NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
बिल्किस बानो मामला : गुजरात सरकार को 50 लाख मुआवजा, नौकरी और मकान देने का आदेश
गुजरात में 2002 के दंगों के दौरान अहमदाबाद के पास हिंसक भीड़ ने हमला कर गर्भवती बिल्किस बानो से सामूहिक बलात्कार किया और उनके परिवार के सात सदस्यों की हत्या कर दी थी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
23 Apr 2019
Bilkis Bano Case
Image Courtesy: The Hans India

सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात में 2002 के दंगों के दौरान सामूहिक बलात्कार का शिकार हुईं बिल्किस बानो को 50 लाख रुपये बतौर मुआवजा, नौकरी और आवास देने का निर्देश राज्य सरकार को दिया है।

आपको बता दें कि 2002 में अहमदाबाद के पास हिंसक भीड़ के एक हमले के दौरान दंगाईयों ने गर्भवती बिल्किस बानो से सामूहिक बलात्कार किया और उनके परिवार के सात सदस्यों की हत्या कर दी थी।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ को गुजरात सरकार ने सूचित किया कि इस मामले में दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। पीठ को यह भी बताया गया कि पुलिस अधिकारियों के पेंशन लाभ रोक दिये गये हैं और बंबई उच्च न्यायालय द्वारा दोषी आईपीएस अधिकारी की दो रैंक पदावनति कर दी गयी है।

बिल्किस बानो ने इससे पहले शीर्ष अदालत के समक्ष एक याचिका पर उन्हें पांच लाख रुपए मुआवजा देने की राज्य सरकार की पेशकश ठुकराते हुये ऐसा मुआवजा मांगा था जो दूसरों के लिये नज़ीर बने।

शीर्ष अदालत ने इससे पहले 29 मार्च को गुजरात सरकार से कहा था कि बंबई उच्च न्यायालय द्वारा दोषी ठहराये गये आईपीएस अधिकारी सहित सभी दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ दो सप्ताह के भीतर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाये।

बानो की वकील शोभा गुप्ता ने इससे पहले न्यायालय से कहा था कि राज्य सरकार ने दोषी ठहराये गये पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने यह भी कहा था कि गुजरात में सेवारत एक आईपीएस अधिकारी इस साल सेवानिवृत्त होने वाला है जबकि चार अन्य पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं और उनकी पेंशन तथा सेवानिवृत्ति संबंधी लाभ रोकने जैसी कार्रवाई भी नही की गयी है।

राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता तुषार मेहता ने कहा था कि इन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जा रही है। बिल्किस बानो को मुआवजे के बारे में मेहता ने कहा था कि इस तरह की घटनाओं में पांच लाख रुपये मुआवजा देने की राज्य सरकार की नीति है।

अभियोजन के अनुसार अहमदाबाद के पास रणधीकपुर गांव में उग्र भीड़ ने तीन मार्च 2002 को बिल्किस बानो के परिवार पर हमला बोला था। इस हमले के समय बिल्किस बानो पांच महीने की गर्भवती थी और उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया और परिवार के सात सदस्यों की हत्या कर दी गयी थी।

इस मामले में विशेष अदालत ने 21 जनवरी, 2008 को 11 आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुनाई थी जबकि पुलिसकर्मियों और चिकित्सकों सहित सात आरोपियों को बरी कर दिया था।

उच्च न्यायालय ने चार मई, 2017 को पांच पुलिसकर्मियों और दो डाक्टरों को ठीक से अपनी ड्यूटी का निर्वहन नहीं करने और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने के अपराध में भारतीय दंड संहिता की धारा 218 और धारा 201 के तहत दोषी ठहराया था। पीड़िता की वकील के मुताबिक ट्रायल के दौरान जेल में काटे वक्त को ही ही इन लोगों की सज़ा मान लिया गया था। और इन लोगों को फिर से सेवा में रख लिया गया।
शीर्ष अदालत ने 10 जुलाई, 2017 को दोनों डाक्टरों और आईपीएस अधिकारी आर एस भगोड़ा सहित चार पुलिसकर्मियों की अपील खारिज कर दी थी। इन सभी ने उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी थी।

मंगलवार को फैसला सुनाते हुए सीजेआई ने गुजरात सरकार की वकील हेमंतिका वाही से कहा, "आप खुद को भाग्यशाली समझिए कि हम अपने आदेश में सरकार के खिलाफ कुछ नहीं कह रहे हैं।"
 

(समाचार एजेंसी भाषा और livelaw.in के इनपुट के साथ)

Gujrat
2002 Gujrat riots
Bilkis Bano Case
Rape And Murder Case
Supreme Court
BJP
VIJAY RUPANI
Narendra modi

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

राजीव गांधी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने दोषी पेरारिवलन की रिहाई का आदेश दिया

रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट : डाडा जलालपुर में अभी भी तनाव, कई मुस्लिम परिवारों ने किया पलायन

हिमाचल प्रदेश के ऊना में 'धर्म संसद', यति नरसिंहानंद सहित हरिद्वार धर्म संसद के मुख्य आरोपी शामिल 

ग़ाज़ीपुर; मस्जिद पर भगवा झंडा लहराने का मामला: एक नाबालिग गिरफ़्तार, मुस्लिम समाज में डर

लखीमपुर हिंसा:आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने के लिए एसआईटी की रिपोर्ट पर न्यायालय ने उप्र सरकार से मांगा जवाब

टीएमसी नेताओं ने माना कि रामपुरहाट की घटना ने पार्टी को दाग़दार बना दिया है

चुनाव के रंग: कहीं विधायक ने दी धमकी तो कहीं लगाई उठक-बैठक, कई जगह मतदान का बहिष्कार


बाकी खबरें

  • loksabha
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    संसद में चर्चा होना देशहित में- मोदी, लेकिन कृषि क़ानून निरस्त करने का बिल बिना चर्चा के ही पास!
    29 Nov 2021
    सरकार की कथनी-करनी का फ़र्क़ एक बार फिर तुरंत देश के सामने आ गया। आज सुबह संसद सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया से कहा कि संसद में चर्चा होना देशहित में है और सरकार हर सवाल का जवाब…
  • TN
    श्रुति एमडी
    तमिलनाडु इस सप्ताह: राज्य सरकार ने सस्ते दामों पर बेचे टमाटर, श्रमिकों ने किसानों के प्रति दिखाई एकजुटता 
    29 Nov 2021
    इस सप्ताह, तमिलनाडु ने 52,549 करोड़ रूपये की 82 औद्योगिक परियोजनाओं के लिए सभी क्षेत्रों के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये। इसके साथ ही सरकार ने थूथुकड़ी, नागापट्टिनम और…
  • alok dhanwa
    अनिल अंशुमन
    ‘जनता का आदमी’ के नाम ‘जनकवि नागार्जुन स्मृति सम्मान’: नए तेवर के कवि आलोक धन्वा हुए सम्मानित
    29 Nov 2021
    यह सम्मान 2020 में ही दिल्ली में नागार्जुन जी के स्मृति दिवस पर दिया जाना था। लेकिन कोरोना महामारी के कारण यह संभव नहीं हो सका। इसलिए महामारी प्रकोप के कम होते ही यह सम्मान आलोक धन्वा के प्रिय शहर…
  • Assam
    संदीपन तालुकदार
    असम: नागांव ज़िले में स्वास्थ्य ढांचा उपलब्ध होने के बावजूद कोविड मरीज़ों को स्थानांतरित किया गया
    29 Nov 2021
    महामारी ने स्वास्थ्य सुविधा संकट की परतें खोलकर रख दी हैं और बताया कि कैसे एम्स की सुविधा होने पर नागांव बेहतर तरीक़े से महामारी का सामना कर सकता था।
  • Bahgul River
    तारिक़ अनवर
    यूपी के इस गाँव के लोग हर साल बांध बना कर तोड़ते हैं, जानिए क्यों?
    29 Nov 2021
    हालांकि सरकार ने पिछले साल एक स्थायी जलाशय बनाने के लिए 57.46 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की थी, लेकिन इस परियोजना को अभी तक अमल में नहीं लाया गया है और इस साल भी मिट्टी से बांध बनाने की प्रक्रिया…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License