NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
अंदेशे सच साबित हुए! आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल का इस्तीफा
रिज़र्व बैंक की स्वायत्ता और रिज़र्व कैश को लेकर केंद्र सरकार और उर्जित पटेल के बीच कुछ समय से काफी खींचतान और तनाव चल रहा था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 Dec 2018
RBI Governor Urjit Patel

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर उर्जित पटेल ने सोमवार को 'निजी कारणों' का हवाला देते हुए तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने आरबीआई की ओर से जारी एक संक्षिप्त बयान में कहा, "निजी कारणों से मैंने अपने मौजूदा पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है।"

उन्होंने बयान में कहा, "वर्षों तक आरबीआई में विभिन्न पदों पर काम करना मेरे लिए सौभाग्य और सम्मान की बात रही है। इनमें आरबीआई के कर्मचारियों, अधिकारियों और प्रबंधन के सहयोग और कठिन परिश्रम से बैंक ने सराहनीय उपलब्धियां हासिल की।"

पटेल ने कहा, "मैं इस अवसर अपने सहयोगियों और आरबीआई केंद्रीय बोर्ड के निदेशकों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं।"

आपको बता दें कि रिज़र्व बैंक की स्वायत्ता और रिज़र्व कैश को लेकर केंद्र सरकार और उर्जित पटेल के बीच कुछ समय से काफी खींचतान और तनाव चल रहा था। हालांकि उर्जित पटेल और सरकार दोनों ही इससे इंकार करते रहे।

नोटबंदी को लेकर भी उर्जित पटेल पर दबाव था। उनकी कई बार वित्तीय मामलों के लिए बनी संसद की स्थायी समिति के समक्ष पेशी हुई। पिछले दिनों उर्जित पटेल ने संसद की स्थायी समिति के सामने कहा था कि नोटबंदी का प्रभाव अस्थायी था। सरकार से साथ चल रही तनातनी के बीच आरबीआई की स्वायत्तता और रिजर्व से जुड़े सवालों के जवाब में उन्होंने अगले 10 से 15 दिनों का वक्त मांगा था। उन्होंने सदस्यों से कहा कि अर्थव्यवस्था नोटबंदी के पहले के समय की तुलना में बेहतर हालत में है और नोटबंदी का दुष्प्रभाव अब धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। 

(इनपुट आईएएनएस)

RBI Governor Urjit Patel
RBI
urjit patel
Modi Govt
Narendra modi
Arun Jatley
Finance Ministry
notebandi
demonetisation

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

सरकारी एजेंसियाँ सिर्फ विपक्ष पर हमलावर क्यों, मोदी जी?

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़


बाकी खबरें

  • एम. के. भद्रकुमार
    भारत को अब क्वाड छोड़ देना चाहिए! 
    15 Mar 2022
    राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जेक सुलिवन के बयान में अमेरिका के बढ़ते खतरे का भारत की रक्षा क्षमताओं और उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा पर महत्त्वपूर्ण असर पड़ेगा। 
  • Kashmir press club
    राज कुमार
    जम्मू-कश्मीर में मीडिया का गला घोंट रही सरकार : प्रेस काउंसिल
    15 Mar 2022
    ग़ौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने सितंबर 2021 में प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया को एक पत्र लिखा था और मांग की थी कि काउंसिल एक फ़ैक्ट फ़ाइंडिंग टीम भेजकर जम्मू-कश्मीर में…
  • Jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड: हेमंत सरकार ने आदिवासी समूहों की मानी मांग, केंद्र के ‘ड्रोन सर्वे’ कार्यक्रम पर लगाईं रोक
    15 Mar 2022
    ‘ड्रोन सर्वे’ और ‘ज़मीन की डिजिटल मैपिंग’ कार्यक्रम के खिलाफ आवाज़ उठा रहे सभी आदिवासी संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।
  • अजय कुमार
    रूस पर लगे आर्थिक प्रतिबंध का भारत के आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
    15 Mar 2022
    आर्थिक जानकारों का कहना है कि सरकार चाहे तो कच्चे तेल की वजह से बढ़े हुए ख़र्च का भार ख़ुद सहन कर सकती है।
  • रौनक छाबड़ा
    ईपीएफओ ब्याज दर 4-दशक के सबसे निचले स्तर पर, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने आम हड़ताल से पहले खोला मोर्चा 
    15 Mar 2022
    ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने शनिवार को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अपनी मौजूदा ब्याज दर को 8.5% से घटाकर 8.1% करने की सिफारिश की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License