NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका की प्रतिनिधि सभा ने जॉर्ज फ्लॉयड के नाम वाला पुलिस सुधार बिल पास किया
रिपब्लिकन और राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस बिल का विरोध किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 24 जून को बिल को वीटो करने की धमकी दी है।
पीपल्स डिस्पैच
26 Jun 2020
अमेरिका

25 जून को पुलिस हिरासत में जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के ठीक एक महीने के बाद अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रजेन्टेटिव्स) ने उनके नाम वाला एक पुलिस सुधार बिल पारित किया। प्रस्तावित अधिनियम को जॉर्ज फ्लॉयड जस्टिस इन पुलिसिंग एक्ट कहा गया है और पुलिस सुधारों के लिए कुछ व्यापक प्रावधान हैं जिसमें पुलिस कर्मियों को अपने शक्ति के दुरुपयोग के प्रयास में क़ानूनी बाधाओं को समाप्त करना शामिल है।

इस प्रस्तावित अधिनियम में सभी प्रकार के पुलिस दुर्व्यवहारों की जांच के लिए 2.5 बिलियन यूएसडी का फंड उपलब्ध कराया गया है और "नेक होल्ड" के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया गया है जिससे जॉर्ज फ्लॉयड की मौत हो गई। इस विधेयक में कुछ समुदायों में सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस बल के प्रतिस्थापन का भी प्रस्ताव है। यह "नो नॉक" वारंट को समाप्त करने का प्रस्ताव करता है और पुलिस को सरप्लस सैन्य उपकरणों के प्रवाह पर रोक लगाता है।

हालांकि, ये बिल बीएलएम की प्रमुख मांग की चर्चा नहीं करता है जो पुलिस की फंड को रोक रहा है और अन्य सामुदायिक सेवाओं के लिए इस राशि का उपयोग कर रहा है।

इस बिल को डेमोक्रेटिक पार्टी के नियंत्रित वाले सदन में 236 सदस्यों द्वारा इसके पक्ष में मतदान के बाद पारित कर दिया गया जबकि 181 सदस्यों ने इसका विरोध किया। ये मतदान व्यापक रूप से रिपब्लिकन पार्टी के पार्टी लाइन पर डाला गया था जो इस बिल का विरोध कर रही थी। पार्टी लाइन के ख़िलाफ़ सिर्फ तीन रिपब्लिकन गए और इस बिल के पक्ष में मतदान किया।

हाउस स्पीकर नैंसी पेलोसी ने कहा, "जॉर्ज फ्लॉयड जस्टिस एंड पुलिसिंग एक्ट मूल रूप से सुनियोजित नस्लवाद से निपटने के लिए पुलिसिंग की संस्कृति को बदलेगा, पुलिस की बर्बरता पर अंकुश लगाएगा और हमारे पुलिस विभागों में जवाबदेही लाएगा।"

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 24 जून को बिल को वीटो करने की धमकी दी है। रिपब्लिकन पार्टी ने पुलिस सुधार का एक मामूली संस्करण पेश किया है, जिसे सीनेट में पेश किया जाएगा जहां इसका बहुमत है।

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार दोनों संस्करणों के बीच समझौता होने की संभावना है जिसके पहले से ही कुछ सामान्य बिंदु हैं जैसे कि कदाचार के आरोपी अधिकारियों के लिए एक राष्ट्रीय रजिस्ट्री का निर्माण करना। हालांकि, अगर डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन के बीच एक साझा आधार की तलाश करने का प्रयास विफल हो जाता है तो ये बिल कानून नहीं बन पाएगा।

George Floyd
Policing Act
Racism
America
Donand Trump

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

जॉर्ज फ्लॉय्ड की मौत के 2 साल बाद क्या अमेरिका में कुछ बदलाव आया?

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

प्रधानमंत्री ने गलत समझा : गांधी पर बनी किसी बायोपिक से ज़्यादा शानदार है उनका जीवन 

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम

यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!


बाकी खबरें

  • अनिल सिन्हा
    उत्तर प्रदेशः हम क्यों नहीं देख पा रहे हैं जनमत के अपहरण को!
    12 Mar 2022
    हालात के समग्र विश्लेषण की जगह सरलीकरण का सहारा लेकर हम उत्तर प्रदेश में 2024 के पूर्वाभ्यास को नहीं समझ सकते हैं।
  • uttarakhand
    एम.ओबैद
    उत्तराखंडः 5 सीटें ऐसी जिन पर 1 हज़ार से कम वोटों से हुई हार-जीत
    12 Mar 2022
    प्रदेश की पांच ऐसी सीटें हैं जहां एक हज़ार से कम वोटों के अंतर से प्रत्याशियों की जीत-हार का फ़ैसला हुआ। आइए जानते हैं कि कौन सी हैं ये सीटें—
  • ITI
    सौरव कुमार
    बेंगलुरु: बर्ख़ास्तगी के विरोध में ITI कर्मचारियों का धरना जारी, 100 दिन पार 
    12 Mar 2022
    एक फैक्ट-फाइंडिंग पैनल के मुतबिक, पहली कोविड-19 लहर के बाद ही आईटीआई ने ठेके पर कार्यरत श्रमिकों को ‘कुशल’ से ‘अकुशल’ की श्रेणी में पदावनत कर दिया था।
  • Caste in UP elections
    अजय कुमार
    CSDS पोस्ट पोल सर्वे: भाजपा का जातिगत गठबंधन समाजवादी पार्टी से ज़्यादा कामयाब
    12 Mar 2022
    सीएसडीएस के उत्तर प्रदेश के सर्वे के मुताबिक भाजपा और भाजपा के सहयोगी दलों ने यादव और मुस्लिमों को छोड़कर प्रदेश की तकरीबन हर जाति से अच्छा खासा वोट हासिल किया है।
  • app based wokers
    संदीप चक्रवर्ती
    पश्चिम बंगाल: डिलीवरी बॉयज का शोषण करती ऐप कंपनियां, सरकारी हस्तक्षेप की ज़रूरत 
    12 Mar 2022
    "हम चाहते हैं कि हमारे वास्तविक नियोक्ता, फ्लिपकार्ट या ई-कार्ट हमें नियुक्ति पत्र दें और हर महीने के लिए हमारा एक निश्चित भुगतान तय किया जाए। सरकार ने जैसा ओला और उबर के मामले में हस्तक्षेप किया,…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License