NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
लखीमपुर खीरी कांड में एक और अहम गवाह पर हमले की खबर  
पुलिस को लिखे अपने पत्र में गवाह ने कहा है कि उसे धमकी दी गई थी कि यदि अगली दफा उसने आशीष मिश्रा के खिलाफ कोई बयान दर्ज करवाया तो उसे सीधे सिर में गोली मार दी जायेगी।
अब्दुल अलीम जाफ़री
12 Apr 2022
Lakhimpur Kheri
चित्र साभार: मिलेनियम पोस्ट 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के बिलासपुर में रविवार को लखीमपुर खीरी काण्ड, जिसमें आठ लोगों की जान चली गई थी, के एक और प्रमुख गवाह के उपर कथित तौर पर हमला किया गया।

35 वर्षीय, हरदीप सिंह का आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के जिला महासचिव मेहर सिंह दयोल और सरनबजीत सिंह ने तीन अन्य के साथ मिलकर कथित तौर पर उनके चेहरे पर पिस्तौल की बट से प्रहार किया था। उन्हें गंभीर चोटें आई हैं।

परिवार का मानना है कि यह सब हरदीप के द्वारा लखीमपुर खीरी घटना की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) के समक्ष बयान दर्ज करने के प्रतिशोधात्मक कार्यवाई के तौर पर हुआ है। इस मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को आरोपी बनाया गया है। 

जब एसयूवी से चार किसानों को कुचला गया था तो उस दिन हरदीप तिकोनिया पर मौजूद थे। वे उसी एसयूवी से घायल हुए थे जिसने कथित तौर पर चार किसानों को कुचल डाला था। इस मामले में वे मुख्य गवाह हैं। जिला प्रशासन से इस बारे में लगातार गुहार लगाने बावजूद कि उनकी जान को खतरा है, उन्हें किसी प्रकार की सुरक्षा मुहैय्या नहीं कराई गई।

बिलासपुर के पुलिस अधिकारी को लिखे अपने पत्र में हरदीप ने लिखा है, “मैं अपने दोस्त सतिंदर सिंह के साथ बिलासपुर से नवाबगंज जा रहा था, और अचानक से मेहर सिंह दयोल ने रोक दिया, जिसके साथ चार अन्य लोग थे। मुझे धमकाया गया कि यदि मैंने गवाहों की सूची से अपना नाम वापस नहीं लिया तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। यदि अगली बार मैं आशीष मिश्रा के खिलाफ कोई बयान दर्ज कराने जाऊंगा तो उसने मुझे मेरे सिर पर गोली मारने की भी धमकी दी है।”

उन्होंने संबंधित अधिकारियों से उन्हें समुचित सुरक्षा मुहैय्या कराने और उन आरोपियों के खिलाफ उचित कार्यवाही करने का भी अनुरोध किया है, जो कथित तौर पर उन पर और उनके भाई पर हमला कर रहे हैं।

परिवार के सदस्यों ने कहा, “हरदीप चारों की पहचान कर सकता है क्योंकि वे इसी इलाके के रहने वाले हैं। हमले के बाद, हमने तुरंत पुलिस को सूचित किया और उनके खिलाफ हत्या की कोशिश का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करने का प्रयास किया। वे सभी मेहर सिंह दयोल के सहयोगी हैं।”

अधिवक्ता प्रशांत भूषण के द्वारा ट्विटर साझा किये गए एक पोस्ट में उन्होंने कहा है, “लखीमपुर खीरी मामले में एक अन्य प्रमुख गवाह हरदीप सिंह पर रामपुर के बिलासपुर में हमला हुआ है।”

पिछले वर्ष 3 अक्टूबर को हुए लखीमपुर खीरी काण्ड के मुख्य गवाह पर यह इस प्रकार का दूसरा हमला है। आशीष मिश्रा और अन्य के द्वारा केंद्र के अब निरस्त कर दिए गये गई तीन कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर चार किसानों और एक पत्रकार को कुचलकर मार डाला गया था।

आशीष एवं 13 अन्य लोगों पर विभिन्न आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया था। आशीष और उसका रिश्तेदार वीरेंद्र शुक्ला, जमानत पर बाहर हैं जबकि बाकी आरोपी अभी जेल में बंद हैं।

11 मार्च को अधिवक्ता भूषण ने सर्वोच्च न्यायालय को सूचित किया था कि राज्य में भाजपा की प्रचंड बहुमत से जीत के फ़ौरन बाद ही 10 मार्च की शाम को लखीमपुर खीरी मामले में संरक्षित गवाहों में से एक पर हमला किया गया था। 

गवाह, जो कि पेशे से एक किसान हैं, एक चीनी मिल में गन्ना उतारने जा रहे थे, तभी एक बंदूकधारी ने उन पर हमला कर दिया था।

गवाह ने प्रथिमिकी में दर्ज अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उनपर हमला करने वाले ने कहा था: “हमारे मोनू भैया (स्पष्ट रूप से आरोपी आशीष मिश्रा को संदर्भित करते हुए) अब बाहर आ चुके हैं; वे तुम सबको अब सबक सिखाने वाले हैं।”

एक महीने के अंतराल में दिन-दहाड़े ये दो हमले तब हुए हैं जब उत्तर प्रदेश पुलिस ने हाल ही में दावा किया था कि उसने 99 व्यक्तियों के साथ-साथ सभी मृतकों के परिवारों को सुरक्षा प्रदान की हुई है। हालाँकि, किसानों का आरोप है कि उन्हें किसी प्रकार की सुरक्षा नहीं मिली है। 

पूर्व में लखीमपुर खीरी के पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने कहा था, “जिन-जिन गवाहों के बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किये गए थे, उन सभी को एक-एक गनमैन मुहैय्या कराया गया है।”

वे किसान, जो लखीमपुर खीरी हिंसा के गवाह रहे हैं, ने आरोप लगाया है कि उन्हें सुरक्षा मुहैया नहीं कराई है। यह सब सर्वोच्च न्यायालय (एससी) के द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार को इस हाई-प्रोफाइल मामले में गवाहों को सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश देने के बावजूद है, जिसमें आशीष मिश्रा मुख्य आरोपी है। 

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें

Another key Witness in Lakhimpur Kheri Case Attacked

lakhimpur kheri violence
prashant bhushan
Ashish Mishra
Protest
Lakhimpur Kheri
Farm Laws
Ajay Mishra Teni
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • जोश क्लेम, यूजीन सिमोनोव
    जलविद्युत बांध जलवायु संकट का हल नहीं होने के 10 कारण 
    09 Apr 2022
    जलविद्युत परियोजना विनाशकारी जलवायु परिवर्तन को रोकने में न केवल विफल है, बल्कि यह उन देशों में मीथेन गैस की खास मात्रा का उत्सर्जन करते हुए जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न संकट को बढ़ा देता है। 
  • Abhay Kumar Dubey
    न्यूज़क्लिक टीम
    हिंदुत्व की गोलबंदी बनाम सामाजिक न्याय की गोलबंदी
    09 Apr 2022
    पिछले तीन दशकों में जातिगत अस्मिता और धर्मगत अस्मिता के इर्द गिर्द नाचती उत्तर भारत की राजनीति किस तरह से बदल रही है? सामाजिक न्याय की राजनीति का क्या हाल है?
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः प्राइवेट स्कूलों और प्राइवेट आईटीआई में शिक्षा महंगी, अभिभावकों को ख़र्च करने होंगे ज़्यादा पैसे
    09 Apr 2022
    एक तरफ लोगों को जहां बढ़ती महंगाई के चलते रोज़मर्रा की बुनियादी ज़रूरतों के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्हें अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए भी अब ज़्यादा से ज़्यादा पैसे खर्च…
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: इमरान को हिन्दुस्तान पसंद है...
    09 Apr 2022
    अविश्वास प्रस्ताव से एक दिन पहले देश के नाम अपने संबोधन में इमरान ख़ान ने दो-तीन बार भारत की तारीफ़ की। हालांकि इसमें भी उन्होंने सच और झूठ का घालमेल किया, ताकि उनका हित सध सके। लेकिन यह दिलचस्प है…
  • ऋचा चिंतन
    डब्ल्यूएचओ द्वारा कोवैक्सिन का निलंबन भारत के टीका कार्यक्रम के लिए अवरोधक बन सकता है
    09 Apr 2022
    चूँकि डब्ल्यूएचओ के द्वारा कोवैक्सिन के निलंबन के संदर्भ में विवरण सार्वजनिक क्षेत्र में उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे में यह इसकी प्रभावकारिता एवं सुरक्षा पर संदेह उत्पन्न कर सकता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License