NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
भारत
बोरवेल से 110 घंटे बाद बाहर निकाले गए दो वर्षीय बच्चे की मौत
अधिकारियों ने बताया कि ‘राष्ट्रीय आपदा मोचन बल’ के कर्मियों ने सुबह करीब साढ़े पांच बजे बच्चे को बोरवेल से बाहर निकाला था।
भाषा
11 Jun 2019
Borewell
फोटो साभार: Hindustan Times

पंजाब के संगरूर जिले में 150 फुट गहरे बोरवेल में गिरे दो वर्षीय फतेहवीर सिंह को करीब 110 घंटे बाद मंगलवार सुबह बाहर तो निकाल लिया गया लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

अधिकारियों ने बताया कि ‘राष्ट्रीय आपदा मोचन बल’ के कर्मियों ने सुबह करीब साढ़े पांच बजे बच्चे को बोरवेल से बाहर निकाला था। संगरूर उपायुक्त घनश्याम ठोरी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पुलिस सुरक्षा के बीच बच्चे को चंडीगढ़ के ‘स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान’ (पीजीआईएमईआर) ले जाया गया था। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे को मृत अवस्था में वहां लाया गया था।

पीजीआईएमईआर के चिकित्सा अधीक्षक ए. के. गुप्ता ने कहा, ‘‘शव का जल्द ही पोस्टमार्टम कराया जाएगा।’’ उन्होंने बताया कि अस्पताल बयान जारी करेगा। गुप्ता ने बताया कि बच्चे को सुबह अस्पताल लाए जाने के बाद उसे ‘उन्नत बाल चिकित्सा केन्द्र’ ले जाया गया।

फतेहवीर इसी सोमवार को दो साल का हुआ था। वह सात इंच चौड़े और 125 फुट गहरे बोरवेल में गिर गया था। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। फतेहवीर सिंह जिले के भगवानपुरा गांव में अपने घर के पास एक सूखे पड़े बोरवेल में गुरुवार शाम करीब चार बजे गिर गया था।

बोरवेल कपड़े से ढका हुआ था इसलिए बच्चा दुर्घटनावश उसमें गिर गया। अधिकारियों ने बताया कि बच्चे की मां ने उसे बचाने की कोशिश की थी लेकिन वह उसे बचा नहीं पाई।
बच्चे को बाहर निकालने के लिए व्यापक स्तर पर एक बचाव अभियान चलाया गया था। अधिकारी बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचाने में तो सफल रहे थे लेकिन वे उस तक खाना-पीना नहीं पहुंचा पाए थे। 

ठोरी ने मीडिया को बताया कि यह 100 फुट से अधिक गहराई पर एनडीआरएफ द्वारा चलाए गए सबसे कठिन अभियानों में से एक था। बच्चे को बचाने के लिए बोरवेल के समानांतर एक दूसरा बोरवेल खोदा गया था और उसमें कंक्रीट के बने 36 इंच व्यास के पाइप डाले गए थे।

बचाव अभियान में देरी के कारण स्थानीय लोगों ने सोमवार को जिला प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन भी किया था। सुनाम-मानसा मार्ग को गांववालों ने बाधित कर दिया था।

borewell
borewell deaths
punjab
Children
death

Related Stories

मोहाली में पुलिस मुख्यालय पर ग्रेनेड हमला

लुधियाना जिला अदालत परिसर में विस्फोट, दो लोगों की मौत

झारखंड:  रेलवे ठेकदार द्वारा खोदे गड्ढे में डूबकर गांव की 7 बच्चियों की मौत

पंजाब में ज़हरीली शराब पीने से 38 लोगों की मौत, विपक्ष हमलावर

पंजाब में पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 18 लोगों की मौत

निर्मम समाज में स्वच्छता सेनानियों की गुमनाम शहादत

बिहार : 14 दिन में 86 बच्चों की मौत और ‘सुशासन’ की कहानियां

वड़ोदरा : होटल में सीवर साफ करने के दौरान 4 सफाईकर्मियों समेत 7 की मौत

भिवानी: कुएं में उतरे दो किसानों की जहरीली गैस से मौत, तीसरे की हालत गंभीर

एक और नाबालिग, एक और बलात्कार: महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं यूपी?


बाकी खबरें

  • सबरंग इंडिया
    सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति ने आशीष मिश्रा को दी गई जमानत रद्द करने की सिफारिश की
    02 Apr 2022
    सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को 4 अप्रैल, 2022 तक एसआईटी द्वारा जारी रिपोर्ट का जवाब देने का निर्देश दिया
  • विजय विनीत
    यूपी बोर्डः पेपर लीक प्रकरण में "अमर उजाला" ने जेल जाने वाले अपने ही पत्रकारों से क्यों झाड़ लिया पल्ला?
    02 Apr 2022
    "मीडिया घरानों पर काबिज पूंजीपति भाजपा सरकार की जी-हुजूरी में चारणयुग को भी मात देने लगे हैं। इससे बड़े शर्म की बात और क्या हो सकती है कि जिन मीडिया संस्थानों के पत्रकारों को सरकार और सरकारी मशीनरी…
  • तारो जूनिगा सिल्वा
    चिली की नई संविधान सभा में मज़दूरों और मज़दूरों के हक़ों को प्राथमिकता..
    02 Apr 2022
    संवैधानिक सभा की प्रक्रिया में श्रमिक खुद की एक यूनियन  भी बना रहे हैं ताकि श्रमिक अधिकारों को प्राथमिकता दी जा सके।
  • एम.ओबैद
    बीजेपी बिहार की सत्ता हासिल करना चाहती है या नीतीश सौंपना चाहते हैं!
    02 Apr 2022
    "नीतीश कुमार को लेकर जो अटकलें सरेआम हैं, वे कोई नई नहीं हैं। पिछले विधानसभा चुनाव के बाद से ये चर्चा तेज है। उसी समय से इसकी सुगबुगाहट थी कि कम सीट मिलने पर भी नीतीश कुमार को सीएम बनाया गया है।"
  • तारिक अनवर
    सोनभद्र के ग्रामीणों को बीमार, अपंग बनाते पीने के पानी में मिले दूषित पदार्थ  
    02 Apr 2022
    फ़्लोरोसिस, सिलिकोसिस, कैंसर, टीबी आदि जैसी बीमारियों से पीड़ित इन ग्रामीणों का आरोप है कि सोनभद्र और सिंगरौली में स्थित थर्मल प्लांट से रसायनों का ख़तरनाक़ मिश्रण भू-जल और मिट्टी में रिस रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License