NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ब्राज़ील की सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लूला को दोषी ठहराने वाले न्यायमूर्ति पक्षपाती थे
लोकप्रिय पूर्व राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा को 2018 में भ्रष्टाचार के मामले में तख्तापलट करने वाली सरकार के दौरान दोषी ठहराया गया था और चुनाव लड़ने से वंचित किया गया था जिससे दक्षिणपंथी जैर बोलसोनारो की जीत का मार्ग प्रशस्त हुआ था।
पीपल्स डिस्पैच
24 Mar 2021
brazil

फेडरल सुप्रीम कोर्ट (एसटीएफ) के दूसरे पैनल ने ऑपरेशन कार वाश मामले में वर्कर्स पार्टी (पीटी) के पूर्व राष्ट्रपति लुईज इनासियो लूला डा सिल्वा मामले में पूर्व न्यायमूर्ति सर्जियो मोरो द्वारा व्याप्त कदाचार की मंगलवार 23 मार्च को तीन मतों की तुलना में दो मतों से पुष्टि की। 8 मार्च को एक फैसले के बाद लूला की कानूनी लड़ाई में यह नवीनतम अध्याय है। इस फैसले ने पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ सजा को रद्द कर दिया और 2022 में उनके राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनने के लिए दरवाजे खोल दिए।

हाल का निर्णय मंत्री कारमेन लुइया के वोट में बदलाव के कारण था जिन्होंने लूला की रक्षा में प्रस्तुत बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के खिलाफ साल 2018 में जब मतदान शुरू हुआ था तब वोट किया था। हालांकि गत मंगलवार को उन्होंने सर्जियो मोरो के पक्षपात को मानते हुए बंदी प्रत्यक्षीकरण को स्वीकार कर लिया।

मंत्री ने निम्नलिखित तथ्य प्रस्तुत किए जो मोरो के पक्षपात को प्रमाणित करते हैं: समन प्रक्रिया में अनियमितता; लूला के फोन कॉल और उनके परिवार व वकीलों की अवैध तरीके से टैपिंग का मामला; मंत्री एंटोनियो पालोस्की की सीलबंद बयान को मीडिया में लीक करना।

कैरमेन लुसिया ने कहा, "अधिकारों का श्रृंखलाबद्ध उल्लंघन था जो किसी का बचाव करना असंभव बनाता है"।

फेडरल सुप्रीम कोर्ट (एसटीएफ) के दूसरे पैनल ने साल 2018 में ट्रायल शुरू किया था और लूला और तटीय शहर गुआरुज़ा में तीन मंजिला अपार्टमेंट से जुड़े मामले के संबंध में मोरो के संदिग्ध व्यवहार का विश्लेषण करने के लिए 9 मार्च को इसे फिर से शुरू किया। यह लावा जाटो ऑपरेशन के दायरे के तहत 13 वें संघीय न्यायालय कूर्टिबा द्वारा शुरु किए गए पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ अन्य सभी कार्यवाही के लिए भी लागू होगा।

मुकदमे की सुनवाई पहले रुक गई थी क्योंकि बोलसोनारो द्वारा नियुक्त किए गए सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति कासियो नूनेस मार्केस ने समीक्षा के लिए और समय मांगा था। गत मंगलवार की सुबह नूनेस मार्केस ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में वापस उठाया। थोड़ी ही देर बाद मंत्री गिल्मर मेंडेस ने मुकदमे को दोपहर में जारी रखने की मांग की।

Brazil
sergio moro
brazil judge

Related Stories

बच्चों को हरे खेत दिखाओ और सूरज की रौशनी उनकी ज़ेहन में उतरने दो

पड़ताल दुनिया भर की: ब्राज़ील में घिरे बोलसोनारो, काबुल में हारा अमेरिका

कोविड-19 कुप्रबंधन ने बढ़ाई भारत-ब्राज़ील में खाद्य असुरक्षा

ब्राज़ील में ‘गुलाबी लहर’ की वापसी 

पैसा पूरी दुनिया के लोकतांत्रिक व्यवस्था को तबाह कर रहा है!

सार्वजनिक स्वास्थ्य की अवधारणा

अमेरिका की सुनियोजित योजना: पाबंदी के ज़रिए गला घोंटना

डिएगो माराडोना: अमेरिकी साम्राज्यवाद का कट्टर विरोधी खिलाड़ी

आज़ादी, केवल आज़ादी ही हमारी प्यास बुझा सकेगी !

चीन लैटिन अमेरिका के साथ बढ़ा रहा है अपने संबंध 


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा
    08 Feb 2022
    आज हम डॉ. सत्यजीत के साथ कोविड -19 के टीके का उत्पादन के बारे में बात करेंगे, टीके के निर्यात को ले के दुनिया के अलग- अलग देशों और उनके कंपनियों की नीतियों को भी समझेंगे और इन टीकों से जो बड़ा…
  • Uttarakhand
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव : रुद्रप्रयाग में दस साल पहले प्रस्तावित सैनिक स्कूल अभी तक नहीं बना, ज़मीन देने वाले किसान नाराज़!
    08 Feb 2022
    रुद्रप्रयाग विधानसभा के जखोली विकासखंड के थाती-बड़मा गांव में 2013 में सैनिक स्कूल प्रस्तावित किया गया था मगर आज तक यहाँ सरकार स्कूल नहीं बनवा पाई है। पढ़िये न्यूज़क्लिक संवाददाता मुकुंद झा की यह…
  • Media
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    ‘केंद्रीय मीडिया प्रत्यायन दिशा-निर्देश-2022’ : स्वतंत्र मीडिया पर लगाम की एक और कोशिश?
    08 Feb 2022
    यह सरकारी दिशा-निर्देश ऊपर से जितने अच्छे या ज़रूरी दिखते हैं, क्या वास्तव में भी ऐसा है? ‘‘सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता’’ या ‘जन व्यवस्था’ जितने आवश्यक शब्द हैं, इन्हें लागू करने की नीति या…
  • union budget
    सी. सरतचंद
    अंतर्राष्ट्रीय वित्त और 2022-23 के केंद्रीय बजट का संकुचनकारी समष्टि अर्थशास्त्र
    08 Feb 2022
    केंद्र सरकार आखिरकार केंद्रीय बजट में ठहरे/गिरते सरकारी राजस्व व्यय और पूंजीगत व्यय में स्पष्ट वृद्धि के बीच में अंतर क्यों कर रही है?
  • jammu and kashmir
    अनीस ज़रगर
    जम्मू-कश्मीर : क्षेत्रीय दलों ने परिसीमन आयोग के प्रस्ताव पर जताई नाराज़गी, प्रस्ताव को बताया जनता को शक्तिहीन करने का ज़रिया
    08 Feb 2022
    महबूबा मुफ़्ती का कहना है कि बीजेपी गांधी के भारत को गोडसे के भारत में बदलना चाहती है। इस लक्ष्य के लिए जम्मू-कश्मीर को प्रयोगशाला के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License