NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
विज्ञान
अंतरराष्ट्रीय
खगोलविदों को दुर्लभ ग्रह मिल गया जो एक साथ तीन सूर्यों की परिक्रमा करता है!
शोधकर्ताओं के पास अब ओरियन के तारामंडल में एक विचित्र स्टार सिस्टम के अस्तित्व के बारे में अधिक सबूत हैं जहां एक ही ग्रह एक साथ तीन सूर्यों (तारों) की परिक्रमा करता है।
संदीपन तालुकदार
05 Oct 2021
Astronomers May Have Found Rare Planet
Image Courtesy: ALMA (ESO/NAOJ/NRAO), S. Kraus & J. Bi; NRAO/AUI/NSF, S. Dagnello

एक साइंस फिक्शन किताब के लिए जो दिलचस्प कहानी हो सकती थी, वह अब हकीकत होती दिख रही है। वैज्ञानिकों के पास अब ओरियन के तारामंडल (आकाशीय क्षेत्र में एक ऐसा क्षेत्र जहां सितारों के समूह स्पष्ट रूप से एक पैटर्न बनाते हैं) में एक विचित्र स्टार सिस्टम के अस्तित्व के बारे में और भी अधिक सबूत हैं जहां एक ही ग्रह एक साथ तीन सूर्य (तारों) की परिक्रमा करता है।

इस स्टार सिस्टम का नाम जीडब्ल्यू ओरियनिस रखा गया है और यह पृथ्वी से लगभग 1300 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है। इस स्टार सिस्टम में तीन धूल भरे नारंगी छल्ले हैं जो एक दूसरे के अंदर रहते हैं। एस्ट्रोनॉमर्स इस स्टार सिस्टम को आकाश में एक विशाल बैल गोलीय पींड के रूप में देखते हैं। केंद्र में तीन तारे हैं, जिनमें से दो के पास एक दूसरे के साथ करीबी बाइनरी आर्बिट्स हैं और तीसरा अन्य दो के चारो ओर व्यापक रूप से स्थित है।

ब्रह्मांड में इस तरह का ट्रिपल स्टार सिस्टम दुर्लभ है। जीडब्ल्यू ओरि ने वैज्ञानिकों को और भी चौंका दिया है। साल 2020 में एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स में प्रकाशित एक पेपर में शोधकर्ताओं ने चिली में एएलएमए (अटाकामा लार्ज मिलिमीटर/ सबमिलिमीटर एरे) टेलीस्कोप की मदद से स्टार सिस्टम को बारीकी से देखा था। उन्होंने एक असामान्य घटना देखी- तीन धूल के छल्ले एक दूसरे के साथ बिना क्रम के पाए गए और सबसे भीतर का रिंग इस कक्षा में काफी घूम रहे थे।

ये टीम तब प्रस्ताव लेकर आई कि एक युवा ग्रह बन रहा है, जो इस घटना की सबसे अच्छी व्याख्या करता है। उन्हें नहीं पता था कि ऐसा युवा ग्रह वास्तव में जीडब्ल्यू ओरि में उभर रहा था, हालांकि उनका मानना था कि अगर उनकी भविष्यवाणियां सच होती हैं तो यह ब्रह्मांड का पहला ट्रिपल-स्टार ग्रह बन जाएगा।

अब, मंथली नोटिसेज ऑफ द रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी की पत्रिका में प्रकाशित एक हालिया पेपर इस बात के और सबूत देती है कि ऐसा युवा ग्रह वास्तव में मौजूद है। इस अध्ययन के शोधकर्ताओं ने 3-आयामी सिमुलेशन का आयोजन यह प्रतिरूप बनाने के प्रयास में किया कि स्टार सिस्टम के छल्ले के बीच रहस्यमयी अंतराल कैसे अस्तित्व में आया।

इस टीम की दो परिकल्पनाएं थीं, जिनमें से एक का कहना था कि एक ग्रह मौजूद है जिसने धूल के छल्ले में दरार को जन्म दिया है। सिमुलेशन मॉडल बताते हैं कि बृहस्पति के बराबर आकार का एक विशाल ग्रह मौजूद है।

हालांकि, यह अध्ययन सिमुलेशन मॉडलिंग पर आधारित है और कोई वास्तविक ऑब्जर्वेशन डेटा नहीं था। भविष्य में, यदि इस अध्ययन में किए गए सैद्धांतिक प्रस्तावों का समर्थन इस सिस्टम के ऑब्जर्वेशन करते हैं तो जीडब्ल्यू ओरि ट्रिपल प्लैनेट सिस्टम का पहला सबूत बन जाएगा।

हालांकि, शोधकर्ताओं ने कहा, "दुर्भाग्य से, इसका एक हाइपोथेटिकल ऑब्जर्वर हो सकता है, लेकिन ये ग्रह वास्तव में तीनों सूर्यों को आकाश में उगते और डूबते हुए नहीं देख पाएगा; इस सिस्टम के केंद्र में दो तारे इतनी करीबी बाइनेरी ऑर्बिट में चलते हैं कि वे एक बड़े तारे के रूप में दिखाई देंगे, और तीसरा उनके चारों ओर घूमते नजर आएंगे।”

इस सैद्धांतिक ढांचे की पुष्टि करने वाले टिप्पणियों के व्यापक निहितार्थ होंगे। यह पहले वैज्ञानिकों की चिंतन की तुलना में इस बात का प्रमाण देगा कि ग्रह विविध प्रकार की परिस्थितियों में बन सकते हैं। फिर, यदि भविष्य में इस सैद्धांतिक प्रस्तावों को सत्यापित नहीं किया जा सकता है तो इससे विशेष रूप से ग्रहों का निर्माण में ब्रह्मांड की नई परिकल्पना, सिद्धांत या समझ उजागर हो सकती है।

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें

Astronomers May Have Found Rare Planet that Orbits Three Suns Simultaneously

Orion Constellation
GW Orionis
GW Ori
ALMA
Three-Planet star system

Related Stories


बाकी खबरें

  •     नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल मुरलीधर सदाशिव पवार ने कहा कि यह बीते चार दशक में सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण तलाश एवं बचाव अभियान है।     भाषा  मुंबई: बजरे पी305 पर मौजूद लोगों में से 89 लोग अब भी लापता हैं। उल्लेखनीय है कि यह बजरा चक्रवात ताउते के कारण मुंबई के तट से कुछ दूरी पर सागर में फंस गया था और डूब गया था। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।  नौसेना की ओर से बुधवार को बताया गया कि बेहद खराब मौसम से जूझते हुए उसके जवानों ने बजरा पी305 पर मौजूद 273 लोगों में से अब तक 184 को बचा लिया है।  एक अधिकारी ने ब
    भाषा
    पी305 पर मौजूद लोगों में से 89 अब भी लापता, दो बजरों, ऑयल रिग के सभी लोग सुरक्षित हैं: नौसेना
    19 May 2021
    नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल मुरलीधर सदाशिव पवार ने कहा कि यह बीते चार दशक में सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण तलाश एवं बचाव अभियान है।
  • The court summoned the dean of the hospital on a petition seeking the medical aid of Honey Babu
    भाषा
    हनी बाबू की चिकित्सकीय सहायता के अनुरोध वाली याचिका पर अदालत ने अस्पताल के डीन को किया तलब
    19 May 2021
    हनी बाबू के वकील युग चौधरी ने अवकाशकालीन पीठ से याचिका पर जल्द सुनवाई का अनुरोध किया, क्योंकि बाबू पिछले सप्ताह कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे और ‘ब्लैक फंगस’ की वजह से उनकी आंख में भी संक्रमण हो…
  • Columbia
    पीपल्स डिस्पैच
    कोलंबिया में नेशनल स्ट्राइक कमेटी ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन का आह्वान किया
    19 May 2021
    कोलंबियाई संगठनों ने प्रदर्शनकारियों की मांग न मानने को लेकर राष्ट्रपति इवान डुके सरकार की निंदा की है।
  • isra
    एम.के. भद्रकुमार
    गाज़ा में इज़रायल की विध्वंसक जीत के मायने
    19 May 2021
    फिलिस्तीनियों के साथ हिंसा से इज़रायल के भीतर राष्ट्रवादी उन्माद उमड़ा है। इस उन्माद की वज़ह से उस विपक्षी गठबंधन का रास्ता बंद हो गया है, जो नेतन्याहू को पद से हटाने की कोशिश कर रहा था। नेतन्याहू को…
  • Bertrand Russel
    सुधांशु मोहंती
    महामारी प्रभावित भारत के लिए बर्ट्रेंड रसेल आख़िर प्रासंगिक क्यों हैं
    19 May 2021
    डेढ़ सदी पहले रसेल ने चेतावनी दी थी कि जो राजनीति बेबुनियाद ख़ौफ़ और नफ़रत का सहारा लेती है, वह नेताओं को ज़िम्मेदारी और निंदा से बचने में मदद करती है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License