NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
तालिबान द्वारा दिए गए आश्वासनों के बावजूद अफ़ग़ानवासियों को अपने भविष्य की चिंता
कई मीडिया संगठनों की रिपोर्ट के मुताबिक़, अमेरिका ने रविवार को देश में अरबों डॉलर की अफ़ग़ान संपत्ति को फ्रीज़ कर दिया है।
पीपल्स डिस्पैच
18 Aug 2021
taiban

तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने मंगलवार 17 अगस्त को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि तालिबान अफगानिस्तान में युद्ध का अंत चाहता है और इसलिए देश में जल्द ही एक समावेशी सरकार बनाना चाहता है। उसने यह भी आश्वासन दिया कि तालिबान महिलाओं को इस्लाम के आधार पर उनके अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है और उनके साथ कोई भेदभाव नहीं होगा।

उसने इस बात पर भी जोर दिया कि हालांकि इस समूह की विचारधारा और धारणा 1990 के दशक के जैसा है, उधर तालिबान ने पिछले 20 वर्षों में नए अनुभव हासिल किया है और एक नया दृष्टिकोण विकसित किया है।

मुजाहिद ने यह भी कहा कि काबुल में सुरक्षा बढ़ा दी गई है क्योंकि पहले दिन की उलझन सुलझ गई है। उसने यह भी आश्वासन दिया कि तालिबान ने एक आम माफी जारी की है और पिछली सरकारों और विदेशों के साथ काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को दंडित नहीं किया जाएगा और उनके घरों की तलाशी नहीं ली जाएगी।

उसने यह भी गारंटी दी कि पॉपी की खेती और ड्रग व्यापार के केंद्र के रूप में अफगानिस्तान की छवि बदल जाएगी और तालिबान इसे हासिल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की तलाश करेगा।


मुजाहिद ने यह भी आश्वासन दिया कि देश में मीडिया को स्वतंत्र रूप से काम करने की अनुमति दी जाएगी यदि वे निष्पक्ष और राष्ट्रीय हित और इस्लाम के मूल्यों को लेकर सावधान रहें।


तालिबान द्वारा परिवर्तन के आश्वासन और दावों के बावजूद, कई अफगानों ने अपनी आशंका व्यक्त की। कुछ लोगों ने मंगलवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस को जमीनी वास्तविक घटनाओं से दुनिया को विचलित करने के लिए "प्रोपगैंडा" का एक प्रयास बताया।


मंगलवार को काबुल में अलग-अलग जगहों पर कुछ महिलाएं अपने अधिकारों की सुरक्षा की मांग करते हुए प्रदर्शन कर रहीं थी जिसकी कई वीडियो सामने आई।

इस बीच, कई मीडिया संगठनों ने बुधवार को रिपोर्ट किया कि जो बाइडेन प्रशासन ने तालिबान को इस्तेमाल करने से रोकने के लिए अमेरिका में सभी अफगान सरकार की संपत्तियों को फ्रीज करने का फैसला किया है। वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान का अमेरिका में अरबों डॉलर की संपत्ति है। अमेरिकी सरकार ने अभी तक इस रिपोर्ट की पुष्टि करने से इनकार कर दिया है।

मंगलवार को भी विदेशी नागरिकों और दूतावास के कर्मचारियों को निकालने का काम जारी रहा। फ्रांस, जर्मनी और भारत जैसे देशों ने अपने दूतावास खाली कर दिए। भारत ने अपने सभी कर्मचारियों की पूरी तरह से वापसी के साथ अपना दूतावास बंद कर दिया। खाली कराने के कार्यों को तालिबान सैनिकों द्वारा सहायता की गई थी।

Afghanistan
Syria
America
TALIBAN
american assets
media in afghanistan

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

उथल-पुथल: राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता से जूझता विश्व  

भोजन की भारी क़िल्लत का सामना कर रहे दो करोड़ अफ़ग़ानी : आईपीसी

असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

तालिबान: महिला खिलाड़ियों के लिए जेल जैसे हालात, एथलीटों को मिल रहीं धमकियाँ

पाकिस्तान ने फिर छेड़ा पश्तून का मसला

तालिबान को सत्ता संभाले 200 से ज़्यादा दिन लेकिन लड़कियों को नहीं मिल पा रही शिक्षा

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में स्कूल के निकट सीरियल ब्लास्ट, छात्रों समेत 6 की मौत

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन


बाकी खबरें

  • asgar
    सौरव कुमार
    धनबाद: कोरोना महामारी में कोयला बिनाई का काम करने वालों ने गंवाई जानें और आजीविका
    01 Nov 2021
    लॉकडाउन में कोयला खदानों के चालू रहने के बावजूद, आवाजाही पर लगे कड़े प्रतिबंधों के चलते कोयला बीनने वालों की आय खत्म हो गई।
  • dengue
    भाषा
    दिल्ली में डेंगू के मामले बढ़े, अब तक 6 की मौत, स्वास्थ्य मंत्री ने की स्थिति की समीक्षा
    01 Nov 2021
    सोमवार को जारी दिल्ली नगर निकाय की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस साल अभी तक मच्छिर जनित बीमारी के कारण छह लोगों की मौत हुई जबकि डेंगू के मामले बढ़कर 1,530 हो गए।
  •  Rupesh Prajapati
    सरोजिनी बिष्ट
    रूपेश प्रजापति केस : सुसाइड या जेल में हत्या? न्याय की भीख मांगता एक परिवार
    01 Nov 2021
    रूपेश कुमार प्रजापति कौन है? आखिर उसके साथ क्या हुआ कि मानवाधिकार आयोग तक को संज्ञान लेना पड़ा, ये सवाल आज बेहद अहम हैं क्योंकि इन्हीं सवालों के जवाब हमें यह बताते हैं कि एक ताकतवर सिस्टम किस कदर एक…
  • India
    आत्मन शाह
    नहीं, भारत "मुस्लिम-राष्ट्र" नहीं बनेगा! 
    01 Nov 2021
    भारत के मुस्लिम-बहुल राष्ट्र में बदलने की आशंका एक झूठा प्रचार है, जो प्रचार देश में हिंदू और मुस्लिम आबादी के विकास की ऐतिहासिक दर को ध्यान में नहीं रखता है।
  • banaras
    विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्टः जिस मुसहर बस्ती में 42 दिन पहले मना था मोदी के जन्मदिन का जश्न, उस पर ही चलवा दिया बुलडोज़र
    01 Nov 2021
    "सबसे पहले हमारे बच्चों की पाठशाला पर बुलडोज़र गरजा। फिर झोपड़ी ढहाई जाने लगी। हमारे घरों का सारा सामान निकालकर बाहर फेंका जाने लगा। ठंड के बावजूद बस्ती के 62 लोग खुले आसमान के नीचे आ गए हैं।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License