NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
आर्थिक मोर्चे पर बढ़ी चुनौती : जीडीपी वृद्धि दर पांच साल में सबसे कम
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अनुसार कृषि एवं विनिर्माण क्षेत्र में कमजोर प्रदर्शन के चलते वित्त वर्ष 2018-19 की चौथी तिमाही में देश की आर्थिक वृद्धि दर धीमी पड़कर पांच साल के न्यूनतम स्तर 5.8 प्रतिशत पर पहुंच गयी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Jun 2019
सांकेतिक तस्वीर

दिल्ली : शपथ लेने के बाद नरेन्द्र मोदी सरकार के लिये शुक्रवार का पहला दिन आर्थिक मोर्चे पर बुरी खबर लेकर आया। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के अनुसार कृषि एवं विनिर्माण क्षेत्र में कमजोर प्रदर्शन के चलते वित्त वर्ष 2018-19 की चौथी तिमाही में देश की आर्थिक वृद्धि दर धीमी पड़कर पांच साल के न्यूनतम स्तर 5.8 प्रतिशत पर पहुंच गयी।

जीडीपी वृद्धि की यह दर 2014-15 के बाद सबसे धीमी है। इससे पहले वित्त वर्ष 2013-14 में जीडीपी वृद्धि की गति 6.4 फीसदी रही थी।

इसी के साथ भारत दुनिया का सबसे तेज आर्थिक विकास दर वाला देश नहीं रहा। अब इसकी जगह चीन ने ले ली है।

वित्त वर्ष 2018-19 की चौथी तिमाही में देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की संवृद्धि दर पिछले साल की समान अवधि से घटकर 5.8 फीसदी रह गई है। वहीं, चौथी तिमाही में चीन की आर्थिक विकास दर छह फीसदी से अधिक रही है। 

क्रमिक आधार, भारत की अर्थव्यवस्था की विकास दर दिसंबर 2018 में समाप्त हुई तिमाही में 6.6 फीसदी रही।

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2019 को समाप्त हुई तिमाही में भारत की जीडीपी संवृद्धि दर 5.8 फीसदी रही जो पूर्व वर्ष की समान अवधि के 8.1 फीसदी से कम है। 

वित्त वर्ष 2018-19 में देश की जीडीपी संवृद्धि दर 6.8 फीसदी रही, जबकि जोकि जीडीपी विकास दर का पिछले पांच साल का सबसे निचला स्तर है। वित्त वर्ष 2017-18 में आर्थिक विकास दर 7.2 फीसदी थी।

आंकड़ों के अनुसार, देश की आर्थिक विकास दर घटने का मुख्य कारण कृषि और खनन क्षेत्र की संवृद्धि दर में कमी है।

कृषि, वानिकी और मत्स्य पालन क्षेत्र की संवृद्धि दरन वित्त वर्ष 2018-19 में 2.9 फीसदी रही जबकि पिछले साल यह पांच फीसदी थी। 

आलोच्य वित्त वर्ष में खनन व उत्खनन क्षेत्र की संवृद्धि दर 1.3 फीसदी रही जबकि उससे पिछले साल यह 5.1 फीसदी थी। 

वित्त वर्ष 2018-19 की पहली तिमाही में देश की आर्थिक विकास दर आठ फीसदी थी, जबकि दूसरी तिमाही में सात फीसदी और तीसरी में 6.6 फीसदी रही जो चौथी तिमाही में घटकर 5.8 फीसदी रह गई। 

वहीं, वित्त वर्ष 2018 की पहली तिमाही में देश की आर्थिक विकास दर छह फीसदी थी जो दूसरी तिमाही में 6.8 फीसदी, तीसरी में 7.7 फीसदी और चौथी तिमाही में 8.1 फीसदी हो गई।

जीडीपी के संदर्भ में सकल स्थिर पूंजी निर्माण चालू और स्थिर मूल्य पर 2018-19 में क्रमश: 29.3 प्रतिशत और 32.3 प्रतिशत रहा। इससे पूर्व वित्त वर्ष में यह क्रमश: 28.6 प्रतिशत तथा 31.4 प्रतिशत था।

सीएसओ के आंकड़े के अनुसार देश की प्रति व्यक्ति आय मार्च 2019 को समाप्त वित्त वर्ष में 10 प्रतिशत बढ़कर 10,534 रुपये महीना (1,26,406 रुपये सालाना) पहुंच जाने का अनुमान है। इससे पूर्व वित्त वर्ष में यह 9,580 रुपये महीना (1,14,958 रुपये सालाना) था।

इस बीच सरकार ने किसान सम्मान निधि योजना का दायरा बढ़ाते हुए सभी किसानों को 6,000 रुपये सालाना देने की घोषणा की है। साथ ही किसानों और खुदरा कारोबारियों एवं दुकानदारों के लिये पेंशन योजना की घोषणा की।

जीडीपी आंकड़े पर टिप्पणी करते हुए आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा कि मार्च 2019 को समाप्त वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में देश की आर्थिक वृद्धि दर में गिरावट एनबीएफसी क्षेत्र में दबाव जैसे अस्थायी कारकों की वजह से आई है। उन्होंने यह भी कहा कि चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में आर्थिक गतिविधियां धीमी रह सकती है लेकिन उसके बाद इसमें तेजी आएगी।

(समाचार एजेंसी भाषा और आईएएनएस के इनपुट के साथ)

इसे भी पढ़ें : चुनाव बाद सरकार ने माना- बेरोज़दारी दर 45 साल के ऊंचे स्तर पर

GDP
GDP growth-rate
GDP Growth in India
unemployment
cso
nsso
Narendra modi
modi sarkar
NDA Govt
economic crises

Related Stories

डरावना आर्थिक संकट: न तो ख़रीदने की ताक़त, न कोई नौकरी, और उस पर बढ़ती कीमतें

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

GDP से आम आदमी के जीवन में क्या नफ़ा-नुक़सान?

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?


बाकी खबरें

  • book
    शिरीष खरे
    तरक़्क़ीपसंद तहरीक की रहगुज़र :  भारत में प्रगतिशील सांस्कृतिक आंदोलन का दस्तावेज़
    13 Nov 2021
    ज़ाहिद ख़ान की हालिया किताब की समीक्षा और उसके बारे में कुछ अहम बातें।
  • peasant movement
    लाल बहादुर सिंह
    विचार: पूर्व के आंदोलनों से किस तरह अलग और विशिष्ट है किसान आंदोलन
    13 Nov 2021
    कुछ राजनैतिक विश्लेषकों ने भी यह सवाल उठाया है कि किसान आंदोलन का वैचारिक राजनैतिक अवदान अतीत के दूसरे महत्वपूर्ण आंदोलनों जैसा नहीं है। इसी की पड़ताल कर रहे हैं वरिष्ठ लेखक और एक्टिविस्ट लाल बहादुर…
  • DAP Shortage a Symptom of Larger Food Planning Crisis
    इंद्र शेखर सिंह
    डीएपी की कमी बड़े खाद्य संकट का लक्षण है
    13 Nov 2021
    तिलहन और सरसों के दाम पहले से ही ऊंचे चल रहे हैं। दामों के और अधिक बढ़ने से खाना पकाने की सभी वस्तुएं कई घरों की पहुंच से बाहर हो जाएंगी।
  • Zakia Jafri
    संचिता कदम
    एसआईटी  ने सिर्फ़ 'काम' किया, तहक़ीक़ात नहीं की: ज़किया जाफ़री एसएलपी में कपिल सिब्बल
    13 Nov 2021
    एसआईटी न सिर्फ़ पुलिस अधिकारियों के अहम रिकॉर्ड छिपाने जैसे पहलुओं पर ग़ौर करने में नाकाम रही, बल्कि उसने आरोपियों के बयानों की 'सच्चाई का पता लगाये बिना' उनके बयानों को आसानी से स्वीकार कर लिया।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटे में 11,850 नए मामले, 555 मरीज़ों की मौत
    13 Nov 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.40 फ़ीसदी यानी 1 लाख 36 हज़ार 308 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License