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अम्बेडकर जयंती विशेष : हिंदुत्व के ख़तरे!
डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने स्वाधीनता आंदोलन और उसके बाद हमेशा स्वतन्त्रता, समता और बंधुत्व आधारित लोकतांत्रिक भारत के लिए संघर्ष किया। उनकी जयंती के मौके पर वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश इस महान् विचारक के मौलिक चिंतन के कुछ बेहद प्रासंगिक पहलुओं पर रोशनी डाल रहे हैं!
न्यूज़क्लिक टीम
14 Apr 2019

डॉ. भीमराव अम्बेडकर भारत के आधुनिक इतिहास की बेमिसाल शख्सियत और सर्वाधिक पढ़े जाने वाले लेखक-विचारक हैं!, स्वाधीनता आंदोलन और उसके बाद, उन्होंने हमेशा स्वतन्त्रता, समता और बंधुत्व आधारित लोकतांत्रिक भारत के लिए संघर्ष किया। उनका मानना था कि हिंदू-वर्णव्यवस्था जनतंत्र और राष्ट्र निर्माण के रास्ते में बड़ी बाधा है। यही कारण है कि उन्होंने 'जातियों के विनाश' का आह्वान किया। डॉ. अम्बेडकर की जयंती (14 अप्रैल) पर वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश इस महान् विचारक के मौलिक चिंतन के कुछ बेहद प्रासंगिक पहलुओं पर रोशनी डाल रहे हैं!

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CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License