NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
समाज
स्वास्थ्य
विज्ञान
भारत
राजनीति
चमकी बुखार को आपदा घोषित करे सरकार: माले
एसकेएमसीएच में माले जांच दल ने पीड़ित बच्चों व उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने पाया कि एक बेड पर दो-तीन बच्चे पड़े हुए हैं। अस्पताल में बिस्तर का घोर अभाव है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Jun 2019
CPIM
एसकेएमसीएच का दौरा करते विधायक महबूब आलम।

भाकपा माले विधायक दल के नेता महबूब आलम के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय जांच टीम ने मुजफ्फरपुर का दौरा किया और एसकेएमसीएच अस्पताल में चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों का हाल जाना।

इस टीम में महबूब आलम के अलावा मुजफ्फरपुर के जिला सचिव कृष्ण मोहन, खेग्रामस के नेता शत्रुघ्न साहनी और आर वाई ए के प्रदेश सचिव सुधीर कुमार शामिल थे।

अस्पतालों का दौरा करने के बाद माले विधायक ने कहा कि चमकी बुखार से बच्चों को बचाने के लिए कोई भी एक्शन प्लान बिहार सरकार के पास नहीं है। विगत कई सालों से इंसेफेलाइटिस जैसी अज्ञात बीमारी से सैकड़ों बच्चे मारे जा रहे हैं लेकिन सरकार ने लगता है इससे कोई सबक नहीं लिया और बीमारी शुरू होने के पहले रोकथाम का कोई भी उपाय नहीं किया। यह बिल्कुल आपराधिक लापरवाही है और सरकार की लापरवाही के कारण इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की मौत हुई है।

विधायक आलम ने कहा, “हमारी पार्टी मांग करती है कि इस बुखार को तत्काल आपदा घोषित किया जाए और युद्ध स्तर पर राहत अभियान चलाया जाए।”

62654597_2236507949778297_698329019103313920_n.jpg

एसकेएमसीएच में माले जांच दल ने पीड़ित बच्चों व उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने पाया कि एक बेड पर दो-तीन बच्चे पड़े हुए हैं। अस्पताल में बिस्तर का घोर अभाव है। वहां के अधीक्षक सुनील कुमार से भी जांच दल के नेताओं ने बात की और चमकी बुखार के कारण, बच्चों के इलाज तथा विकराल हो रही इस समस्या पर बातचीत की। अधीक्षक ने बताया बड़ी संख्या में बच्चे इसके शिकार बन रहे हैं । गरीबों के बच्चों को यह बीमारी सबसे ज्यादा प्रभावित कर रही है लेकिन बीमारी का उचित इलाज नहीं हो पा रहा है। इसे आम बुखार तथा प्रोटोकोल सिंड्रोम की तरह इलाज करना बड़ी ही लापरवाही है।

माले विधायक महबूब आलम ने केंद्र व बिहार सरकार से मांग की है कि तत्काल विशेषज्ञों की टीम गांव-गांव भेजी जाए और राहत युद्ध स्तर पर संचालित किए जाएं तभी मरने वाले बच्चों की संख्या पर रोक लगाई जा सकती है। बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा अनुमंडल स्तर के अस्पतालों में आईसीयू और प्रखंड स्तर के अस्पतालों में इमरजेंसी सेवा तत्काल बहाल की जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में केंद्र व राज्य सरकार की आपराधिक लापरवाही इतनी बड़ी संख्या में मौतों मौतों की जिम्मेदार है।

उधर, दरभंगा में चल रही भाकपा-माले की दो दिवसीय राज्य कमेटी के बैठक में भी चमकी बुखार का मुद्दा उठा।

बैठक में चमकी बुखार की बीमारी से अब तक 100 से ज़्यादा बच्चों की मौत पर गहरा दु:ख व्यक्त किया गया और इसे सरकार की नाकामी करार दिया गया। माले का मानना है, “यदि सरकार ने सही समय पर उचित कदम उठाया होता तो बच्चों की मौत रोका जा सकता था लेकिन सत्ता के मद में चूर भाजपा-जदयू की सरकार जनता के प्रति तनिक भी जवाबदेह नहीं रह गई है यह एक आपराधिक लापरवाही है जिसके लिए इन सरकारों को माफ नहीं किया जा सकता है।”

CPIM
mahboob alam
muzaffarpur
children death
aes
bihar crisis
school children
child deaths
Bihar

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

मुज़फ़्फ़रपुर: हादसा या हत्याकांड!, मज़दूरों ने कहा- 6 महीने से ख़राब था बॉयलर, जबरन कराया जा रहा था काम

मध्यप्रदेश बस हादसा: 'हादसे का शिकार हुई मासूम ज़िंदगियों को निजीकरण और मुनाफ़े की हवस ने निगला'

रघुवंश बाबू का जाना राजनीति से एक प्रतीक के जाने की तरह है

कोरोना वायरस से संक्रमित माकपा के वरिष्ठ नेता श्यामल चक्रवर्ती का निधन

बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बिजली गिरने की इतनी घटनाएं क्यों हो रही हैं?

उत्तर प्रदेश, बिहार में बिजली गिरने से दो दिन में 110 लोगों की मौत, 32 घायल

हादसा-दर-हादसा: अलग-अलग स्थानों पर 14 मज़दूरों समेत 15 की मौत, 30 घायल

गंगा के कटाव से विस्थापित होने की कगार पर हजारों परिवार


बाकी खबरें

  • भाषा
    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री इस महीने के अंत में भारत आ सकते हैं
    05 Apr 2022
    जॉनसन की भारत यात्रा 22 अप्रैल के आसपास हो सकती है। पिछले साल कोविड-19 महामारी के कारण दो बार ब्रिटेन के प्रधानमंत्री को भारत का दौरा रद्द करना पड़ा था। 
  • भाषा
    आगे रास्ता और भी चुनौतीपूर्ण, कांग्रेस का फिर से मज़बूत होना लोकतंत्र के लिए ज़रूरी: सोनिया गांधी
    05 Apr 2022
    ‘‘हम भाजपा को, सदियों से हमारे विविधतापूर्ण समाज को एकजुट रखने और समृद्ध करने वाले सौहार्द व सद्भाव के रिश्ते को नुकसान नहीं पहुंचाने देंगे।’’
  • भाषा
    'साइबर दूल्हो' से रहें सावधान, साइबर अपराध का शिकार होने पर 1930 पर करें फोन
    05 Apr 2022
    अगर आप अपने परिवार के किसी सदस्य की शादी के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन विज्ञापन देख रहे हैं, तो थोड़ा होशियार हो जाएं। साइबर ठग अब शादी के नाम पर भी ठगी करने में जुट गए हैं। देश के महानगरों मे अब तक इस तरह…
  • मीनुका मैथ्यू
    श्रीलंकाई संकट : राजनीति, नीतियों और समस्याओं की अराजकता
    05 Apr 2022
    वित्तीय संस्थानों के कई हस्तक्षेपों के बावजूद श्रीलंकाई सरकार अर्थव्यवस्था की व्यवस्थित गिरावट को दूर करने में विफल रही है।
  • इंद्रजीत सिंह
    विभाजनकारी चंडीगढ़ मुद्दे का सच और केंद्र की विनाशकारी मंशा
    05 Apr 2022
    इस बात को समझ लेना ज़रूरी है कि चंडीगढ़ मुद्दे को उठाने में केंद्र के इस अंतर्निहित गेम प्लान का मक़सद पंजाब और हरियाणा के किसानों की अभूतपूर्व एकता को तोड़ना है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License