 18 सीटों का हुआ नुक़सान

यूपी के नए राजनीतिक परिदृश्य में बसपा की बहुजन राजनीति का हाशिये पर चले जाना

यूपी चुनाव : पूर्वांचल में हर दांव रहा नाकाम, न गठबंधन-न गोलबंदी आया काम !

यूपी चुनाव: कई दिग्गजों को देखना पड़ा हार का मुंह, डिप्टी सीएम तक नहीं बचा सके अपनी सीट

जनादेश—2022: वोटों में क्यों नहीं ट्रांसलेट हो पाया जनता का गुस्सा

जनादेश-2022: यूपी समेत चार राज्यों में बीजेपी की वापसी और पंजाब में आप की जीत के मायने

यूपी चुनाव: प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की वापसी


बाकी खबरें

  • जितेन्द्र कुमार
    मुद्दा: बिखरती हुई सामाजिक न्याय की राजनीति
    11 Apr 2022
    कई टिप्पणीकारों के अनुसार राजनीति का यह ऐसा दौर है जिसमें राष्ट्रवाद, आर्थिकी और देश-समाज की बदहाली पर राज करेगा। लेकिन विभिन्न तरह की टिप्पणियों के बीच इतना तो तय है कि वर्तमान दौर की राजनीति ने…
  • एम.ओबैद
    नक्शे का पेचः भागलपुर कैंसर अस्पताल का सपना अब भी अधूरा, दूर जाने को मजबूर 13 ज़िलों के लोग
    11 Apr 2022
    बिहार के भागलपुर समेत पूर्वी बिहार और कोसी-सीमांचल के 13 ज़िलों के लोग आज भी कैंसर के इलाज के लिए मुज़फ़्फ़रपुर और प्रदेश की राजधानी पटना या देश की राजधानी दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों का चक्कर काट…
  • रवि शंकर दुबे
    दुर्भाग्य! रामनवमी और रमज़ान भी सियासत की ज़द में आ गए
    11 Apr 2022
    रामनवमी और रमज़ान जैसे पर्व को बदनाम करने के लिए अराजक तत्व अपनी पूरी ताक़त झोंक रहे हैं, सियासत के शह में पल रहे कुछ लोग गंगा-जमुनी तहज़ीब को पूरी तरह से ध्वस्त करने में लगे हैं।
  • सुबोध वर्मा
    अमृत काल: बेरोज़गारी और कम भत्ते से परेशान जनता
    11 Apr 2022
    सीएमआईए के मुताबिक़, श्रम भागीदारी में तेज़ गिरावट आई है, बेरोज़गारी दर भी 7 फ़ीसदी या इससे ज़्यादा ही बनी हुई है। साथ ही 2020-21 में औसत वार्षिक आय भी एक लाख सत्तर हजार रुपये के बेहद निचले स्तर पर…
  • JNU
    न्यूज़क्लिक टीम
    JNU: मांस परोसने को लेकर बवाल, ABVP कठघरे में !
    11 Apr 2022
    जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में दो साल बाद फिर हिंसा देखने को मिली जब कथित तौर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से संबद्ध छात्रों ने राम नवमी के अवसर कैम्पस में मांसाहार परोसे जाने का विरोध किया. जब…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License