NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका और सऊदी अरब के खिलाफ यमन में हज़ारों लोग सडकों पर उतरे
तीन साल पहले सऊदी अरेबिया के नेतृत्त्व के एक अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन ने यमन और हौथी विद्रोहियों के खिलाफ़ बमबारी शुरू कीI हौथी विद्रोहियों ने साल 2015 में एक अलोकप्रिय सरकार का तख़्ता पलट किया थाI
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
29 Mar 2018
Yemen

यमन में छिड़ा युद्ध अपने चौथे साल में दाखिल हो चुका हैI यमन के हज़ारों-हज़ार नागरिकों ने इस अंतर्राष्ट्रीय आक्रमण, जिसमें यमन के हज़ारों नागरिकों अपनी जान गवाँ चुके हैं, के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन कियाI 26 मार्च, इस युद्ध की शुरुआत की बरसी, को लोग सना के सबीन चौक में इस युद्ध को खत्म करने की माँग को लेकर इकट्ठा हुएI

तीन साल पहले सऊदी अरेबिया के नेतृत्त्व के एक अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन ने यमन और हौथी विद्रोहियों के खिलाफ़ बमबारी शुरू कीI हौथी विद्रोहियों ने साल 2015 में एक अलोकप्रिय सरकार का तख़्ता पलट किया थाI

यमन में युद्ध बहुत ही बुरे दौर में दाखिल हो चुकी हैI इसका अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन की गोलाबारी से स्वास्थ और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं का ढाँचा नेस्तनाबूद हो चुका हैI सऊदी द्वारा देश के सैन्य घेराव की वजह से स्थिति और भी बद्दतर हो चली है और दुनिया में सबसे बड़े स्तर पर यहाँ कॉलरा फैला है जिससे अब तक कई जानें जा चुकी हैंI

ख़बरों के मुताबिक, देश में सप्लाई किया जा रहा आधे से ज़्यादा पेय जल पीना ख़तरनाक हैI

हौथी द्वारा सऊदी अरेबिया पर किये गये हालिया राकेट हमले के संदर्भ में बात करते हुए, बड़े विद्रोही नेता सालेह अल-सम्मद ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि यह ‘सम्प्रभुता पुन:स्थापित’ करने के लिए हैI  

उन्होंने कहा, ‘तुम [सऊदी के नेतृत्त्व में बमबारी] रेड बंद करो, फिर हम अपने राकेट बंद करेंगे’ I

इस युद्ध को ‘forgotten’ (भूला हुआ) युद्ध भी कहा जाता है क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय मीडिया और राजनीतिक चर्चा में इसका बहुत कम ज़िक्र होता हैI लेकिन हाल ही में युद्ध बहुत ही भयानक दौर में दाखिल हो चुका है इसलिए कई पश्चिमी देश इस युद्ध से किनारा करते दिख रहे हैंI हाल ही में, जर्मनी ने इस युद्ध में संलिप्त देशों को हथियार निर्यात करना बंद कर दिया और नॉर्वे ने यूनाइटेड अरब एमिरेट्स की इस युद्ध में भागीदारी की वजह से उसके साथ हथियारों की बिक्री रद्द कर दी हैI  

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भर्त्सना के बावजूद यूनाइटेड स्टेट्स और यूनाइटेड किंगडम सऊदी को और हथियार मुहैया करवा रहे हैI यही देश इस युद्ध में अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन को तार्किक और अन्य सामग्री दे रहे हैंI

अल-सम्मद ने रैली में बताया कि, ‘अमरीकी ही इस आक्रामकता को बढ़ा रहे हैं और कई मोर्चों पर सीधे तौर पर भाग ले रहे हैं’I.

अल-सम्मद ने कहा, ‘सीनेट के रूख से साफ़ पता चलता है कि शुरू से ही यह आक्रामकता अमेरिकी और से ही था’I

तीस साल से CIA से जुड़े और Brookings Institution के एक सीनियर फेलो Bruce Riedel ने स्पष्ट किया गया कि, ‘अगर यूनाइटेड स्टेट्स और यूनाइटेड किंगडम आज रात [सऊदी अरबिया] के राजा सलमान को कहें कि ‘युद्ध ख़त्म होना चाहिए’ तो युद्ध कल खत्म हो जायेगाI बिना अमरीकी और ब्रिटिश सहायता के रॉयल सऊदी एयर फ़ोर्स काम नहीं कर सकती’I 

यमन
अमेरिका
सऊदी अरब
विरोध प्रदर्शन

Related Stories

तुम हमें हमारे जीवन के साथ समझौता करने के लिए क्यों कह रहे हो?

क्या बंदूक़धारी हमारे ग्रह को साँस लेने देंगे

क्लाइमेट फाइनेंस: कहीं खोखला ना रह जाए जलवायु सम्मेलन का सारा तामझाम!

COP26 के एलानों पर ताली बजाने से पहले जलवायु संकट की कहानी जान लीजिए!

वेदांता की सहायक कंपनी के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन पर पुलिस फायरिंग से 11 लोगों की मौत

सीरिया के पूर्वी घौटा में क्या हो रहा है?

"VC हटाओ JNU बचाओ"- शिक्षा को बचाने हजारों ने निकाला मार्च

इज़रायल का ख़ूनी और अमानवीय अतीत

उत्तर कोरिया और अमेरिका : परमाणु युद्ध का बढ़ता खतरा ?

क्रांतिकारी चे ग्वेरा को याद करते हुए


बाकी खबरें

  • itihas ke panne
    न्यूज़क्लिक टीम
    मलियाना नरसंहार के 35 साल, क्या मिल पाया पीड़ितों को इंसाफ?
    22 May 2022
    न्यूज़क्लिक की इस ख़ास पेशकश में वरिष्ठ पत्रकार नीलांजन मुखोपाध्याय ने पत्रकार और मेरठ दंगो को करीब से देख चुके कुर्बान अली से बात की | 35 साल पहले उत्तर प्रदेश में मेरठ के पास हुए बर्बर मलियाना-…
  • Modi
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: मोदी और शी जिनपिंग के “निज़ी” रिश्तों से लेकर विदेशी कंपनियों के भारत छोड़ने तक
    22 May 2022
    हर बार की तरह इस हफ़्ते भी, इस सप्ताह की ज़रूरी ख़बरों को लेकर आए हैं लेखक अनिल जैन..
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : 'कल शब मौसम की पहली बारिश थी...'
    22 May 2022
    बदलते मौसम को उर्दू शायरी में कई तरीक़ों से ढाला गया है, ये मौसम कभी दोस्त है तो कभी दुश्मन। बदलते मौसम के बीच पढ़िये परवीन शाकिर की एक नज़्म और इदरीस बाबर की एक ग़ज़ल।
  • diwakar
    अनिल अंशुमन
    बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका
    22 May 2022
    बिहार के चर्चित क्रन्तिकारी किसान आन्दोलन की धरती कही जानेवाली भोजपुर की धरती से जुड़े आरा के युवा जन संस्कृतिकर्मी व आला दर्जे के प्रयोगधर्मी चित्रकार राकेश कुमार दिवाकर को एक जीवंत मिसाल माना जा…
  • उपेंद्र स्वामी
    ऑस्ट्रेलिया: नौ साल बाद लिबरल पार्टी सत्ता से बेदख़ल, लेबर नेता अल्बानीज होंगे नए प्रधानमंत्री
    22 May 2022
    ऑस्ट्रेलिया में नतीजों के गहरे निहितार्थ हैं। यह भी कि क्या अब पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन बन गए हैं चुनावी मुद्दे!
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License