NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
भारतीय रुपया कोमा में पहुंचा : यशवंत सिन्हा
राफेल सौदे के संबंध में सिन्हा ने सीधे प्रधानमंत्री मोदी को ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा कि “अगर सीबीआई इस गलत सौदे का पर्दाफाश करती है तो कई लोगों के नाम सामने आएंगे।”
आईएएनएस
09 Oct 2018
यशवंत सिन्हा
Image Courtesy : The Hindu

अहमदाबाद| पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा ने मंगलवार को यहां कहा कि देश में मची आर्थिक खलबली ने भारतीय रुपये को कोमा में पहुंचा दिया है। राष्ट्र मंच के एक समारोह में सिन्हा ने कहा, "जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने एक अमेरिकी डॉलर का मूल्य 60 रुपये हो जाने पर कहा था कि भारतीय रुपया आईसीयू(इंटेनसिव केयर यूनिट) में है। और अब जब रुपया 75 के करीब पहुंच गया है तो वह क्या कहेंगे? अब यह कोमा में हैं।" राष्ट्र मंच का गठन इस साल की शुरुआत में हुआ था।

इससे पहले संवाददाताओं से बातचीत में भाजपा के पूर्व नेता, सिन्हा ने कहा, "वर्तमान हालात ऐसे हैं कि कोई नागरिक सरकार के खिलाफ अपने विचार भी जाहिर नहीं कर सकता। अगर वह ऐसा करेगा तो उसे राष्ट्र विरोधी करार दिया जाएगा, जो कि पूर्ण रूप से लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है।"

राफेल रक्षा सौदे का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, "हमने (मैंने, प्रशांत भूषण और अरुण शौरी) राजग सरकार द्वारा किए गए राफेल सौदा घोटाले के संबंध में केंद्रीय जांच ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई है।"

सिन्हा ने दावा किया, "और इसके लिए केवल एक व्यक्ति जिम्मेदार है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।"

उन्होंने कहा, "कोई भी, यहां तक कि प्रधानमंत्री के पास भी रक्षा खरीद प्रक्रिया का उल्लंघन करने का अधिकार नहीं है, लेकिन प्रधानमंत्री द्वारा इसका उल्लंघन किया गया। अगर सीबीआई इस गलत सौदे का पर्दाफाश करती है तो कई लोगों के नाम सामने आएंगे।"

 

yashwant sinha
Rupee downfall
Rafael deal
Narendra modi

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 


बाकी खबरें

  • SFI PROTEST
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    SFI ने किया चक्का जाम, अब होगी "सड़क पर कक्षा": एसएफआई
    09 Feb 2022
    दिल्ली विश्वविद्यालय को फिर से खोलने के लिए SFI ने प्रदर्शन किया, इस दौरान छात्रों ने ऑनलाइन कक्षाओं का विरोध किया। साथ ही सड़क पर कक्षा लगाकर प्रशासन को चुनौत दी।
  • PTI
    समीना खान
    चुनावी घोषणापत्र: न जनता गंभीरता से लेती है, न राजनीतिक पार्टियां
    09 Feb 2022
    घोषणापत्र सत्ताधारी पार्टी का प्रश्नपत्र होता है और सत्ताकाल उसका परीक्षाकाल। इस दस्तावेज़ के ज़रिए पार्टी अपनी ओर से जनता को दी जाने वाली सुविधाओं का जिक्र करती है और जनता उनके आधार पर चुनाव करती है।…
  • हर्षवर्धन
    जन्मदिन विशेष : क्रांतिकारी शिव वर्मा की कहानी
    09 Feb 2022
    शिव वर्मा के माध्यम से ही आज हम भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, सुखदेव, राजगुरु, भगवती चरण वोहरा, जतिन दास और महाबीर सिंह आदि की कमानियों से परिचित हुए हैं। यह लेख उस लेखक की एक छोटी सी कहानी है जिसके बारे…
  • budget
    संतोष वर्मा, अनिशा अनुस्तूपा
    ग्रामीण विकास का बजट क्या उम्मीदों पर खरा उतरेगा?
    09 Feb 2022
    कोविड-19 महामारी से पैदा हुए ग्रामीण संकट को कम करने के लिए ख़र्च में वृद्धि होनी चाहिए थी, लेकिन महामारी के बाद के बजट में प्रचलित प्रवृत्ति इस अपेक्षा के मामले में खरा नहीं उतरती है
  • Election
    एम.ओबैद
    यूपी चुनावः प्रचार और भाषणों में स्थानीय मुद्दों को नहीं मिल रही जगह, भाजपा वोटर भी नाराज़
    09 Feb 2022
    ऐसे बहुत से स्थानीय मुद्दे हैं जिनको लेकर लोग नाराज हैं इनमें चाहे रोजगार की कमी का मामला हो, उद्योग की अनदेखी करने का या सड़क, बिजली, पानी, महिला सुरक्षा, शिक्षा का मामला हो। इन मुद्दों पर चर्चा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License