NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
विज्ञान
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
[चित्र निबंध] विश्व भर में विज्ञान की रक्षा में लोग ने मार्च किया
विश्वभर के लगभग 230 स्थानों में विज्ञान 2018 का मार्च आयोजित किया गया |

वी. अरुण कुमार, दि डॉन न्यूज़
16 Apr 2018
Translated by मुकुंद झा
विज्ञान मार्च
Image Courtesy: V. Arun Kumar/ The Dawn News

दुनिया भर में हजारों लोगों ने 14 अप्रैल को साक्ष्य आधारित नीतियों और सार्वजनिक हित के विज्ञान के प्रसार के लिए दूसरे वार्षिक मार्च में भाग लिया। इस वर्ष की मार्च वैज्ञानिक मनोवृत्ति और तर्कसंगत विचारों पर दुनियाभर में बढ़ रहे हमलों और विभिन्न देशों में सरकारों द्वारा वैज्ञानिक शोध के वित्तपोषण को कम करने की पृष्ठभूमि में हुआ।

पहला मार्च को, जो पृथ्वी दिवस, 22 अप्रैल को आयोजित किया गया था, दुनियाभर में भारी समर्थन प्राप्त हुआI दुनियाभर में 600 से अधिक स्थानों पर मार्च को आयोजित किया गया था । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के विज्ञान पर हमले के बाद यह आंदोलन शुरू हुआI ट्रम्प ने जलवायु परिवर्तन को अफ़वाह कहा और साथ ही विभिन्न पर्यावरणीय कार्यक्रमों और वैज्ञानिक एजेंसियों के लिए दिए जाने वाले धन में भी कटौती की।

विज्ञान मार्च, दरअसल, विज्ञान के लिए जुनून का और उन तमाम तरीकों का उत्सव है जिससे विज्ञान समाज की भलाई के लिए कार्य करता है। मानव स्वतंत्रता और समृद्धि के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए सार्वजनिक वित्तपोषण में वृद्धि के लिए अभियान ने  समर्थन किया । ये राजनीतिक नेताओं और नीति निर्माताओं को सार्वजनिक हित में गैर-पक्षपाती, साक्ष्य-आधारित नीतियों को लागू करने के लिए भी कहा ।

                                                                             

वैश्विक-विज्ञान के लिए मार्च

2018 में विज्ञान के लिए मार्च पूरे विश्व में लगभग 230 स्थानों में आयोजित किया गया है | 

दुनिया भर के विज्ञान 2018 की घटनाओं के लिए मार्च के विभिन्न फोटोग्राफ के नीचे दिए गए हैं।

विज्ञानं 1

दुनिया भर के विज्ञान 2018 की घटनाओं के लिए मार्च के विभिन्न फोटोग्राफ के नीचे दिए गए हैं।

 भारत

Image Courtesy: V. Arun Kumar/ The Dawn News

(Image Courtesy: V. Arun Kumar/ The Dawn News)

विज्ञानं 3
(Image Courtesy: V. Arun Kumar/ The Dawn News)

विज्ञानं 4

 अंटार्टिका

विज्ञानं 5

(Image Courtesy: AWI media)

दक्षिण अफ्रीका

विज्ञानं 6

(Image Courtesy: University of KwaZulu-Natal)

 नाईजिरिया

विज्ञानं 0

(Image Courtesy: OFAB Nigeria)

 यूगांडा

विज्ञानं 7

(Image Courtesy: Nassib Mugwanya)

मलावी

विज्ञानं 8

(Image Courtesy: Nassib Mugwanya)

 

 फिलीपींस

विज्ञानं 9

(Image Courtesy: Ben Turner‏)

 ऑस्ट्रेलिया

(Image Courtesy: GB-WildLyf)

 (Image Courtesy: GB-WildLyf)

यूनाइटेड किंग्डम

(Image Courtesy: March For Science UK)

(Image Courtesy: March For Science UK)

 जर्मनी

(Image Courtesy: Stephanie Dreyfürst)

(Image Courtesy: Stephanie Dreyfürst)

 संयुक्त राज्य अमेरिका

(Image Courtesy: Stephanie Dreyfürst)

 

March for Science
India
Scientific temper
Research funding
climate change

Related Stories

संयुक्त राष्ट्र के IPCC ने जलवायु परिवर्तन आपदा को टालने के लिए, अब तक के सबसे कड़े कदमों को उठाने का किया आह्वान 

जलवायु शमन : रिसर्च ने बताया कि वृक्षारोपण मोनोकल्चर प्लांटेशन की तुलना में ज़्यादा फ़ायदेमंद

अगले पांच वर्षों में पिघल सकती हैं अंटार्कटिक बर्फ की चट्टानें, समुद्री जल स्तर को गंभीर ख़तरा

धरती का बढ़ता ताप और धनी देशों का पाखंड

क्या इंसानों को सूर्य से आने वाले प्रकाश की मात्रा में बदलाव करना चाहिए?

अमीरों द्वारा किए जा रहे कार्बन उत्सर्जन से ख़तरे में "1.5 डिग्री सेल्सियस" का लक्ष्य

जलवायु परिवर्तन रिपोर्ट : अमीर देशों ने नहीं की ग़रीब देशों की मदद, विस्थापन रोकने पर किये करोड़ों ख़र्च

आईईए रिपोर्ट की चेतावनी, जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए स्वच्छ ऊर्जा निवेश करने में दुनिया बहुत पीछे

जलवायु परिवर्तन से 1 दशक से कम समय में नष्ट हो गए दुनिया के 14% कोरल रीफ़ : अध्ययन

ग्लोबल वार्मिंग के दौरान कई जानवर अपने आकार में बदलाव कर रहे हैं


बाकी खबरें

  • विकास भदौरिया
    एक्सप्लेनर: क्या है संविधान का अनुच्छेद 142, उसके दायरे और सीमाएं, जिसके तहत पेरारिवलन रिहा हुआ
    20 May 2022
    “प्राकृतिक न्याय सभी कानून से ऊपर है, और सर्वोच्च न्यायालय भी कानून से ऊपर रहना चाहिये ताकि उसे कोई भी आदेश पारित करने का पूरा अधिकार हो जिसे वह न्यायसंगत मानता है।”
  • रवि शंकर दुबे
    27 महीने बाद जेल से बाहर आए आज़म खान अब किसके साथ?
    20 May 2022
    सपा के वरिष्ठ नेता आज़म खान अंतरिम ज़मानत मिलने पर जेल से रिहा हो गए हैं। अब देखना होगा कि उनकी राजनीतिक पारी किस ओर बढ़ती है।
  • डी डब्ल्यू स्टाफ़
    क्या श्रीलंका जैसे आर्थिक संकट की तरफ़ बढ़ रहा है बांग्लादेश?
    20 May 2022
    श्रीलंका की तरह बांग्लादेश ने भी बेहद ख़र्चीली योजनाओं को पूरा करने के लिए बड़े स्तर पर विदेशी क़र्ज़ लिए हैं, जिनसे मुनाफ़ा ना के बराबर है। विशेषज्ञों का कहना है कि श्रीलंका में जारी आर्थिक उथल-पुथल…
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: पर उपदेस कुसल बहुतेरे...
    20 May 2022
    आज देश के सामने सबसे बड़ी समस्याएं महंगाई और बेरोज़गारी है। और सत्तारूढ़ दल भाजपा और उसके पितृ संगठन आरएसएस पर सबसे ज़्यादा गैर ज़रूरी और सांप्रदायिक मुद्दों को हवा देने का आरोप है, लेकिन…
  • राज वाल्मीकि
    मुद्दा: आख़िर कब तक मरते रहेंगे सीवरों में हम सफ़ाई कर्मचारी?
    20 May 2022
    अभी 11 से 17 मई 2022 तक का सफ़ाई कर्मचारी आंदोलन का “हमें मारना बंद करो” #StopKillingUs का दिल्ली कैंपेन संपन्न हुआ। अब ये कैंपेन 18 मई से उत्तराखंड में शुरू हो गया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License