NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
बीएचयू : छात्राओं का प्रदर्शन रंग लाया, आरोपी प्रोफ़ेसर को छुट्टी पर भेजा
रविवार देर रात बीएचयू प्रशासन द्वारा एक प्रेस रिलीज़ जारी कर कहा गया कि बीएचयू की कार्यकारी परिषद प्रोफेसर शैल कुमार चौबे के मामले पर दोबारा विचार करेगी तब तक के लिए प्रोफेसर एसके चौबे को छुट्टी पर जाने का निर्देश दिया जाता है।
सोनिया यादव
16 Sep 2019
BHU

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में यौन शोषण के आरोपी प्रोफ़ेसर की बहाली के विरोध में शनिवार शाम शुरू हुआ विद्यार्थियों का धरना प्रदर्शन आखिरकार 26 घंटे बाद प्रशासन के आश्वासन के बाद रविवार देर रात ख़त्म हो गया।

रविवार देर रात बीएचयू प्रशासन द्वारा एक प्रेस रिलीज़ जारी कर कहा गया कि बीएचयू की कार्यकारी परिषद प्रोफेसर शैल कुमार चौबे के मामले पर दोबारा विचार करेगी तब तक के लिए प्रोफेसर एसके चौबे को छुट्टी पर जाने का निर्देश दिया जाता है।

इस संबंध में विरोध प्रदर्शन में शामिल बीएचयू के छात्र प्रियेश पांडे ने न्यूज़क्लिक को बताया कि ' प्रदर्शन के 24 घंटे बाद छह सदस्य छात्र-छात्राओं का एक दल विश्वविद्यालय प्रशासन से मिला और प्रशासन द्वारा आश्वासन दिया गया कि एग्जिक्यूटिव काउंसिल में इस मामले को दोबारा विचार किया जाएगा साथ ही मामले पर पुनर्विचार करने तक प्रोफेसर एसके चौबे को छुट्टी पर भेज दिया गया है।

प्रियेश ने आगे बताया, हमारी पहली मांग प्रोफेसर की बर्खास्तगी और इस मामले में कानूनी कार्रवाई की थी, जिसे हम हर बैठक में प्रमुखता से उठाएंगे। दूसरी अन्य मांगे जीएसकैश सिस्टम लागू करवाने और छात्रावास को 24x7 खोलने को लेकर थी, जिस पर प्रशासन ने अपना रूख साफ नहीं किया है।
_108820671_5a464d0c-0c67-4b8e-892a-0092ef993c70.jpg

प्रेस रिलीज़ के अनुसार, 'जंतु विज्ञान विभाग के प्रोफेसर शैल कुमार चौबे के ख़िलाफ़ की गई शिकायत पर आंतरिक शिकायत समिति ने मामले जांच की थी। समिति की रिपोर्ट पर कार्यकारिणी परिषद ने विचार करते हुए प्रोफेसर को सज़ा सुनाई थी। हालांकि, मामले पर पुनर्विचार करते हुए, कार्यकारिणी परिषद के फैसले की समीक्षा के लिए उसके पास दोबारा भेजने का निर्णय किया गया है। एग्जिक्यूटिव काउंसिल के इस मामले पर पुनर्विचार करने तक प्रोफेसर शैल कुमार चौबे को छुट्टी पर जाने के निर्देश दिए जाते हैं।'

ये पूछे जाने पर कि कार्यकारिणी की बैठक कब तक होगी, प्रियेश ने कहा कि प्रशासन द्वारा 21 दिनों का समय बताया गया है।

बता दें कि न्यूज़क्लिक ने इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग से भी हस्तक्षेप करने की मांग की थी, जिस पर महिला आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए बीएचयू प्रशासन से आरोपी प्रोफेसर पर की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट और आंतरिक शिकायत समिति की रिपोर्ट तलब की है।

बीएचयू की छात्र परिषद के महासचिव रहे छात्र नेता विकास सिंह ने न्यूज़क्लिक को बताया कि पिछले साल करीब 36 छात्राओं ने प्रोफे़सर पर भुवनेश्वर टूर के दौरान यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। छात्राओं ने कुलपति को पत्र लिखकर शिकायत की थी। इसके बाद ये मामला बीएचयू की 11 सदस्यीय आंतरिक शिकायत समिति के पास गया और प्रोफेसर को दोषी पाया गया। लेकिन बीएचयू की एक्ज़िक्यूटिव काउंसिल के पास जब मामला पहुंचा तो वहां उन्हें सिर्फ़ चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। इस साल जून में काउंसिल ने प्रोफे़सर को बहाल करने का निर्णय लिया है।
_108816143_4dd7e09f-1ace-4326-a937-082eeb605353.jpg
विकास का कहना है कि आईसीसी में प्रोफेसर को दोषी पाया गया है तो उन्हें सिर्फ़ चेतावनी देकर बहाल करना न्याय नहीं है। वो छात्राएं उस वक़्त आखिरी वर्ष में थीं और अब वो पढ़ाई पूरी करके विश्वविद्यालय से जा चुकी हैं। ऐसे में छात्राओं क मांग है कि प्रोफेसर को विश्वविद्यालय से निकाला जाना चाहिए और एफआईआर दर्ज होना चाहिए।

धरने में शामिल एक छात्रा प्रिया ने बताया कि अभी हमारी छोटी सी जीत हुई है। अभी प्रशासन ने हमारी अधूरी मांगें मानी हैं। हमने मांग की थी कि प्रोफेसर को बर्खास्त किया जाए लेकिन फिलहाल उन्हें लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया है।

प्रिया ने कहा कि अगर आगे प्रोफेसर एसके चौबे को बर्खास्त नहीं किया गया तो हम फिर से विरोध प्रदर्शन करेंगे।

न्यूज़क्लिक से बातचीत में छात्राओं ने आरोप लगाया कि धरना प्रदर्शन के दौरान प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए विज्ञान की छात्राओं के हॉस्टल में ताला लगा दिया था। छात्राओं को बाहर नहीं आने दिया जा रहा था। साथ ही कई छात्राओं को हॉस्टल न मिलने और परीक्षा में न बैठने देने की धमकी मिल रही थी।

गौरतलब है कि इस मामले पर विद्यार्थी कई दिनों से प्रशासन के समक्ष रोष प्रकट कर रहे थे लेकिन प्रशासन लगातार इसकी अनदेखी कर रहा था। छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन के ने मामले मे तूल पकड़ लिया। जिसे पहले दबाने के लिए प्रशासन की ओर से कई प्रयास किए गए लेकिन छात्राएं अपनी मांगों पर अड़ी रहीं। जिसके चलते बाद में प्रशासन द्वारा प्रोफेसर एसके चौबे को लंबी छुट्टी पर भेजने का निर्णय लिया गया और छात्र-छात्राओं ने अपना प्रदर्शन खत्म किया।

BHU
Student Protests
Professor Shail Kumar Choubey
sexual crimes
crimes against women
protest against exploitation

Related Stories

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

बीएचयू: लाइब्रेरी के लिए छात्राओं का संघर्ष तेज़, ‘कर्फ्यू टाइमिंग’ हटाने की मांग

बीएचयू : सेंट्रल हिंदू स्कूल के दाख़िले में लॉटरी सिस्टम के ख़िलाफ़ छात्र, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी

रेलवे भर्ती मामला: बर्बर पुलिसया हमलों के ख़िलाफ़ देशभर में आंदोलनकारी छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने कोचिंग संचालकों पर कसा शिकंजा

रेलवे भर्ती मामला: बिहार से लेकर यूपी तक छात्र युवाओं का गुस्सा फूटा, पुलिस ने दिखाई बर्बरता

अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे गोरखपुर विश्वविद्यालय के शोध छात्र, अचानक सिलेबस बदले जाने से नाराज़

झारखंड विधान सभा में लगी ‘छात्र संसद’; प्रदेश के छात्र-युवा अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर

उत्तराखंड: NIOS से डीएलएड करने वाले छात्रों को प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए अनुमति नहीं

गरमाने लगा बनारस: किसान आंदोलन के समर्थक छात्रों के खिलाफ FIR, सिंधोरा थाने पर प्रदर्शन

यूपी में पश्चिम से पूरब तक रही भारत बंद की धमक, नज़रबंद किए गए किसान नेता


बाकी खबरें

  • fertilizer
    तारिक अनवर
    उप्र चुनाव: उर्वरकों की कमी, एमएसपी पर 'खोखला' वादा घटा सकता है भाजपा का जनाधार
    04 Feb 2022
    राज्य के कई जिलों के किसानों ने आरोप लगाया है कि सरकार द्वारा संचालित केंद्रों पर डीएपी और उर्वरकों की "बनावटी" की कमी की वजह से इन्हें कालाबाजार से उच्च दरों पर खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
  • corona
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में कोरोना से मौत का आंकड़ा 5 लाख के पार
    04 Feb 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,49,394 नए मामले सामने आए और 1,072 मरीज़ों की मौत हुई है। देश में कोरोना से अब तक 5 लाख 55 लोगों की मौत हो चुकी है।
  • SKM
    रौनक छाबड़ा
    यूपी चुनाव से पहले एसकेएम की मतदाताओं से अपील: 'चुनाव में बीजेपी को सबक़ सिखायें'
    04 Feb 2022
    एसकेएम ने गुरुवार को अपने 'मिशन यूपी' अभियान को फिर से शुरू करने का ऐलान करते हुए कहा कि 57 किसान संगठनों ने मतदाताओं से आगामी यूपी चुनावों में भाजपा को वोट नहीं देने का आग्रह किया है।
  • unemployment
    अजय कुमार
    क्या बजट में पूंजीगत खर्चा बढ़ने से बेरोज़गारी दूर हो जाएगी?
    03 Feb 2022
    बजट में पूंजीगत खर्चा बढ़ जाने से क्या बेरोज़गारी का अंत हो जाएगा या ज़मीनी हक़ीक़त कुछ और ही बात कह रही है?
  • farmers SKM
    रवि कौशल
    कृषि बजट में कटौती करके, ‘किसान आंदोलन’ का बदला ले रही है सरकार: संयुक्त किसान मोर्चा
    03 Feb 2022
    मोर्चा ने इस बात पर भी जोर दिया कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक बार भी किसानों की आय को दुगुना किये जाने का उल्लेख नहीं किया है क्योंकि कई वर्षों के बाद भी वे इस परिणाम को हासिल कर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License