NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बहरीन ने इज़रायली स्पाइवेयर का इस्तेमाल कर नौ एक्टिविस्ट के फ़ोन हैक किए
कनाडा स्थित सिटीज़न लैब ने कहा कि उसने पेरिस स्थित फॉरबिडन स्टोरीज़ और एमनेस्टी इंटरनेशनल के साथ उन नंबरों का सत्यापन किया है।
पीपल्स डिस्पैच
25 Aug 2021
pegasus

कनाडा स्थित सिटीजन लैब ने मंगलवार 24 अगस्त को एक रिपोर्ट में पुष्टि की कि बहरीन ने देश के अंदर और बाहर कई एक्टिविस्टों के फोन हैक करने के लिए इजरायली स्पाइवेयर पेगासस का इस्तेमाल किया।

"फ्रॉम पर्ल टू पेगासस" शीर्षक वाली रिपोर्ट के अनुसार बहरीन सरकार ने कम से कम नौ एक्टिविस्टों को लक्षित करने के लिए जून 2020 और फरवरी 2021 के बीच इज़रायल के एनएसओ समूह स्पाइवेयर का इस्तेमाल किया। इन एक्टिविस्टों में वामपंथी समूह वाड (नेशनल डेमोक्रेटिक एक्शन सोसाइटी) के तीन सदस्य, बहरीन सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स के तीन सदस्य, यूके में निर्वासित जीवन जीने वाले दो एक्टिविस्ट और शीते अल वेफाक पार्टी के एक सदस्य शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार इन दो निर्वासित एक्टिविस्टों के फोन हैक करना बहरीन सरकार के लिए प्रमुख है और इसका मतलब है कि हो सकता है ऐसा करने के लिए उसने अन्य सरकार के साथ सहयोग किया है।

पिछले महीने कई मीडिया समूहों ने दुनिया भर के बड़ी संख्या में एक्टिविस्टों, वकीलों, पत्रकारों, नेताओं, न्यायाधीशों आदि के फोन नंबरों की सूची प्रकाशित की जो पहले से ही पेगासस सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से संक्रमित थे या संक्रमण के संभावित लक्ष्य थे। ये रिपोर्ट पेरिस स्थित फॉरबिडन स्टोरीज और एमनेस्टी इंटरनेशनल के निष्कर्षों पर आधारित थी।

इस रिपोर्ट के मुताबिक बहरीन ने प्रभावित लोगों के आईफोन को हैक करने के लिए पेगासस के जीरो क्लिक आईमैसेज का इस्तेमाल किया।

इस रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि बहरीन का अपनी राजनीतिक व्यवस्था में सुधारों के ढोंग के बावजूद देश में राजनीतिक असंतोष के दमन का क्रूर इतिहास रहा है। देश में अल-खलीफा राजशाही ने विशेष रूप से 2011 में देश में लोकतंत्र समर्थक विरोध के बाद राजनीतिक और मानवाधिकार समूहों पर प्रतिबंध लगाने और कई एक्टिविस्टों की गिरफ्तारी के साथ अपने राजनीतिक दमन को बढ़ा दिया है।

पिछले महीने के खुलासे में भारत, सऊदी अरब, रवांडा और हंगरी सहित दुनिया भर की दर्जनों सरकारों पर अपने नागरिकों की जासूसी करने के लिए इजरायली स्पाइवेयर का इस्तेमाल करने का आरोप है। हालांकि अधिकांश सरकारों ने इस सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल की पुष्टि करने से इनकार कर दिया है वहीं एनएसओ ने कहा है कि वह इसे निजी कंपनियों को नहीं बल्कि केवल सरकारों को बेचती है। इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने वाली अधिकांश सरकारें तानाशाही या दक्षिणपंथी प्रकृति की हैं। इन खुलासों ने भारत जैसे देशों में बड़े पैमाने पर राजनीतिक उथल-पुथल पैदा कर दी है, जहां विपक्ष द्वारा सत्तारूढ़ दल पर राजनीतिक लाभ के लिए इजरायल के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है।

Photo:

https://www.middleeasteye.net/news/bahrain-pegasus-spyware-targets-dissident-activists-home-abroad 

Bahrain
Spyware Pegasus
Israel
Pegasus hacking
Israeli spyware

Related Stories

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

पेगासस कांड: आखिर क्या है RSS से जुड़ा GVF ट्रस्ट? जिसकी अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार के आयोग की जांच पर लगा दी रोक

पेगासस मामले में नया खुलासा, सीधे प्रधानमंत्री कठघरे में, कांग्रेस हुई हमलावर


बाकी खबरें

  • up elections
    अफ़ज़ल इमाम
    यूपी चुनाव को लेकर बड़े कॉरपोरेट और गोदी मीडिया में ज़बरदस्त बेचैनी
    24 Jan 2022
    यदि यूपी जैसे बड़े राज्य में गैर भाजपा सरकार बन जाती है तो जनता के बुनियादी सवाल और आर्थिक मुद्दे देश की राजनीति के केंद्र बिंदु बन जाएंगे।
  • JNU
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जेएनयू में छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में एक व्यक्ति गिरफ़्तार, GSCASH बहाली की मांग
    24 Jan 2022
    जेएनयू की पीएचडी छात्रा के साथ विश्वविद्यालय परिसर में छेड़छाड़ की घटना घटी थी जिसने जेएनयू प्रशासन और दिल्ली की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। घटना के 100 से अधिक घंटे के बाद रविवार को 27…
  • slaughter house
    सौरभ शर्मा
    अवैध बूचड़खानों पर योगी सरकार के प्रतिबंध से ख़त्म हुई बहराइच के मीट व्यापारियों की आजीविका 
    24 Jan 2022
    साल 2017 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अवैध बूचड़खानों पर प्रतिबंध लगा दिया, जिससे प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से मांस के कारोबार में शामिल हजारों लोगों के जीवन और उनकी आजीविका पर काफी बुरा असर पड़ा…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3 लाख से ज़्यादा नए मामले, 439 मरीज़ों की मौत
    24 Jan 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 3,06,064 नए मामले सामने आए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 5.69 फ़ीसदी यानी 22 लाख 49 हज़ार 335 हो गयी है।
  • hum bharat ke log
    शंभूनाथ शुक्ल
    हम भारत के लोग: झूठी आज़ादी का गणतंत्र!
    24 Jan 2022
    दरअसल सरकारें ग़रीब आदमी की बजाय पूंजीपतियों के हाथ में खेलती हैं इसलिए ग़रीबों का हक़ मारकर उनका पैसा अमीरों, दलालों, सत्तासीन वर्गों के पास चला जाता है। जब तक इस पर अंकुश नहीं लगेगा तब तक यह आज़ादी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License