NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बिहार : कांग्रेस-राजद ने नहीं लिया कोई सबक!
वामपंथी दलों को बाहर रखते हुए बिहार में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का जिस तरह गठबंधन हुआ है उससे विपक्षी एकजुटता को काफी झटका लगा है। इसके बाद भाकपा माले ने साफ कर दिया है कि पार्टी पूर्व घोषित 5 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और सीपीआई को बेगूसराय में और सीपीएम को उजियारपुर में समर्थन देगी।
न्यूज़क्लिक टीम
23 Mar 2019
सांकेतिक तस्वीर
(फाइल फोटो)

पटना : वामपंथी दलों को बाहर रखते हुए बिहार में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का जिस तरह गठबंधन हुआ है उससे विपक्षी एकजुटता को काफी झटका लगा है। भाकपा-माले ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अपना फैसला ले लिया है। माले का कहना है कि ऐसा लगता है कि 2015 के जनादेश के साथ हुए विश्वासघात और गठबंधन की विफलता से कोई सबक नहीं लिया गया है।

बिहार में भाकपा माले पूर्व के घोषित 5 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इसके अलावा सीपीआई को बेगूसराय में और सीपीएम को उजियारपुर में समर्थन देगी तथा राज्य की शेष बची सीटों पर भाजपा-राजग को हराने के अभियान में उतरेगी।

माले का कहना है, “भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आज देश के लोकतंत्र, संविधान, जनता के अधिकार और देश की गंगा-जमुनी संस्कृति के खिलाफ बड़ा खतरा बन कर सामने आई है। परिस्थिति की मांग है कि उपरोक्त ख़तरे के मद्देनजर इन लोकसभा चुनावों में विपक्ष का एक-एक वोट संगठित हो और भाजपा को कड़ी शिकस्त दे। लेकिन कांग्रेस-राजद सहित अन्य दलों के जरिये जिस तरह वामपंथ को बाहर रखते हुए भाजपा विरोधी गठबंधन का स्वरूप सामने लाया गया है, वह भाजपा विरोधी वोटों के व्यापक ध्रुवीकरण और बिहार की जमीनी हकीकत के अनुकूल नहीं है।”

माले नेताओं का कहना है, “भाकपा माले व वामपंथ बिहार में भाजपा के खिलाफ निरंतर लड़नेवाली मजबूत व उसूली ताकत के रूप में स्थापित है। वामपंथ बिहार की जनता के संघर्षों की आवाज भी है। गठबंधन में वामपंथ की मजबूत उपस्थिति से न सिर्फ गठबंधन की विश्वसनीयता को बल मिलता बल्कि उसे व्यापक मजदूर-किसान, छात्र-नौजवान व लोकतांत्रिक ताकतों का समर्थन भी मिलता। महागठबंधन ने जिस तरह सीटों का आपस मे बंटवारा किया है और वामदलों व उनकी स्वाभाविक दावेदारी वाली सीटों को नजरअंदाज किया है, वह न्यायसंगत नही है।” माले के मुताबिक, “बिहार विधानसभा के भीतर पार्टियों की दलगत स्थिति और राज्य में पिछले दो वर्षों से चले जनांदोलनों की अभिव्यक्ति भी इस गठबंधन में नहीं दिखती। इन तमाम चीजों ने बिहार में भाजपा विरोधी मतों के ध्रुवीकरण की संभावना को कमजोर किया है। इसने बिहार के व्यापक वाम, लोकतांत्रिक और प्रगतिशील समूहों को निराश किया है। भाकपा माले उनकी चिंता और आग्रह के साथ खड़ी है और आगे भी खड़ी रहेगी।

पार्टी के मुताबिक, “पहले ही हमने कम सीटों पर लड़ने का फैसला किया था ताकि भाजपा विरोधी मतों में बिखराव न हो।” माले ने पहले 6 सीटों पर लड़ने का फैसला किया था जिसमे से बाद में माले ने वाल्मीकिनगर सीट भी छोड़ दी। शेष पांच सीटें आरा, सीवान, काराकाट, जहानाबाद और पाटलिपुत्र हैं! राजद की ओर से अपने कोटे से एक सीट का ऑफर माले को किया गया है। माले के मुताबिक, “हम भी अपनी उपरोक्त पांच लड़ी जाने वाली सीटों में से एक सीट राजद के लिए छोड़ देंगे। इसके साथ ही माले सीपीआई (भाकपा) को बेगूसराय में और सीपीएम (माकपा) को उजियारपुर में अपना समर्थन देगी और बिहार की शेष सीटों पर भाजपा-राजग को हराने के लिए अभियान चलाएगी।

‘भगत सिंह-अंबेडकर का देश बनाओ’ अभियान

इसके अलावा भाकपा माले ने आज, भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस 23 मार्च से चंद्रशेखर ‘चंदू’ के शहादत दिवस 31 मार्च, 13 अप्रैल जलियांवाला कांड की शतवार्षिकी और 14 अप्रैल बाबा साहेब अंबेडकर जयंती तक पूरे राज्य में ‘भाजपा हराओ-देश बचाओ’, ‘भगत सिंह-अम्बेडकर का देश बनाओ’ नारे के साथ पूरे राज्य में अभियान शुरू किया है।

इसी के तहत शनिवार को भाकपा-माले व उसके जनसंगठनों ने राजधानी पटना सहित पूरे राज्य में संकल्प मार्च का आयोजन किया। पटना के अलावा पटना सिटी, पटना जिले के नौबतपुर, मसौढ़ी, पालीगंज, मनेर, फुलवारी आदि केंद्रों पर संकल्प मार्च निकाले गए. मधुबनी के जयनगर में संकल्प सभा का आयोजन किया गया।

General elections2019
2019 आम चुनाव
Bihar
Congress
RJD
left parties
CPI(ML)
CPI
CPIM

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

हार्दिक पटेल भाजपा में शामिल, कहा प्रधानमंत्री का छोटा सिपाही बनकर काम करूंगा

राज्यसभा सांसद बनने के लिए मीडिया टाइकून बन रहे हैं मोहरा!

ED के निशाने पर सोनिया-राहुल, राज्यसभा चुनावों से ऐन पहले क्यों!

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

ईडी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी को धन शोधन के मामले में तलब किया

त्रिपुरा: सीपीआई(एम) उपचुनाव की तैयारियों में लगी, भाजपा को विश्वास सीएम बदलने से नहीं होगा नुकसान


बाकी खबरें

  • cartoon
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कार्टून क्लिक: सांसद केली जी, कोरोना ही नहीं हमारे पास विकास के भी ‘एक्सपर्ट’ हैं
    12 Jul 2021
    ऑस्ट्रेलियाई सांसद क्रैग केली अपने देश में कोरोना मैनेजमेंट के लिए योगी जी को उधार मांग रहे हैं। ट्विटर पर यूज़र लिख रहे हैं कि “भाई उधार क्या, हमेशा के लिए अपने पास रख लो”। इधर कार्टूनिस्ट इरफ़ान…
  • यूएस वॉल्वो के कर्मचारियों ने तीसरे समझौते को ठुकराया, कंपनी एकतरफ़ा लागू करेगी ये समझौता
    पीपल्स डिस्पैच
    यूएस वॉल्वो के कर्मचारियों ने तीसरे समझौते को ठुकराया, कंपनी एकतरफ़ा लागू करेगी ये समझौता
    12 Jul 2021
    प्रस्तावित समझौते पर यूनाइटेड ऑटो वर्कर्स (यूएडब्ल्यू) द्वारा किए गए मतदान में लगभग 3,000 यूनियन सदस्यों में से 60 प्रतिशत से अधिक सदस्यों ने इसे बेहद अपर्याप्त पाते हुए इसे अस्वीकार कर दिया।
  • क्यों IBC क़र्ज़ वसूली में बैंकों की मदद नहीं कर पाया है?
    सी.पी.चंद्रशेखर
    क्यों IBC क़र्ज़ वसूली में बैंकों की मदद नहीं कर पाया है?
    12 Jul 2021
    'बल्कि यह पूरी प्रक्रिया बैंकों से बड़े उद्यमियों तक संपदा के हस्तांतरण का एक सुरक्षित उपकरण बन गई है। इनमें से ज़्यादातर बैंक सरकारी हैं। मतलब इनके मालिक भारत के आम नागरिक हैं।'
  • बांग्लादेश : 52 मज़दूरों की हत्या के आरोप में फ़ैक्ट्री मालिक हिरासत में
    पीपल्स डिस्पैच
    बांग्लादेश : 52 मज़दूरों की हत्या के आरोप में फ़ैक्ट्री मालिक हिरासत में
    12 Jul 2021
    बांग्लादेश की पुलिस ने रूपगंज में एक खाद्य प्रसंस्करण फ़ैक्ट्री में आग लगने के मामले में हत्या के आरोप में कम से कम आठ लोगों को हिरासत में लिया है।
  • छत्तीसगढ़ : विज्ञापन की शब्दावली पर आपत्ति, वामपंथी पार्टियों ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    छत्तीसगढ़ : विज्ञापन की शब्दावली पर आपत्ति, वामपंथी पार्टियों ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
    12 Jul 2021
    वाम नेताओं ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार का यह विज्ञापन आदिवासी क्षेत्रों के पिछड़ेपन के लिए "वामपंथी" ताकतों को जिम्मेदार ठहराता प्रतीत होता है। इसलिए इस विज्ञापन में प्रयुक्त दक्षिणपंथी शब्दावली को…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License