NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
कैब-एनआरसी यानी भारत की तबाही की तैयारी!
सत्ताधारी खेमा लोकसभा में अपने भारी बहुमत का इस्तेमाल देश को अच्छा शासन देने में नहीं कर रहा है। उसका सारा ध्यान देश के संविधान और सामाजिक जीवनबोध को पलटने पर है।
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
11 Dec 2019

सत्ताधारी खेमा लोकसभा में अपने भारी बहुमत का इस्तेमाल देश को अच्छा शासन देने में नहीं कर रहा है। उसका सारा ध्यान देश के संविधान और सामाजिक जीवनबोध को पलटने पर है। वह एक राष्ट्र के रूप में भारत को बदलना चाहता है और सेक्युलर-लोकतंत्र की जगह खास वर्ण और खास धर्म-वर्चस्व की सत्ता कायम करना चाहता है! इसके लिए वह एक निरंकुश-तंत्र स्थापित करने में लगा है। कैब-एनआरसी के पीछे उसकी मंशा यही है-इस बारे में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश का विश्लेषण:

CAB NRC
CAB
NRC
BJP
Assam

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

आंगनवाड़ी महिलाकर्मियों ने क्यों कर रखा है आप और भाजपा की "नाक में दम”?

NEP भारत में सार्वजनिक शिक्षा को नष्ट करने के लिए भाजपा का बुलडोजर: वृंदा करात


बाकी खबरें

  • इज़रायल का फ़िलिस्तीनियों को डराना धमकाना और उत्पीड़न लगातार जारी
    पीपल्स डिस्पैच
    इज़रायल का फ़िलिस्तीनियों को डराना धमकाना और उत्पीड़न लगातार जारी
    08 Jun 2021
    सप्ताहांत में इज़रायली बलों ने पत्रकारों पर हिंसक हमला किया, शेख़ जर्राह में बेदखली का विरोध करने वाले प्रमुख फ़िलिस्तीनी एक्टिविस्टों को गिरफ़्तार किया और शेख़ जर्राह के समर्थन में हुई दौड़ में भाग लेने…
  • अथ टीका पुराण और इति वैक्सीन विरोधी मुहिम का कथा सार
    बादल सरोज
    अथ टीका पुराण और इति वैक्सीन विरोधी मुहिम का कथा सार
    08 Jun 2021
    वैक्सीन विरोधी अज्ञान और अवैज्ञानिकता के इस वायरस के दो कैरियर हैं; एक तो भोले भाले लोग हैं और दूसरे हैं धूर्त जो जानबूझकर ऐसा करते हैं ताकि महामारी से देश को बचाने के मामले में उनके आकाओं की…
  • मोदी अकेले नहीं :  सभी ‘दक्षिण-पंथी सत्तावादी’ कोविड-19 से निपटने में बुरी तरह विफल साबित हुए
    पी. रमण
    मोदी अकेले नहीं :  सभी ‘दक्षिण-पंथी सत्तावादी’ कोविड-19 से निपटने में बुरी तरह विफल साबित हुए
    08 Jun 2021
    अंतर्राष्ट्रीय सर्वेक्षणों एवं विभिन्न अध्ययनों में कोविड-19 की पहली लहर से निपटने के मामले में नरेंद्र मोदी के प्रदर्शन को कमजोर पाया गया था। दूसरी लहर के प्रबंधन का मूल्यांकन और भी बदतर रहने वाला…
  • पश्चिम बंगाल: कोविड-19 के अहम इंजेक्शन की कालाबाज़ारी, घपले की वायरल क्लिप जांच में सही साबित
    संदीप चक्रवर्ती
    पश्चिम बंगाल: कोविड-19 के अहम इंजेक्शन की कालाबाज़ारी, घपले की वायरल क्लिप जांच में सही साबित
    08 Jun 2021
    वायरल ऑडियो क्लिप टोसिलिजुमैब इंजेक्शन की जमाखोरी करने में तृणमूल कांग्रेस के विधायक निर्मल माजी की भूमिका की तरफ इशारा करते हैं। प्रथम दृष्टया रिपोर्ट इस घपले के केंद्र में एक फिजिशियन के होने की…
  • बलिया: अपराध के बढ़ते ग्राफ के बीच शासन मस्त और जनता त्रस्त!
    सोनिया यादव
    बलिया: अपराध के बढ़ते ग्राफ के बीच शासन मस्त और जनता त्रस्त!
    08 Jun 2021
    खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक वर्चुअल संवाद कार्यक्रम में कहा था कि “अब तो बलिया का नाम लेते ही डर लगता है”, बात हँसी में कही गई थी, लेकिन ये हँसी नहीं वास्तविकता है और ज़िले के रहने वालों को…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License