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कार्टून क्लिक: काम किसी का, नाम किसी का!
यूपी की योगी सरकार विज्ञापन के जरिये अपनी छवि चमकाना चाहती है, लेकिन यह दांव उसपर उल्टा पड़ गया है। कार्टूनिस्ट इरफ़ान के मुताबिक अब तो शायद यूपी सरकार को हर विज्ञापन के साथ यह सूचना छापनी पड़े- “विज्ञापन में दिखाई गईं सारी तस्वीरें उप्र की ही हैं। सूचना- जनहित में जारी। ”
आज का कार्टून
13 Sep 2021
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यूपी की योगी सरकार विज्ञापन के जरिये अपनी छवि चमकाना चाहती है, लेकिन यह दांव उसपर उल्टा पड़ गया है। जी हां, आपको मालूम ही है कि एक बड़े अख़बार में यूपी के विकास की जो तस्वीर विज्ञापन के रूप में प्रकाशित हुई वो बंगाल की निकली। सो भद्द तो पिटनी ही थी।

विवाद बढ़ने के साथ ही अखबार ने माफ़ी मांग ली और ट्वीट कर कहा कि मार्केटिंग विभाग की भूल की वजह से ऐसा हुआ। हालांकि बंगाल में सत्तारूढ़ ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी कह रही है कि यूपी सरकार को इसकी ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए। टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि किसी भी अख़बार में अगर कोई विज्ञापन छपता है तो वह बगैर अप्रूवल के नहीं छपता। ऐसे में अख़बार को नहीं बल्कि यूपी सरकार की पूरी ज़िम्मेदारी लेनी होगी।

उधर, समाजवादी पार्टी ने भी योगी सरकार पर हमला बोला है। सपा के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि “अभी तक तो सपा की सरकार के कामों को ही उप्र की भाजपा सरकार अपना बता-बता के झूठा प्रचार कर रही थी पर अब तो झूठ की हद ही हो गई है जब वो कोलकाता की तस्वीर को अपने विकास की तस्वीर बता रही है। भाजपा को ‘झूठे प्रचार की ट्रेनिंग का अंतरराष्ट्रीय संस्थान’ खोल लेना चाहिए।”

अभी तक तो सपा की सरकार के कामों को ही उप्र की भाजपा सरकार अपना बता-बता के झूठा प्रचार कर रही थी पर अब तो झूठ की हद ही हो गई है जब वो कोलकाता की तस्वीर को अपने विकास की तस्वीर बता रही है।

भाजपा को ‘झूठे प्रचार की ट्रेनिंग का अंतरराष्ट्रीय संस्थान’ खोल लेना चाहिए। #भाजपा_ख़त्म pic.twitter.com/EV4D3zhsVn

— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) September 12, 2021

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UttarPradesh
UP ELections 2022
Yogi Adityanath

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