NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
मजदूरों की हड़ताल का पांचवां सप्ताह, जनरल मोटर्स के लिए कितना फायदेमंद?
यूनाइटेड ऑटो वर्कर्स के नेतृत्व में 48,000 से अधिक कर्मचारियों की हड़ताल ने 13 अक्टूबर को अपने 28 वें दिन में प्रवेश कर लिया है। इस बीच कंपनी की ओर से वेतन में बढ़ोतरी और स्थायी नौकरियों के बारे में प्रस्ताव आया है, लेकिन चार उत्पादन संयंत्रों में बंदी अपने आप में एक महत्वपूर्ण बिंदु है।
अनीश आर
15 Oct 2019
workers protest
यूनाइटेड ऑटो वर्कर्स (UAW) द्वारा जनरल मोटर्स के हैमस्ट्रैक की उत्पादन ईकाई में मजदूरों की हड़ताल, जिसे कम्पनी की ओर से बंद किया जा रहा है. (छायाचित्र: Zuma Wire)

ऑटोमोबाइल क्षेत्र में अग्रणी बहुराष्ट्रीय कंपनी, जनरल मोटर्स (जीएम) की हड़ताल ने 13 अक्टूबर को अपने 28 वें दिन में प्रवेश कर लिया है, जिससे कंपनी को अपने मुनाफे पर एक बड़ा झटका खाने के बाद अब समझौते की मेज पर आने के लिए मजबूर होना पड़ा है।  कंपनी के खुद के दावे के अनुसार 48,000 से अधिक कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण, उसे लगभग 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान हुआ है।  जनरल मोटर्स के शेयर की कीमतों में आई गिरावट एक और वजह है जिसने GM के प्रबंधन को हड़ताल का नेतृत्व कर रही यूनाइटेड ऑटो वर्कर्स (UAW) के साथ समझौता वार्ता फिर से शुरू करने के लिए मजबूर किया है।  

16 सितंबर से हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारी रोजगार सुरक्षा और बंद कर दी गई उत्पादन इकाइयों को फिर से खोलने की मांग कर रहे हैं या जिन्हें बंद होने के लिए मुक़र्रर कर दिया गया हैं।  इसके अलावा उनकी माँग है कि मेडिकल और अन्य सुविधाओं में औपचारिक और अनौपचारिक दोनों तरह के श्रमिकों के लिए सुविधा का विस्तार किया जाए, और गिरते हुए वेतन की समस्या को हल किया जाए।  

रायटर्स की खबर के अनुसार GM ने “चार साल के अनुबंध वाले कर्मचारियों के लिए दूसरे और चौथे साल में 3% की वेतन बढ़ोत्तरी और पहले और चौथे वर्ष में 3% और 4% की एकमुश्त भुगतान की पेशकश की है।" कम्पनी इस बात के लिए भी राजी हो गई है जिसमें 3 साल तक स्थाई रूप से काम कर रहे अस्थाई श्रमिकों को स्थाई कर दिया जायेगा। हड़ताल की मुख्य वजह भी यही थी जिसमें प्रबन्धन द्वारा अस्थाई मजदूरों को लम्बी अवधि तक बिना किसी औपचारिकता के काम पर रखने की प्रवत्ति बढ़ गई थी। इन “स्थाई-अस्थाई” लोगों को अनुबंध के आधार पर काम पर रखा जाता है और उन्हें स्थाई कर्मचारियों के समान सुविधाओं से वंचित रहना पड़ता है।

इकाइयों की तालाबंदी, हालाँकि बातचीत का एक प्रमुख बिंदु है।

नवम्बर 2018 में जनरल मोटर्स ने अमेरिका के अपने 4 उत्पादन संयंत्रों में तालाबंदी की घोषणा की, जिससे करीब 9,000 लोगों की नौकरियाँ चली गईं. कम्पनी ने यह भी घोषणा की कि वह कुछ समय के अन्तराल में अपने 15% वेतनभोगी श्रमिकों से छुट्टी पा लेगी।

UAW के उपाध्यक्ष टेरी डीत्टेस के अनुसार, जो जनरल मोटर्स के कर्मचारी होने के साथ कर्मचारी यूनियन की और से प्रमुख वार्ताकार भी हैं, ने 8 अक्टूबर के अपने सार्वजनिक बयान में कहा, "हमने यह साफ़ कर दिया है कि जब हमारे यहां अमेरिका में बिक्री हेतु अन्य देशों में जीएम उत्पाद बनाए जा रहे हैं तो अब हमारी नौकरी की कोई गारंटी नहीं बची है।  
 
UAW ने दावा किया है कि नौकरी की सुरक्षा इसी शर्त पर हो सकती है अगर मेक्सिको में आउटसोर्स किए गए उत्पादन को अमेरिका में वापस लाया जाए। जब से कंपनी ने 2009 में चैप्टर 11 के तहत दिवालिया होने का केस दायर किया है, तब से उसे अपने राजकोषीय घाटे को दुरुस्त करने के लिए अमेरिकी सरकारी खजाने से कुल 66.7 बिलियन अमरीकी डालर राहत पैकेज के रूप में प्राप्त हो चुके हैं।

 एक तर्क यह भी है कि चूंकि अमेरिकी नौकरियों और कर राजस्व की रक्षा की खातिर करदाताओं के अरबों डॉलर को जनरल मोटर्स में निवेश किया गया है, इसलिए कंपनी को श्रमिकों की मांग को अवश्य स्वीकार करना चाहिए। कई वर्षों तक लगातार घाटे पर चल रही कंपनी ने अंततः मुनाफा कमाना शुरू कर दिया है. UAW के अनुसार, पिछले कुछ सालो से कंपनी का मुनाफा 34 अरब अमरीकी डॉलर के आस पास रहा। लेकिन कारखाना मजदूरों की मजदूरी में वास्तविक रूप से कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है।  

इसी अवधि के दौरान, पिछले दशक में हुए नुकसान की भरपाई के लिए कंपनी को पुनर्गठित किया गया है. इसमें मौजूदा मजदूरों के साथ हुए अनुबंधों को खत्म करना और उत्पादन इकाइयों को बंद करना शामिल है।  उल्टा कंपनी ने मेक्सिको में उत्पादन की अपनी योजना पर निवेश किया, जहाँ औसत मजदूरी मात्र 1.9 अमेरिकी डॉलर प्रति घंटे है। यह अमेरिका में उत्पादन में शामिल श्रमिकों को मिलने वाली औसत तनख्वाह जो 17 अमेरिकी डॉलर से लेकर 30 अमेरिकी डॉलर प्रति घंटे के बीच है, की तुलना में कुछ भी नहीं है।

कंपनी अपने उत्पादन के बड़े हिस्से को मेक्सिको में स्थानान्तरण के फैसले को उचित ठहराती है (जीएम अपने वाहनों की जरूरत का करीब 80% हिस्सा अपने मेक्सिको प्लांट से आयात करता है), उसके अनुसार अमेरिका में मजदूरी की दरें काफी ऊँची होने के चलते देश के प्रतिस्पर्धात्मक मोटर वाहन बाजार में टिके रहना मुश्किल हो गया है।  इसके लिए वह विदेशी वाहन निर्माताओं की अमेरिका में घुसपैठ को जिम्मेदार मानता है जो असंगठित श्रमिकों से 12 अमेरिकी डॉलर प्रति घंटे तक की न्यूनतम तनख्वाह पर काम कराते हैं।  

लेकिन UAW ने इस पर सवाल उठाते हुए इशारा किया है कि कुल उत्पादन लागत में श्रमिकों का वेतन मात्र 5% ही बैठता है।  यूनियन ने दावा किया कि यदि कंपनी, श्रमिकों की सभी मांगों को लागू भी कर देती है, तब भी उसे प्रत्येक जीएमसी युकोन एसयूवी पर मात्र 150 अमेरिकी डॉलर मजदूरी पर खर्च करने पड़ेंगे, जिसका बाजार भाव 77,000 अमेरिकी डॉलर है।  

श्रमिकों की मांगों के जवाब में, जीएम ने बंदी के लिए निर्धारित हेमस्ट्रैक, डेट्रायट और लॉर्डस्टाउन, ओहियो उत्पादन इकाइयों के बदले, इलेक्ट्रिक कार के निर्माण के लिए दो नई ईकाइयों में 7.7 बिलियन अमेरकी निवेश की योजना पेश की है।  डेट्रायट फ्री प्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार इसके द्वारा करीब 5,400 नौकरियाँ सृजित होंगी. लेकिन, इसके जरिये आधी नौकरियाँ ही फिर से सृजित होंगी और पुरानी इकाइयों के बंद होने के कारण बाकी नौकरियों से हाथ धोना पड़ेगा।  

कंपनी इस बात पर भी राजी है कि वह उत्पादन को पुनर्निर्देशित करने के स्वरुप को बदलेगी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि यदि पूरी तरह से न सही पर अधिकतर उन उत्पादों को अमेरिका में ही निर्मित किया जाए, जिन्हें देश के भीतर ही बिक्री के लिए प्रस्तुत किया जाना है।  ट्रम्प प्रशासन द्वारा नए कानूनों के तहत मेक्सिको में निर्मित सामान पर भारी शुल्क और शर्तें लागू करने का प्रस्ताव भी GM को बाध्य कर रहा है कि वह ठोस योजना के साथ अपने आउटसोर्स उत्पादन को अमेरिका के अंदर स्थानांतरित करे।  

श्रमिकों ने कंपनी के भविष्य के बारे में अपनी चिंताओं को साझा किया है और कंपनी के लगातार बाजार में प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए संघर्ष करने के लिए प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है।  

जहां जनरल मोटर्स ने पूरी तरह से इलेक्ट्रिक स्वचालित कारों के निर्माण की दिशा में बदलाव की बात रखी है, वहीं यूनियन के सदस्यों का दावा है कि कंपनी भविष्य में निवेश करने को लेकर गंभीर नहीं है। मजदूर यूनियन ने यह भी दावा किया है कि उनका यह गैर समझौतावादी रुख सिर्फ व्यावहारिक ही नहीं, बल्कि यह कंपनी के भविष्य में इलेक्ट्रिक कारों के बाजार में सफलतापूर्वक प्रवेश को सुनिश्चित करने के लिए भी अति-आवश्यक है।

Courtesy: Peoples dispatch,

अंग्रेजी में लिखा मूल लेख आप नीचे लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं। 

As Workers’ Strike Enters Fifth Week, Will General Motors Yield?

General Motors
General Motors workers’ protest
mexico
outsourcing
perma-temps
Terry Dittes
United Auto Workers
workers' rights
Workers' strike in US

Related Stories

मैक्सिको में प्रवासियों ने प्रवास और शरणार्थी संकट के समाधान की मांग की

मैक्सिको ने ऐतिहासिक फ़ैसले में गर्भपात को अपराध की श्रेणी से बाहर किया

यूएस वॉल्वो के कर्मचारियों ने तीसरे समझौते को ठुकराया, कंपनी एकतरफ़ा लागू करेगी ये समझौता

मैक्सिको में संसदीय व अन्य चुनावों से पहले उम्मीदवारों की हत्या में वृद्धि

बेटे और बेटियों की वापसी की मांग करते हुए ग़ायब बच्चों की माताओं ने मैक्सिको में रैलियां निकालीं

मैक्सिको में महिलाओं की हत्या को लेकर विरोध प्रदर्शन

पुर्तगाल में एलईआईसीए प्लांट के श्रमिकों ने वेतन के भेदभाव का विरोध किया

खोज ख़बर :संविधान रक्षक किसान-मजदूर से भिड़ी मोदी सरकार

दिल्ली चलो: किसान सरकारी दमन के आगे झुकने वाले नहीं

दिल्ली में मज़दूरों ने किया हल्ला बोल, किसान संगठनों ने फूंका बिगुल


बाकी खबरें

  • Gujarat Riots
    बादल सरोज
    गुजरात दंगों की बीसवीं बरसी भूलने के ख़तरे अनेक
    05 Mar 2022
    इस चुनिन्दा विस्मृति के पीछे उन घपलों, घोटालों, साजिशों, चालबाजियों, न्याय प्रबंधन की तिकड़मों की याद दिलाने से बचना है जिनके जरिये इन दंगों के असली मुजरिमों को बचाया गया था।
  • US Army Invasion
    रॉजर वॉटर्स
    जंग से फ़ायदा लेने वाले गुंडों के ख़िलाफ़ एकजुट होने की ज़रूरत
    05 Mar 2022
    पश्चिमी मीडिया ने यूक्रेन विवाद को इस तरह से दिखाया है जो हमें बांटने वाले हैं। मगर क्यों न हम उन सब के ख़िलाफ़ एकजुट हो जाएं जो पूरी दुनिया में कहीं भी जंगों को अपने फ़ायदे के लिए इस्तेमाल करते हैं?
  • government schemes
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना के दौरान सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं ले पा रहें है जरूरतमंद परिवार - सर्वे
    05 Mar 2022
    कोरोना की तीसरी लहर के दौरान भारत के 5 राज्यों (दिल्ली, झारखंड, छत्तीसगढ, मध्य प्रदेश, ओडिशा) में 488 प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना हेतु पात्र महिलाओं के साथ बातचीत करने के बाद निकले नतीजे।
  • UP Elections
    इविता दास, वी.आर.श्रेया
    यूपी चुनाव: सोनभद्र और चंदौली जिलों में कोविड-19 की अनसुनी कहानियां हुईं उजागर 
    05 Mar 2022
    ये कहानियां उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और चंदौली जिलों की हैं जिन्हे ऑल-इंडिया यूनियन ऑफ़ फ़ॉरेस्ट वर्किंग पीपल (AIUFWP) द्वारा आयोजित एक जन सुनवाई में सुनाया गया था। 
  • Modi
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव : क्या पूर्वांचल की धरती मोदी-योगी के लिए वाटरलू साबित होगी
    05 Mar 2022
    मोदी जी पिछले चुनाव के सारे नुस्खों को दुहराते हुए चुनाव नतीजों को दुहराना चाह रहे हैं, पर तब से गंगा में बहुत पानी बह चुका है और हालात बिल्कुल बदल चुके हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License