NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अफ्रीकी नागरिकों को नरभक्षी मानना क्या नस्लवाद नहीं है?
“दिल्ली पुलिस कह रही है कि ये नस्लवादी हमला नहीं था पर अफ्रीकी लोगों को नरभक्षी मानना, साफ नस्लवाद है और बच्चा चोरी के अफवाह के चलते हमारे देश में बार बार ऐसे लोगों की भीड़-हत्याएं हो रही हैं, जो 'बाहरी' माने जाते हैं।”
ऋतांश आज़ाद
24 Nov 2018
दिल्ली में अफ्रीकी नागरिक पर हमला

दिल्ली के द्वारका में अफ्रीकी नागरिकों पर हमले का प्रयास हुआ, जिसमें वह बाल बाल बचे। गुरुवार रात को यह प्रयास तब हुआ जब इस इलाके में यह अफवाह फैली कि इन अफ्रीकी नागरिकों ने बच्चा चोरी किया है और वह नरभक्षी हैं। पुलिस का कहना है कि यह खबर बिलकुल झूठी थी।

यह उत्तरी द्वारका के हरी विहार, काकरोला में शाम की घटना है। बताया जा रहा है कि इन लोगों में 4तंज़ानिया की महिलाएं हैं और 2 नायजीरियन पुरुष हैं और यह लोग पिछले 10 महीने से इस इलाके में रह रहे थे।

हुआ यह है कि इलाके में यह खबर फैली की इन अफ्रीकी लोगों ने बच्चा चोरी किया है और यह नरभक्षी हैं। इसके बाद इन लोगों के घर के सामने 200 से 250 लोगों की भीड़ इकठ्ठा हो गई। अफ्रीकी नागरिकों का कहना है कि यह लोग दरवाज़ा पीटने लगे और कहने लगे कि जो बच्चा चोरी किया है उसे वापस दो।

पुलिस के मुताबिक उन्हें शाम 6.30 बजे इसकी सूचना मिली और वह जल्द ही वहाँ पहुँचे। पुलिस ने लोगों को वहाँ से हटाया और अफ्रीकी लोगों को बचाने में कामयाब हुए। इसके बाद वह सभी 6 अफ़्रीकियों को अपने साथ पुलिस स्टेशन ले गए। इस मामले में फिलहाल जांच जारी है। लेकिन पुलिस ने मामले के नस्लवादी होने से इंकार किया है।

इसके उलट सामाजिक कार्यकर्ता और भाकपा माले की पोलित ब्यूरो सदस्य कविता कृष्णन ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा “दिल्ली पुलिस कह रही है कि ये नस्लवादी हमला नहीं था - पर अफ्रीकी लोगों को नरभक्षी मानना, साफ नस्लवाद है, और कुछ नहीं। और  बच्चा चोरी के अफवाह के चलते हमारे देश में बार बार ऐसे लोगों की भीड़-हत्याएं हो रही हैं, जो 'बाहरी' माने जाते हैं, चाहे वे अल्‍पसंख्यक हों, प्रवासी हों,मानसिक रूप से विकलांग हों, टूरिस्ट हों, चाहे विदेशी हों। अफ्रीकी लोगों पर नस्लवादी हमले दिल्ली,बेंगलुरु, पंजाब, गोवा और अन्य जगह बार बार हुए हैं। पर तब भी केंद्र और राज्य सरकारें ऐसे पूर्वाग्रहों और हिंसा के खिलाफ क्यों नहीं प्रचार चलाती, उनकी चुप्पी शर्मनाक है, चाहे वह भाजपा की सरकार हो चाहे आम आदमी पार्टी की।’’

दिल्ली में अफ्रीकी नागरिकों पर इस तरह के हमले लगातार होते रहे हैं। अक्टूबर 2017 में एक वीडियो सामने आया था जिसमें देखा जा सकता है कि एक अफ्रीकी नागरिक को पोल से बाँधकर लोग बुरी तरह पीट रहे हैं। यह वीडियो दिल्ली के सावित्री नगर का है और इस व्यक्ति पर चोरी का आरोप था। पुलिस ने बाद में वहाँ के नागरिकों की जांच भी शुरू की थी।

पिछले साल मार्च में ग्रेटर नोएडा में 9 अफ्रीकी नागरिकों पर हमला हुआ। आरोप था कि वहाँ पर रहने वाले12वीं कक्षा के एक छात्र को उन्होंने नशीले पदार्थ दिये थे जबकि जांच में ऐसा कुछ भी साबित नहीं हो पाया था।

मई 2016 में भी इसी तरह 6 अफ्रीकियों पर दिल्ली के छतरपुर में हमला हुआ था। मई 2016 में ही एक बहस के बाद 3 लोगों ने एक अफ्रीकी नागरिक को दिल्ली के वसंत कुंज में इतनी बुरी तरह पीटा , कि उसकी मौत हो गयी।

अक्टूबर 2014 में एक अफ्रीकी व्यक्ति को इसी तरह राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर तीन लोगों द्वारा पीटा गया। मेट्रो स्टेशन के कैमरे में कैद इस घटना में देखा गया कि कोई भी इन्हे बचाने नहीं आया।

इसी तरह जनवरी 2014 में आम आदमी पार्टी सरकार में मंत्री सोमनाथ भारती पर यह आरोप लगा कि उन्होंने दिल्ली के मालवीय नगर में खिड़की गाँव में एक रेड के दौरान अफ्रीकी महिलाओं के साथ बदसलूकी की।

घटनाओं की यह सूची दिखती है कि अफ्रीकियों के खिलाफ नस्लवादी घटनाएँ दिल्ली में लगातार हो रही हैं। जानकार इसकी वजह आम लोगों में और राजनीतिक पार्टियों दोनों में अफ्रीकी लोगों के खिलाफ नस्लवादी पूर्वाग्रहों को बताते हैं। साथ ही सरकारों का इन घटनाओं पर उदासीन रवैया इस समस्या को और भी गंभीर बना रहा है।

 

 

अफ्रीकी मूल के नागरिक पर हमला
Hate Crime
India
Delhi

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

भारत में तंबाकू से जुड़ी बीमारियों से हर साल 1.3 मिलियन लोगों की मौत

धनशोधन क़ानून के तहत ईडी ने दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ़्तार किया

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

UN में भारत: देश में 30 करोड़ लोग आजीविका के लिए जंगलों पर निर्भर, सरकार उनके अधिकारों की रक्षा को प्रतिबद्ध

वर्ष 2030 तक हार्ट अटैक से सबसे ज़्यादा मौत भारत में होगी

लू का कहर: विशेषज्ञों ने कहा झुलसाती गर्मी से निबटने की योजनाओं पर अमल करे सरकार


बाकी खबरें

  • प्रियंका शंकर
    रूस के साथ बढ़ते तनाव के बीच, नॉर्वे में नाटो का सैन्य अभ्यास कितना महत्वपूर्ण?
    19 Mar 2022
    हालांकि यूक्रेन में युद्ध जारी है, और नाटो ने नॉर्वे में बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है, जो अभ्यास ठंडे इलाके में नाटो सैनिकों के युद्ध कौशल और नॉर्वे के सैन्य सुदृढीकरण के प्रबंधन की जांच करने के…
  • हर्षवर्धन
    क्रांतिदूत अज़ीमुल्ला जिन्होंने 'मादरे वतन भारत की जय' का नारा बुलंद किया था
    19 Mar 2022
    अज़ीमुल्ला ख़ान की 1857 के विद्रोह में भूमिका मात्र सैन्य और राजनीतिक मामलों तक ही सिमित नहीं थी, वो उस विद्रोह के एक महत्वपूर्ण विचारक भी थे।
  • विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: महंगाई-बेरोजगारी पर भारी पड़ी ‘नमक पॉलिटिक्स’
    19 Mar 2022
    तारा को महंगाई परेशान कर रही है तो बेरोजगारी का दर्द भी सता रहा है। वह कहती हैं, "सिर्फ मुफ्त में मिलने वाले सरकारी नमक का हक अदा करने के लिए हमने भाजपा को वोट दिया है। सरकार हमें मुफ्त में चावल-दाल…
  • इंदिरा जयसिंह
    नारीवादी वकालत: स्वतंत्रता आंदोलन का दूसरा पहलू
    19 Mar 2022
    हो सकता है कि भारत में वकालत का पेशा एक ऐसी पितृसत्तात्मक संस्कृति में डूबा हुआ हो, जिसमें महिलाओं को बाहर रखा जाता है, लेकिन संवैधानिक अदालतें एक ऐसी जगह होने की गुंज़ाइश बनाती हैं, जहां क़ानून को…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मध्यप्रदेश विधानसभा निर्धारित समय से नौ दिन पहले स्थगित, उठे सवाल!
    19 Mar 2022
    मध्यप्रदेश विधानसभा में बजट सत्र निर्धारित समय से नौ दिन पहले स्थगित कर दिया गया। माकपा ने इसके लिए शिवराज सरकार के साथ ही नेता प्रतिपक्ष को भी जिम्मेदार ठहराया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License