NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
चेन्नई मेट्रो के कर्मचारियों ने मेट्रो भवन के सामने दिया धरना
आखिर क्यों वेतन बढ़ोत्तरी के बाद भी कर्मचारियों के मन में हर्षा-उल्लास के बदले हताशा उमड़ पड़ी?
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
03 Jul 2018
Chennai Metro Workers' Strike

सोमवार से चेन्नई मेट्रो के कर्मचारियों ने कोयम्बेडु स्थित मेट्रो भवन के सामने धरने पर बैठे हैं। उनकी मुख्य माँगेंमाँगें हैं कि मेट्रो कर्मचारी के जो भत्ते बढ़ायें हैं उसमें सुधार करे साथ ही कैफेटेरिया भत्ते में भी सुधार की आवश्यकता है और देश के बाकी मेट्रो में सरकार जिस तरह से अपने कर्मचारियों को वेतन देती है वो इन्हें भी मिलनी चाहिए।

चेन्नई मेट्रो ने शनिवार 1 जूलाई 2018 को मेट्रो कर्मचारियों के वेतन भत्ते में बढ़ोत्तरी की थी। हालाँकि यह बढ़ोत्तरीबढ़ोत्तरी पिछले वर्ष ही हो जानी चाहिए थी। जहाँजहाँ वेतन बढ़ोत्तरी के बाद कर्मचारियों में हर्षा-उल्लास होना चाहिए वहीं यह सूचना पाकर मेट्रो कर्मचारियों के मन में हताशा उमड़ पड़ी। क्योंकि जिस वेतन बढ़ोत्तरी का इंतजार कर्मचारी पिछले वर्ष से कर रहे थे उस वेतन में बढ़ोत्तरी तो हुई लेकिन न के बराबर। इस वृद्धि के बाद से कर्मचारियों के अंदर काफी रोष है उनसे बात करने पर पाया की किसी के वेतन में 100 रू कि बढ़ोत्तरी हुई है तो किसी के वेतन में 500 रू की। इस संशोधन में गैर कार्यकारी कर्मचारियों के वेतन में 05-07 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है जबकि 10-15 प्रतिशत वृद्धि होनी थीI

  जहाँ देश के बाकि मेट्रो में गैर कार्यपालक कर्मचारियों को कैफेटेरिया भत्ता मिलता है जोकि मूल वेतन का 30-35 प्रतिशत होता है। वहीं शनिवार को चेन्नई मेट्रो में आए वेतन भत्ते के संशोधन में गैर कार्यपालक कर्मचारियों को कैफेटेरिया भत्ता का कोई ज़िक्र नहीं है। इस संशोधन में कार्यकारी अधिकारी को कैफेटेरिया भत्ता तो मिल रहा है लेकिन वह मूल वेतन का केवल 20 प्रतिशत है।

सूत्रों के अनुसार गैर कार्यपालक कर्मचारियों ने इस संशोधन के खिलाफ शनिवार को मेट्रो भवन के सामने धरना दिया और उसके बाद एचआर मैनेजर से बात कर अपनी माँगों का ज्ञापन सौंपा। एचआर मैनेजर ने प्रदर्शनकारियों की माँगें सुनने के बाद कहा कि आप सोमवार को आयें हम आपकी माँगों को प्रबंध निदेशक के सामने रखेंगें।

सोमवार जब प्रदर्शनकारी प्रबंध निदेशक से मिले तो उन्होंने कहा कि हमारे हाथ में कुछ नहीं है, ये वेतन बढ़ोत्तरी मेरे हाथ में नहीं है। उसके बाद से गैर कार्यपालक कर्मचारी मेट्रो भवन के बाहर धरने पर बैठे हुए हैं। कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन से मेट्रो के परिचालन पर कोई असर नहीं पड़ रहा है क्योंकि प्रदर्शनकारी अपनी ड्युटी पूरी करने के बाद धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।

कर्मचारियों के अनुसार मेट्रो कर्मचारी के प्रति सरकार काफी उदासीन है। यहाँ मेट्रो बनने के बाद स्टेशन की संख्या में बढ़ोत्तरी तो हो रही है, लेकिन इसके समानांतर कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोत्तरी नहीं हो रही है।

पिछले हफ्ते ही दिल्ली मेट्रो के 9,000 गैर कार्यपालक कर्मचारी भी वेतन वृद्धि के साथ-साथ और भी कई माँगों को लेकर हड़ताल करने वाले थे लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने इसपर रोक लगा दी।

चेन्नई
चेन्नई मेट्रो
कर्मचारी हड़ताल
वेतन वृद्धि

Related Stories

वेतन भुगतान को लेकर बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका सफाई कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन

चेन्नई में SC/ST Act को कमज़ोर बनाये जाने के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन

मोदी के चेन्नई दौरे के दौरान #ModiGoBack और #GoBackModi ट्रेंड करता रहा

आंध्र प्रदेशः बिजली विभाग के ठेका मज़दूरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल

तमिलनाडू बिजली बोर्ड के कर्मचारी आय वृद्धि की माँग को लेकर हड़ताल की तैयारी में

बिजली इंजीनियर और श्रमिक हड़ताल के लिए तैयार


बाकी खबरें

  • Modi yogi
    अजय कुमार
    आर्थिक मोर्चे पर फ़ेल भाजपा को बार-बार क्यों मिल रहे हैं वोट? 
    14 Mar 2022
    आख़िर किस तरह के झूठ का जाल भाजपा 24 घंटे लोगों के बीच फेंकने काम करती है? जिससे आर्थिक रूप से कमजोर होते जा रहे राज्यों में भी उसकी सरकार बार बार आ रही है। 
  • रवि शंकर दुबे
    पांचों राज्य में मुंह के बल गिरी कांग्रेस अब कैसे उठेगी?
    14 Mar 2022
    मैदान से लेकर पहाड़ तक करारी शिकस्त झेलने के बाद कांग्रेस पार्टी में लगातार मंथन चल रहा है, ऐसे में देखना होगा कि बुरी तरह से लड़खड़ा चुकी कांग्रेस गुजरात, हिमाचल और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए…
  • अजय गुदावर्ती
    गुजरात और हिंदुत्व की राजनीतिक अर्थव्यवस्था
    14 Mar 2022
    एक नई किताब औद्योगिक गुजरात में सांप्रदायिकता की राजनीतिक अर्थव्यवस्था की परख करती है। इससे मिली अंतर्दृष्टि से यह समझने में मदद मिलती है कि हिंदुत्व गुजरात की अपेक्षा अविकसित उत्तर प्रदेश में कैसे…
  • abhisar sharma
    न्यूज़क्लिक टीम
    कानून का उल्लंघन कर फेसबुक ने चुनावी प्रचार में भाजपा की मदद की?
    14 Mar 2022
    न्यूज़चक्र के इस एपिसोड में आज वरिष्ठ पत्रकार बात कर रहे हैं एक न्यूज़ एजेंसी के द्वारा की गयी पड़ताल से ये सामने आया है की Facebook ने हमेशा चुनाव के दौरान BJP के पक्ष में ही प्रचार किया है। देखें…
  • misbehaved with tribal girls
    सोनिया यादव
    मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
    14 Mar 2022
    मध्य प्रदेश बाल अपराध और आदिवासियों के साथ होने वाले अत्याचार के मामले में नंबर एक पर है। वहीं महिला अपराधों के आंकड़ों को देखें तो यहां हर रोज़ 6 महिलाओं के साथ बलात्कार हो रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License