NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कोलंबिया में साल 2021 का 91वां नरसंहार दर्ज
इंस्टीट्यूट ऑफ़ डेवलपमेंट एंड पीस स्टडीज (INDEPAZ) ने आगाह किया है कि 2021 में हुए नरसंहारों की संख्या 2020 में हुए नरसंहारों की कुल संख्या को पार कर सकती है। फ़िलहाल, दोनों ही आंकड़े बराबर हैं। 
पीपल्स डिस्पैच
16 Dec 2021
Colombia
"नो टू वार। वी डिफ़ेंड लाइफ़"। फ़ोटो: Colombia Informa

द इंस्टीट्यूट ऑफ़ डेवलपमेंट एंड पीस स्टडीज़ (INDEPAZ) ने 14 दिसंबर को 2021 के दौरान कोलंबिया में हुए 91वें नरसंहार के अपराध की सूचना दी थी। आईएनडीईपीएज़ेड ने बताया कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना 13 दिसंबर को वैले डेल काका डिपार्टमेंट के बुगा नगरपालिका में हुई थी, जिसमें एक पीड़ित के घर में घुसकर अज्ञात हथियारबंद लोगों ने तीन युवकों की हत्या कर दी। इस मानवाधिकार संगठन ने आगे बताया कि 2021 के दौरान वैले डेल काका डिपार्टमेंट में हुआ यह 12 वां नरसंहार था।

आईएनडीईपीएज़ेड ने 13 दिसंबर को बताया कि नारिनो डिपार्टमेंट के मल्लमा नगरपालिका में हुए एक और नरसंहार में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या कर दी गयी थी।इस हत्यांकड में कुछ सशस्त्र लोग ज़बरदस्ती घर में घुस गये थे। आईएनडीईपीएज़ेड ने आगे विस्तार से बताया कि इस नरसंहार के साथ इस साल के दौरान नारिनो में किये गये नरसंहारों की संख्या 9 तक पहुंच गयी है।

इस संस्थान ने कहा है कि यह आंकड़ा डरावना और चिंताजनक है। संस्था ने आगाह किया है कि 2021 में किये गये नरसंहारों की संख्या 2020 में किये गये नरसंहारों की कुल संख्या को पार कर सकती है, जो कि 91 थी। इसके आंकड़ों के मुताबिक़, एंटिओक्विया, काका, वैले डेल काका, नारिनो और कैक्वेटा ऐसे डिवार्टमेंट हैं, जिनमें नरसंहार के सबसे ज़्यादा मामले हैं।

आईएनडीईपीएज़ेड के दूसरे रिकॉर्ड के मुताबिक़, 13 दिसंबर तक, 164 पर्यावरणविद्, मानवाधिकार रक्षक, समुदाय, किसान और सामाजिक नेता, और गुरिल्ला समूह रिवोल्युशनरी आर्म्ड फ़ोर्सेस ऑफ़ कोलंबिया (FARC) के 44 पूर्व लड़ाकों की अवैध सशस्त्र और मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले समूहों ने 2021 में ही हत्या कर दी थी।

इसके अलावे, इस संगठन की ओर से इकट्ठे किये गये आंकड़ों के मुताबिक़, पूर्व कोलंबियाई सरकार और एफ़एआरसी के बीच शांति समझौतों पर हस्ताक्षर करने के बाद से आज तक 1,278 कार्यकर्ता, और एफ़एआरसी की मुख्यधारा में फिर से आ जुड़ने की प्रक्रिया में शामिल 293 शांति हस्ताक्षरकर्ता की हत्या कर दी गयी है। इस संगठन ने आगे बताया कि इनमें से 69% से ज़्यादा हत्यायें दक्षिणपंथी राष्ट्रपति इवान डुक़े के शासन में हुई हैं।

कोकीन के उत्पादन में बढ़ोत्तरी, सामाजिक ग़ैर-बराबरी और मादक पदार्थों की तस्करी के सिलसिले में ज़मीन पर नियंत्रण को तय किये जाने को लेकर अवैध सशस्त्र समूहों के बीच होने वाले संघर्ष कोलंबिया में हिंसा के बढ़ने के पीछे की बड़ी वजह हैं। अर्धसैनिक बल उन लोगों को निशाना बनाते हैं, जो ज़मीन और प्राकृतिक संसाधनों की हिफ़ाज़त के लिए काम करते हैं, और अपने-अपने इलाक़ों में अवैध फ़सलों की खेती का विरोध करते हैं।

पिछले हफ़्ते 10 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर हजारों मूल निवासियों ने काका डिपार्टमेंट के पोपायन शहर से वैले डी काका डिपार्टमेंट के कैली शहर तक शांतिपूर्वक मार्च किया था। उनकी मुख्य मांग थी कि राष्ट्रपति डूक़े उन ग्रामीण इलाक़ों में हो रही सशस्त्र हिंसा को रोकने के उपाय करें, जहां कोलंबियाई सरकार की असरदार मौजूदगी नहीं है, और जहां से उन्हें जबरन विस्थापित किया जाता है और विस्थापित किये जाने के बाद शहरों में उनके साथ भेदभाव बरता जाता है।

इस लामबंदी का आयोजन "मिंगा* फ़ॉर दे डिफ़ेंस ऑफ़ लाइफ़" के बैनर तले किया गया था, जिसका आह्वान अन्य संगठनों के साथ-साथ रिज़नल इंडिजेनस काउंसिल ऑफ़ कोका (CRIC), एसोसिएशन ऑफ़ इंडिजेनस काउंसिल ऑफ़ नॉर्दर्न कोका (ACIN), नेशनल इंडिजेनस ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ कोलंबिया (ONIC) ने किया था। इन संगठनों ने 2021 में अब तक अपने समुदायों के 87 सदस्यों और 2016 के शांति समझौतों के बाद से 375 से ज़्यादा सदस्यों की हत्या की निंदा की।

Día internacional de los derechos humanos en cali, en #MingaIndigena proponiendo diálogos para la vida en Perspectiva de paz @CRIC_Cauca @ONUHumanRights @CMILANOTICIA @ONIC_Colombia pic.twitter.com/0W697kB7GZ

— Cxhab Wala Kiwe - ACIN (@ACIN_Cauca) December 10, 2021

इस लेख को मूल अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए नीचे दिये गए लिंक पर क्लिक करें।

Colombia registers the 91st massacre of 2021

Armed Forces of Colombia
Assassination of Colombian social leaders
assassinations of social leaders in Colombia
genocide
INDEPAZ
Minga
Paramilitarism
paramilitary violence in Colombia
Revolutionary Armed Forces of Colombia

Related Stories

मुसलमानों के जनसंहार का ख़तरा और भारत गणराज्य

घर वापसी से नरसंहार तक भारत का सफ़र

कोलंबिया में हुआ 2022 का चौथा नरसंहार

अपने वर्चस्व को बनाए रखने के उद्देश्य से ‘उत्तराखंड’ की सवर्ण जातियां भाजपा के समर्थन में हैंः सीपीआई नेता समर भंडारी

शांति समझौते के वर्षों बाद कोलंबिया में हिंसा और मानवीय संकट गहराया

क्यों म्यांमार का मसला चिंतनीय है

दुनिया: राज्य द्वारा किया जाने वाला दमन महामारी की आड़ में हुआ तेज़

कोलंबिया में तीन किसान नेताओं को मनमाने ढंग से हिरासत में लिया गया

कोलंबिया में सामाजिक कार्यकर्ताओं की लगातार हो रही हत्या

FARC पार्टी और कोलम्बियाई राष्ट्रीय सरकार ने शांति के लिए प्रतिबद्धताओं पर हस्ताक्षर किये


बाकी खबरें

  • समर्थन के अभाव में बढ़ रहा 'कोविड विधवाओं' का संकट
    रेणुका काड
    समर्थन के अभाव में बढ़ रहा 'कोविड विधवाओं' का संकट
    30 Jun 2021
    कोविड-19 की वजह से विधवा हुईं महाराष्ट्र की ग्रामीण महिलाओं के बयानात से उनके संकट और भेदभाव, शोषण और लांछन की सच्चाई ज़ाहिर होती है।
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 45,951 नए मामले, 817 मरीज़ों की मौत
    30 Jun 2021
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 45,951 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में अब तक 96.91 फ़ीसदी यानी 2 करोड़ 94 लाख 27 हज़ार 330 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका है।
  • मुद्दा: मेड, मज़दूर और चौकीदार कहां रहें!
    शंभूनाथ शुक्ल
    मुद्दा: मेड, मज़दूर और चौकीदार कहां रहें!
    30 Jun 2021
    नोएडा, गुरुग्राम, फ़रीदाबाद व ग़ाज़ियाबाद के प्रवासी मज़दूर लौट आए हैं। लेकिन यहां अब उन्हें पहले जैसा वेतन नहीं मिल रहा। उनके रहने के स्थान झुग्गियां उजाड़ दी गई हैं। अब उनके समक्ष एक बड़ी समस्या…
  • यूपी चुनाव 2022
    असद रिज़वी
    यूपी चुनाव 2022: फिर मुस्लिम वोटों और ओवैसी फैक्टर को लेकर बहस, फिर बीजेपी की ‘बी’ टीमों की चर्चा
    30 Jun 2021
    जब से यह ख़बर सुर्ख़ियों में आई की ओवैसी की पार्टी उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ेगी, मीडिया के एक हिस्से ने ऐसा दिखाना शुरू कर दिया, जैसे 2022 में योगी बनाम ओवैसी होने जा रहा है। जबकि ओवैसी और उनकी…
  • 2025 तक टीबी फ्री भारत : हम स्वयं को मूर्ख बना रहे हैं !
    ऋचा चिंतन
    2025 तक टीबी फ्री भारत : हम स्वयं को मूर्ख बना रहे हैं !
    29 Jun 2021
    भारत ने 2025 तक टीबी से मुक्त होने का लक्ष्य रखा है और सरकार अब तक की हुई प्रगति से संतुष्ट है। हालांकि जमीनी सच्चाई यह है कि भारत अब भी पांच हाई बर्डेंन कंट्रिज में शुमार है, जहां लोग अपने जीने के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License