सत्ताधारी खेमा लोकसभा में अपने भारी बहुमत का इस्तेमाल देश को अच्छा शासन देने में नहीं कर रहा है। उसका सारा ध्यान देश के संविधान और सामाजिक जीवनबोध को पलटने पर है।
सत्ताधारी खेमा लोकसभा में अपने भारी बहुमत का इस्तेमाल देश को अच्छा शासन देने में नहीं कर रहा है। उसका सारा ध्यान देश के संविधान और सामाजिक जीवनबोध को पलटने पर है। वह एक राष्ट्र के रूप में भारत को बदलना चाहता है और सेक्युलर-लोकतंत्र की जगह खास वर्ण और खास धर्म-वर्चस्व की सत्ता कायम करना चाहता है! इसके लिए वह एक निरंकुश-तंत्र स्थापित करने में लगा है। कैब-एनआरसी के पीछे उसकी मंशा यही है-इस बारे में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश का विश्लेषण: