NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
विज्ञान
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेज़न जंगल की आग ख़तरनाक क्यों है?
रिपोर्ट के अनुसार डिफ़ोरेस्टेशन (वनों की कटाई और आग) को इसका प्रमुख कारण माना जाता है।
28 Aug 2019
अमेज़न जंगल

अमेज़न के जंगल में पिछले कई दिनों से आग लगी है और यह इतना भयानक है कि इसके धुएं ने आसपास के शहरों और इलाक़ों को काले बादलों की तरह ढक दिया है। यह बताया गया है कि ब्राजील के राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (आइएनपीई) ने इस साल 72,000 से ज़्यादा आग की घटना को रिकॉर्ड किया है जो कि पिछले वर्ष से लगभग 80% ज़्यादा है। सबसे ज़्यादा चिंता की बात ये है कि आग लगने की इन घटनाओं में से 9,000 से अधिक घटनाएं पिछले सप्ताह हुई है।

इस आग ने पश्चिमोत्तर ब्राजील के कई बड़े अमेज़न राज्यों को अपनी चपेट में ले लिया है। नासा ने 11 अगस्त को कहा कि आग इतनी भयावह है कि इसे अंतरिक्ष से देखा जा सकता है।

डिफ़ोरेस्टेशन का आरोप

द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक़ जुलाई महीने में ही अमेज़न वर्षावन का 519 वर्ग मील (1,345 वर्ग किलोमीटर) नुक़सान हुआ है। यह क्षेत्र टोक्यो से दोगुना है। एक ही महीने में अमेज़न में वनों के नुक़सान का यह रिकॉर्ड बन गया है। ब्राज़ील के उपग्रहों से मिले आंकड़ों से पता चलता है कि लगभग तीन फुटबॉल मैदानों के क्षेत्र के बराबर अमेज़न के पेड़ हर मिनट नष्ट हो रहे हैं। जुलाई 2018 से वनों के नुकसान का कुल क्षेत्र 39% से अधिक हो गया है। लकड़ी प्राप्त करने, पशुपालन करने और खनन के लिए पिछले 50 वर्षों में अमेज़न के जंगलों का पांचवां हिस्सा पहले ही काट और जला दिया गया है। इंटरसेप्ट के अनुसार लगभग 3,00,000 वर्ग मील जितना वनों की कटाई हुई है या उसे जलाया गया है। ये क्षेत्र टेक्सास और अमेरिका से बड़ा है।

कोई वन ऐसे मोड़ पर पहुंच जाता है कि जहां वनों की कटाई और उसके जलने से वनों का अधिक नुक़सान होता है जिससे क्षेत्र शुष्क हो जाता है। इस तरह वनों का नुक़सान बढ़ जाता है। अमेज़न में बारिश का अधिकांश हिस्सा इस वर्षावन द्वारा ही होता है। ज़ाहिर है, जैसे ही पेड़ ग़ायब होते हैं वर्षा में गिरावट आती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेज़न अंतिम छोर तक पहुंचने वाला है जहां से वह पहले की स्थिति में वापस नहीं आ सकता है। जैसा कि अमेज़न में वर्षा का आधा हिस्सा इस वर्षावन द्वारा ही तैयार होता है ऐसे में ये विनाश इस क्षेत्र को सूखा बना देगा और आग की घटनाएं अधिक होने लगेगी।

अमेज़न डिफ़ोरेस्टेशन और जलवायु परिवर्तन पर इसके प्रभाव से संबंधित विषय के विशेषज्ञ अड्रियाने म्यूलबर्ट कहते हैं, "पिछले कुछ वर्षों में [वाइल्डफ़ायर] बारिश की कमी को लेकर काफ़ी ज़्यादा हुए, लेकिन इस साल तो काफ़ी नमी रही है। ऐसे में यह हमें सोचने को मजबूर करता है कि यह वनों की कटाई (डिफ़ोरेस्टेशन) से पैदा हुई आग है।"

वनों के नुकसान (डिफ़ोरेस्टेशन) की मौजूदा प्रवृत्ति जो परेशान करने वाली है वह अमेज़न वर्षावन के स्थायी रूप से ग़ायब होने की संभावना है। डाइबैक वह स्थिति है जिसमें जंगल सूख जाता है और जल जाता है। जब यह डाईबैक शुरू हो जाता है तो ये जंगल ऐसे बिंदु पर पहुंच जाएगा जहां कोई भी मानवीय प्रयास "पहुंच से परे" हो जाएंगे। ऐसी स्थिति में क्या होगा जब अमेज़न सवाना जैसे भूखंड में में बदल जाएगा।

दक्षिण पंथी जायर बोल्सनारो ने ब्राजील की कमान संभालते ही तबाही शुरु हो गई। बोल्सनारो प्रशासन ने प्राकृतिक भूमि भंडार पर सुरक्षा को ढीला करने के लिए काम किया है। बोल्सनारो प्रशासन ने नीतिगत स्तर पर परिवर्तनों के संदर्भ में जो पहली चीज़ें की थीं उनमें से एक है कि ब्राजील के एफयूएनएआइ (द नेशनल इंडियन फ़ाउंडेशन) से संरक्षित क्षेत्रों के रूप में स्वदेशी भूमि को प्रमाणित करने के लिए प्राधिकरण का कृषि मंत्रालय को स्थानांतरण। हालांकि, मूल निवासी समुदायों द्वारा भारी विरोध के कारण इस बदलाव को रिज़र्व करना पड़ा।

दुनिया का सबसे बड़ा वर्षावन होने के चलते अमेज़न दुनिया के कार्बन-डाइऑक्साइड स्तर को नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पौधे और पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं और वातावरण में ऑक्सीज़न लौटाते हैं जिस प्रक्रिया के ज़रिए वे जीवित रहते हैं। इस प्रक्रिया को प्रकाश संश्लेषण कहते हैं। अमेज़न 2.1 मिलियन वर्ग मील को कवर करता है। घना जंगल होने के कारण इसे इस ग्रह का फेफड़ा कहा जाता है। निस्संदेह, यही कारण है कि अमेज़न का बेहतर स्थिति में होना बेहद महत्वपूर्ण है ऐसे समय में जब जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग अपने चरम बिंदु पर पहुंच चुका है।

Amazon Wildfire
Amazon Deforestation
Bolsanaro
Lungs of the Earth.

Related Stories


बाकी खबरें

  • राज वाल्मीकि
    अब साहित्य का दक्षिण टोला बनाने की एक कोशिश हो रही है: जयप्रकाश कर्दम
    13 Feb 2022
    इतवार विशेष: दलित साहित्य और दलित लेखकों के साथ भेदभाव हो रहा है जैसे गांव में होता है न, दलित बस्ती दक्षिण टोला। दलित साहित्य को भी यह मान लीजिए कि यह एक दक्षिण टोला है। इस तरह वे लोग दलित साहित्य…
  • Saharanpur
    शंभूनाथ शुक्ल
    यूपी चुनाव 2022: शांति का प्रहरी बनता रहा है सहारनपुर
    13 Feb 2022
    बीजेपी की असली परीक्षा दूसरे चरण में हैं, जहां सोमवार, 14 फरवरी को वोट पड़ेंगे। दूसरे चरण में वोटिंग सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, संभल, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बदायूँ, शाहजहांपुर ज़िलों की विधानसभा…
  • Uttarakhand
    कृष्ण सिंह
    चुनाव 2022: उत्तराखंड में दलितों के मुद्दे हाशिये पर क्यों रहते हैं?
    13 Feb 2022
    अलग उत्तराखंड राज्य बनने के बाद भी दलित समाज के अस्तित्व से जुड़े सवाल कभी भी मुख्यधारा के राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक प्रश्न नहीं रहे हैं। पहाड़ी जिलों में तो दलितों की स्थिति और भी…
  • Modi
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: अगर आरएसएस न होता...अगर बीजेपी नहीं होती
    13 Feb 2022
    "...ये तो अंग्रेजों की चापलूसी में लगे थे। कह रहे थे, अभी न जाओ छोड़ कर, कि दिल अभी भरा नहीं"
  • election
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: चुनाव आयोग की साख पर इतना गंभीर सवाल!
    13 Feb 2022
    हर हफ़्ते की कुछ खबरें और उनकी बारिकियाँ बड़ी खबरों के पीछे छूट जाती हैं। वरिष्ठ पत्रकार जैन हफ़्ते की इन्हीं कुछ खबरों के बारे में बता रहे हैं। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License