NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
आंदोलन
समाज
भारत
बांदीपोरा रेप केस : "सामाजिक ताने बाने और संस्कृति पर काला धब्बा"
इस दर्दनाक हादसे के बाद घाटी में व्यापक तौर पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। प्रदर्शनकारी दोषी को कड़ी से कड़ी सज़ा की मांग कर रहे हैं।
सागरिका किस्सू
13 May 2019
Kashmir Protest

"अगर उसे फाँसी होगी, तब जा कर हम मुतमईन (संतुष्ट) होंगे।"

यह कहना है तीन साल की बच्ची के पिता का। वह बच्ची जिसे 8 मई को कश्मीर के बांदीपोरा ज़िले के संबल क्षेत्र में अगवा कर बलात्कार किया गया।

बच्ची के पिता के मुताबिक़ उन्हें घटना की ख़बर इफ़्तार के दौरान मिली। उन्होंने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए सारी घटना को बयां किया, "इफ़्तार के वक़्त जब हम रोज़ा खोलने की तैयारी कर रहे थे, मैंने अपनी पत्नी से हमारी बच्ची के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि वो बाहर होगी। मैं बाहर गया लेकिन वो वहाँ नहीं थी, जिसके बाद मैंने और मेरी पत्नी ने सारे गाँव में उसे तलाश किया। उसी दौरान एक आदमी ने बताया कि उसे पास के मिडिल स्कूल से रोने की आवाज़ें आ रही हैं, और हमें वहाँ देखना चाहिए। हम जल्दी से मिडिल स्कूल की तरफ़ भागे और रोने की आवाज़ का पीछा करते हुए टॉयलेट तक गए जहाँ हमारी बच्ची ज़मीन पर थी और उसकी पैंट उतरी हुई थी।" 

 

बच्ची के पिता ने बताया कि वो जैसे ही घटनास्थल पर पहुँचे, आरोपी लड़का वहाँ से भागा और वो उसके पीछे भागे। उन्होंने कहा "जब हम पहुँचे, वो लड़का वहीं मौजूद था। वो हमें देख कर भागा, मैंने अपनी पत्नी से बच्ची का ख़्याल रखने को कहा और मैं उसके पीछे भागा। हमारी बच्ची दर्दनाक हालत में थी। ज़मीन पर च्वींगगम और एक शैम्पू का पैकेट पड़ा था।"

ये साफ़ है कि बच्ची को च्वींगगम का लालच दे कर फुसलाया गया, फिर उसका अपहरण किया गया और फिर बलात्कार। परिवार ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि वो उस लड़के के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई चाहते हैं। 

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लड़के को गिरफ़्तार कर लिया है जो उसी इलाक़े का है। 

इस दर्दनाक हादसे के बाद घाटी में व्यापक तौर पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं और प्रदर्शनकारी दोषी के लिए कड़ी से कड़ी सज़ा की मांग कर रहे हैं। श्रीनगर की एक महिला प्रदर्शनकारी शबनम ने कहा, "एक दानव ने एक परी पर हमला किया है। ऐसी ही घटना कल मेरे साथ हो सकती है। हमारी अंतरात्मा कब जागेगी? ये कश्मीर की हर औरत की जंग है। हम अपनी सरकार से मांग करते हैं कि आरोपी को फाँसी की सज़ा दी जाए ताकि ऐसी घटनाएँ दोबारा ना हो सकें।" 

प्रदर्शनकारियों को सांत्वना देते हुए डिवीज़नल कमिश्नर बशीर ख़ान ने कहा, "सबसे पहले मैं सबसे गुज़ारिश करना चाहता हूँ कि शांति क़ायम रखें। पुलिस और प्रशासन पर भरोसा रखिए। हम मामले की कार्रवाई तेज़ी से कर रहे हैं। इंसाफ़ होगा और आरोपी को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाएगी। गवर्नर साहब से हमें आदेश आए हैं कि कार्रवाई तेज़ी से की जाए। एसआईटी को सूचित कर दिया गया है और मामला कम से कम वक़्त में सुलझा दिया जाएगा।" 

एक और प्रदर्शनकारी जिन्होंने अपनी पहचान गुप्त रखने को कहा है, ने कहा, "हम इस अमानवीय घटना के ख़िलाफ़ इंसाफ़ की मांग कर रहे हैं। ऐसी घटनाएँ सारी दुनिया में लगातार बढ़ रही हैं। दिन ब दिन हमारी चेतना मरती जा रही है। हम मांग करते हैं कि राजनेताओं को सामने आ कर इस आरोपी के ख़िलाफ़ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग करें, ताकि ऐसी घटनाएँ भविष्य में दोबारा ना हो सके।" 

हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के चेयरमैन सय्यद अली शाह गिलानी ने ऐसी घटनाओं को "सामाजिक ताने बाने और संस्कृति पर एक काला धब्बा" बताया। 

 

इसी दौरान, इस घटना ने एक बार फिर से बलात्कार पर होने वाली बहसों को ज़िंदा कर दिया है। मानवाधिकार कार्यकर्ता और "कुनन पोशपोरा" की सह-लेखिका ईसर बतूल ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा, "बांदीपोरा की घटना हैरान करने वाली नहीं है। हमारे यहाँ ऐसी घटनाएँ काफ़ी लंबे अरसे से होती आ रही हैं, फ़र्क़ सिर्फ़ इतना है इनको दर्ज अब किया जा रहा है। अब वक़्त है कि हमें इन मसलों पर खुल कर बात करनी होगी। महिलाओं पर ये यौन उत्पीड़न एकदम से नहीं होते, ये उस पुरुषवादी सभ्यता का परिणाम हैं जिसने महिलाओं को हमेशा से एक चीज़ की तरह देखा है। 

ऐसी घटनाओं को फ़ास्ट ट्रैक अदालतों में भेजना चाहिए और जल्द से जल्द कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही हमें एक समाज के तौर पर महिलाओं से मुख़ातिब होते हुए ख़ुद में बड़े बदलाव करने की ज़रूरत है। हमें ऐसे शैक्षणिक संस्थानों की ज़रूरत है जो इस नरेटिव को मर्दों से हटा कर औरतों पर केन्द्रित कर सकें।"

rape case
minor girl raped
bandipora
culture
society
sexual crimes
crime

Related Stories

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या

दिल्ली गैंगरेप: निर्भया कांड के 9 साल बाद भी नहीं बदली राजधानी में महिला सुरक्षा की तस्वीर

असम: बलात्कार आरोपी पद्म पुरस्कार विजेता की प्रतिष्ठा किसी के सम्मान से ऊपर नहीं

बिहारः पांच वर्ष की दलित बच्ची के साथ रेप, अस्पताल में भर्ती

राजस्थान: रेप के आरोपी ने दोस्तों के साथ मिलकर दलित लड़की पर चाकू से किया हमला

बिहारः बंधक बनाकर नाबालिग लड़की से गोरखपुर में 1 महीने तक किया गैंगरेप

महाराष्ट्र: 6 महीने में 400 लोगों ने किया नाबालिग का कथित दुष्कर्म, प्रशासन पर उठे सवाल!

बिहारः नाबालिग लड़की से गैंगरेप, एक आरोपी हिरासत में


बाकी खबरें

  • एम. के. भद्रकुमार
    डोनबास में हार के बाद अमेरिकी कहानी ज़िंदा नहीं रहेगी 
    26 Apr 2022
    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने शुक्रवार को नई दिल्ली में अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस को बेहद अहम बताया है।
  • दमयन्ती धर
    गुजरात : विधायक जिग्नेश मेवानी की गिरफ़्तारी का पूरे राज्य में विरोध
    26 Apr 2022
    2016 में ऊना की घटना का विरोध करने के लिए गुजरात के दलित सड़क पर आ गए थे। ऐसा ही कुछ इस बार हो सकता है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पिछले 5 साल में भारत में 2 करोड़ महिलाएं नौकरियों से हुईं अलग- रिपोर्ट
    26 Apr 2022
    क़ानूनी कामकाजी उम्र के 50% से भी अधिक भारतवासी मनमाफिक रोजगार के अभाव के चलते नौकरी नहीं करना चाहते हैं: सीएमआईई 
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकारें अलर्ट 
    26 Apr 2022
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,483 नए मामले सामने आए हैं। देश में अब कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 30 लाख 62 हज़ार 569 हो गयी है।
  • श्रिया सिंह
    कौन हैं गोटाबाया राजपक्षे, जिसने पूरे श्रीलंका को सड़क पर उतरने को मजबूर कर दिया है
    26 Apr 2022
    सैनिक से नेता बने गोटाबाया राजपक्षे की मौजूदा सरकार इसलिए ज़बरदस्त आलोचना की ज़द में है, क्योंकि देश का आर्थिक संकट अब मानवीय संकट का रूप लेने लगा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License