NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
इराक़ में अमेरिकी एयरबेस पर रॉकेट हमले में पांच घायल
जब से जो बाइडन ने अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभाला है तब से देश में अमेरिका की परिसरों के विरोध में ऐसे करीब 20 हमले हुए हैं। सैन्य मौजूदगी को लेकर हमले बढ़े हैं।
पीपल्स डिस्पैच
19 Apr 2021
ira

बगदाद के पास इराकी हवाई अड्डे पर रविवार 18 अप्रैल को हुए रॉकेट हमले में दो विदेशी ठेकेदारों और तीन इराकी सैनिकों सहित पांच लोग घायल हो गए। इलाके के सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक कुल पांच रॉकेटों ने बगदाद के उत्तर में स्थित बलाद एयर बेस को निशाना बनाया जिसमें से दो डोरमिट्री पर गिरा जबकि और एक रॉकेट ने अमेरिकी कंपनी सैलीपोर्ट से संबंधित कैंटीन को निशाना बनाया।

ये रॉकेट हमला उन हमलों की कड़ी में ताजा हमला था जो देश में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी के विरोध में बढ़ती घटना के साथ देश में अमेरिकी ठिकानों और अन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहे हैं।

किसी भी इराकी सशस्त्र समूहों ने इस रॉकेट हमले की तत्काल जिम्मेदारी नहीं ली। संयुक्त राज्य अमेरिका इन हमलों के लिए इराकी शिया मिलिशिया को हमेशा दोषी ठहराता है और उस पर इराक के पड़ोसी देश ईरान के साथ मिलकर या उसकी ओर से हमले करने का आरोप लगाता है। ईरान ने अमेरिका के इन आरोपों से हमेशा इंकार करते हुए कहा है कि उसकी अन्य देशों के घरेलू मामलों में हस्तक्षेप करने की नीति नहीं है।

इस एयरबेस पर कई अमेरिकी एफ-16 लड़ाकू विमानों का आना जाना रहता है जिन्हें अमेरिकी सेना प्रशिक्षण उद्देश्यों के लिए उपयोग करती है। विदेशी और इराकी कर्मचारियों को नियुक्त करने वाली कई अमेरिकी मेंटेनेंस कंपनियों के कार्यालय भी इस एयरबेस पर हैं।

ये हमला ऐसे समय में हुआ जब अमेरिका ने इराक से शेष सभी सैनिकों वापस बुलाने की घोषणा कर दी है। हालांकि इसको लेकर समयसीमा नहीं है कि वापसी की ये प्रक्रिया कब होगी। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी पिछले साल इराक से लगभग 2500 अमेरिकी सैनिकों को वापस ले लिया था, लेकिन पूरी तरह से इनकी वापसी नहीं हो पाई थी। इसके अलावा अमेरिकी सरकार ने वापसी की समयसीमा तय करने के लिए इराकी सरकार के प्रधानमंत्री मुस्तफा अल कदीमी के साथ रणनीतिक वार्ता शुरु किया था।

कई रिपोर्टों से पता चला है कि जब से राष्ट्रपति जो बाइडन ने पदभार संभाला है तब से इराक में अमेरिकी परिसरों और प्रतिष्ठानों के विरोध में 20 बम विस्फोट या रॉकेट हमले हुए हैं।

attack on amercan airbus in iraq
iraq vs america
america in iraq
bagdad
American soldiers

Related Stories

अमेरिका ने जर्मनी से लगभग 12,000 सैनिकों की वापसी की घोषणा की

इराक के लोगों ने देश में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी के ख़िलाफ़ रैली का आह्वान किया


बाकी खबरें

  • भाषा
    ओमीक्रॉन वंचित इलाकों को हर तरह से करेगा प्रभावित
    22 Dec 2021
    वंचित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों ने बीमारी के स्वास्थ्य और वित्तीय बोझ को असमान रूप से महसूस किया है।
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    अखिलेश के "लाल रंग" से क्यों घबरा रही है बीजेपी?
    22 Dec 2021
    वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा आज अपने कार्यक्रम में चर्चा कर रहे हैं उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनाव की। अखिलेश यादव क्या योगी आदित्यनाथ पर भारी पड़ रहे हैं और बीजेपी से नाराज़ लोग क्या समाजवादी…
  • Urban
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    अर्बन कंपनी से जुड़ी महिला कर्मचारियों ने किया अपना धरना ख़त्म, कर्मचारियों ने कहा- संघर्ष रहेगा जारी!
    22 Dec 2021
    अर्बन कंपनी(Urban Company) से जुड़ी महिला कर्मचारियों ने तीन दिन के अपने धरने के बाद बुधवार को कंपनी गेट से अपना धरना उठा लिया है। हालाँकि उन्होंने स्पष्ट किया क
  • झारखंडः मॉब लिंचिंग बिल विधानसभा में पास, तीन साल से लेकर उम्र क़ैद का प्रावधान
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    झारखंडः मॉब लिंचिंग बिल विधानसभा में पास, तीन साल से लेकर उम्र क़ैद का प्रावधान
    22 Dec 2021
    2019 के विधानसभा चुनावों में सत्तासीन जेएमएम-आरजेडी-कांग्रेस गठबंधन ने मॉब लिंचिंग क़ानून बनाने का वादा किया था। झारखंड में साल 2014 से एक के बाद एक मॉब लिंचिंग की कई बड़ी घटनाएं हुई हैं।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    तय समय से एक दिन पहले ही समाप्त हुआ संसद का शीतकालीन सत्र
    22 Dec 2021
    शीत सत्र के दौरान भी दोनों सदनों में सरकार की मनमानी और विपक्ष का विरोध लगातार देखने को मिला। सरकार ने जहां तीन कृषि क़ानून बिना चर्चा के ही वापस ले लिए वहीं कई और अहम विधेयक बिना चर्चा के ही पास कर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License