NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
अनिल अंबानी के शेयरधारक नाराज़, 'क्लास एक्शन' मुकदमे की चेतावनी
अनिल अंबानी समूह की कंपनियों के शेयरधारकों ने लगातार नुकसान के चलते प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की चेतावनी दी है।
भाषा
01 Oct 2019
anil ambani
Image courtesy:Moneycontrol

मुंबई : लगातार खराब प्रदर्शन की वजह से व्यापक तौर पर संपत्ति में आई कमी को देखते हुए अनिल अंबानी समूह की कंपनियों के शेयरधारकों ने प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की चेतावनी दी है।

सोमवार को यहां रिलायंस पावर की वार्षिक आम बैठक में एक शेयरधारक ने तो यहां तक चेतावनी दे दी कि अगर उसके उठाये गये मुद्दों का अगले दो से तीन महीने में हल नहीं निकाला जाता तो वह समूह की कंपनियों के खिलाफ देश का पहला क्लास एक्शन सूट (बहुत से धारक जब मिलकर याचिका दायर करते हैं) दायर कराने की चेतावनी दे दी। इस शेयरधारक का समर्थन वहां बैठे अन्य शेयरधारकों ने भी किया।

हालांकि इस बीच कंपनी के अधिकारियों ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें बोलने से रोकने की कोशिश की लेकिन अंबानी ने उन्हें अपनी बात जारी रखने को कहा।

इस शेयरधारक ने खुद को शहर का कॉर्पोरेट वकील बताया और उसका कहना था कि वह रिलायंस समूह की सात कंपनियों में से तीन में अपने शेयरों की 90 प्रतिशत से अधिक राशि गंवा चुका है जो कि लगभग 3 करोड़ रुपये होगी।

Anil Ambani
Shareholders of companies
Continuous loss in business
Reliance Power

Related Stories

पैंडोरा पेपर्स: अमीरों की नियम-कानून को धता बताने और टैक्स चोरी की कहानी

रफाल विमान सौदे में फ्रांस में जांच के आदेश

रफ़ाल सौदे के मामले में फ्रांस ने न्यायिक जांच आरंभ की: फ्रांसीसी मीडिया

भूखे पेट ‘विश्वगुरु’ भारत, शर्म नहीं कर रहे दौलतवाले! 

तिरछी नज़र : कोरोना काल में अवसरवादिता

1200 करोड़ की वसूली के लिए अनिल अंबानी को नोटिस

क्या ख़त्म हो रहा है कोयले का प्रभुत्व : पर्यावरण संकट और काला हीरा

बात बोलेगी : भाजपा की 'क्रय शक्ति' ध्वस्त कर रही भारतीय लोकतंत्र

रिलायंस कम्युनिकेशंस के चेयरमैन पद से अनिल अम्बानी का इस्तीफ़ा

रिलायंस पर सरकार फिर मेहरबान


बाकी खबरें

  • Budget 2022
    भरत डोगरा
    जलवायु बजट में उतार-चढ़ाव बना रहता है, फिर भी हमेशा कम पड़ता है 
    18 Feb 2022
    2022-23 के केंद्रीय बजट में जलवायु परिवर्तन, उर्जा नवीनीकरण एवं पर्यावरणीय संरक्षण के लिए जिस मात्रा में समर्थन किये जाने की आवश्यकता है, वैसा कर पाने में यह विफल है।
  • vyapam
    भाषा
    व्यापमं घोटाला : सीबीआई ने 160 और आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया
    18 Feb 2022
    केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने वर्ष 2013 के प्री-मेडिकल टेस्ट (पीएमटी) में धांधली करने के आरोप में 160 और आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया है। आरोपियों में प्रदेश के तीन निजी मेडिकल…
  • Modi
    बी सिवरमन
    मोदी के नेतृत्व में संघीय अधिकारों पर बढ़ते हमले
    18 Feb 2022
    मोदी सरकार द्वारा महामारी प्रबंधन के दौरान अनुच्छेद 370 का निर्मम हनन हो, चाहे राज्यों के अधिकारों का घोर उल्लंघन हो या एकतरफा पूर्ण तालाबंदी की घोषणा हो या फिर महामारी के शुरुआती चरणों में अत्यधिक…
  • kannauj
    तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव: कन्नौज के पारंपरिक 'इत्र' निर्माता जीवनयापन के लिए कर रहे हैं संघर्ष
    18 Feb 2022
    कच्चे माल की ऊंची क़ीमतें और सस्ते, सिंथेटिक परफ्यूम के साथ प्रतिस्पर्धा पारंपरिक 'इत्र' निर्माताओं को पहले से कहीं अधिक प्रभावित कर रही है।
  • conteniment water
    सौरभ शर्मा
    यूपी चुनाव: कथित तौर पर चीनी मिल के दूषित पानी की वजह से लखीमपुर खीरी के एक गांव में पैदा हो रही स्वास्थ्य से जुड़ी समस्यायें
    18 Feb 2022
    लखीमपुर खीरी ज़िले के धरोरा गांव में कथित तौर पर एक चीनी मिल के कारण दूषित होते पानी के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गांव के लोग न सिर्फ़ स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं, बल्कि…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License