NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कोलंबिया में हुआ 2022 का चौथा नरसंहार
इंस्टीट्यूट ऑफ़ डिवेल्पमेंट एंड पीस स्टडी़ज़ (INDEPAZ) ने रविवार को बताया कि 24 घंटे के भीतर देश में दो नरसंहार हुए।
पीपल्स डिस्पैच
12 Jan 2022
कोलम्बिया
2022 के शुरूआती 9 दिनों में कोलंबिया के अलग-अलग हिस्सों में चार नरसंहार हुए हैं। फोटो: रेडियो नेसिओनल सीओ/ट्विटर

इंस्टीट्यूट ऑफ डिवेल्पमेंट एंड पीस स्टडीज़ (INDEPAZ) के मुताबिक़, इस साल के शुरुआती 9 दिनों में कोलंबिया के अलग-अलग हिस्सों में चार नरंसहार हो चुके हैं। 

इंडेपाज़ (INDEPAZ) ने 9 जनवरी को सुबह अपनी रिपोर्ट में बताया कि जोना बानानेरा नगर पालिक क्षेत्र में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की अज्ञात हथियारबंद लोगों ने हत्या कर दी है। एक रात पहले हुए इस हत्याकांड में एक पुरुष, उसकी गर्भवती पत्नी और 17 साल के बेटे की हत्या की गई। उसी दिन शाम को इंडेपाज़ ने बताया कि एक दिन पहले भी एक नरसंहार हुआ था। 8 जनवरी को इस घटना में नरिनो के कोलोन जेनोवा नगरनिगम में अर्धसैनिक बलों द्वारा अंधाधुंध गोलीबारी की गई, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई, जबकि 4 अन्य घायल हो गए। घायलों में से तीन की उम्र 19 से 22 साल के बीच है। 

इंडेपाज़ द्वारा इकट्ठा किए गए आंकड़ों के मुताबिक़, 2022 में हुए नरसंहारों में अब तक 12 लोग जान गंवा चुके हैं। 3 जनवरी को हुए पहले नरसंहार में, वाले डे काउका के जामुनडी नगर निगम क्षेत्र में तीन वेनेजुएलाई कामग़ारों की हत्या कर दी गई थी। इनकी हत्या एक अनियमित सशस्त्र समूह द्वारा की गई। 6 जनवरी को हुए दूसरे नरसंहार में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या की गई, जिनमें 17 साल का किशोर भी शामिल था। इनकी हत्या कासानारे की मनी नगरनिगम क्षेत्र में भारी असलहे से लैस हमलावरों ने की। इस हमले में एक व्यक्ति भी घायल हुआ। 

कई सामाजिक और राजनीतिक नेताओं ने नरसंहारों की निंदा की और अति दक्षिणपंथी इवान डुके के शासनकाल में देश में अर्धसैनिक बलों की बेइंतहां बढ़ती हिंसा की आलोचना की। इंडेपाज़ के सदस्य और मानवाधिकार ऑब्ज़र्वेटरी के समन्वयक लिओनॉर्डो गोंजालेज़ पेराफन ने निंदा करते हुए कहा कि अभी 2022 के सिर्फ़ 9 दिन निकले हैं और चार नरसंहार हो चुके हैं, जबकि अभी डुके के कार्यकाल के 210 दिन बाकी हैं। 

इसी तरह पत्रकार, मानवाधिकार कार्यकर्ता और कोडहेस (CODHES- कंसल्टेंसी फॉर ह्यूमन राइट्स एंड डिसप्लेसमेंट) के संस्थापक जॉर्ज रोज़ास रोड्रिग्ज़ ने भी देश में अर्धसैनिकवाद की विकट होती स्थिति की निंदा की। उन्होंने कहा, "2022 की शुरुआत हुई और अब भी पहले की तरह ही चीजें चल रही हैं: हत्यारे ने 3 लोगों को उनके घरों, सड़कों या चौराहे पर मार दिया, जबकि राज्य लोगों की जिंदगियां बचाने में पूरी तरह नाकाम रहा। चूंकि एक हत्याकांड में सजा नहीं मिलती, इसलिए ही दूसरा होता है।"

यहां यह ध्यान रखना जरूरी है कि 2021 में कोलंबिया ने नरसंहार की रिकॉर्ड 96 घटनाओं को दर्ज किया, जिसमें 335 लोग मारे गए। इसके साथ 171 पर्यावरणविद्, भू-रक्षक, मानवाधिकार कार्यकर्ता, अफ्रीकी मूल के लोग, स्थानीय लोगों, किसानों और सामाजिक नेताओं को भी जान जान गंवानी पड़ी। इसके अलावा एफएआरसी (रेवोल्यूशनरी आर्म्ड फोर्सेज़ ऑफ़ कोलंबिया) के भी 48 पूर्व सैनिकों को मार दिया गया। 

पिछले महीने, 22 दिसंबर को CODHES ने बताया कि जनवरी से नवंबर 2021 के बीच 82,846 लोगों को जबरदस्ती उनके घरों और क्षेत्रों से अर्धसैनिक बलों की हिंसा के चलते विस्थापित होना पड़ा। बता दें 2020 की तुलना में इस आंकड़े में 169.3 फ़ीसदी का इजाफा हुआ है। CODHES आगे बताता है कि कुल-मिलाकर इन 11 महीनों में विस्थापन की 167 घटनाएं दर्ज की गईं, जो 2020 की तुलना में 65.3 फ़ीसदी ज़्यादा हैं।

6 जनवरी को "यूनाइटेड नेशंस ऑफिस फॉर द कोर्डिनेशन ऑफ़ ह्यूमेनिटेरियन अफेयर्स (ओसीएचए)" ने कोलंबिया में जरबस्ती विस्थापन पर अपने आंकड़े जारी किए। इनमें बताया गया कि 2021 में जनवरी से नवंबर के बीच 72,388 लोगों को बड़े विस्थापन की 159 घटनाओं में विस्थापित होना पड़ा। इसकी वज़ह सशस्त्र विवाद, हिंसा और धमकियां रहीं। संगठन ने यह भी बताया कि बड़े पैमाने पर पहु विस्थापित पीड़ितों और विस्थापन की घटनाओं में 2020 की तुलना में क्रमश: 196% और 62% का इजाफा हुआ। 

इस हिंसा पर राष्ट्रीय सरकार द्वारा कोई रोक नहीं लगाई जा रही है, डुके की सरकार लगातार नवउदारवादी योजनाओं के विरोध में सड़कों पर उतरने वाले लोगों को दबा रही है, उन्हें सजा दे रही है। पिछले हफ़्ते 5 जनवरी को नेशनल पुलिस और ESMAD (एंटी-डिस्टर्बेंस मोबाइल स्कवाड्रॉन) ने बोगोटा के दक्षिण में दर्जनों नागरिकों का बेहद क्रूर तरीके से दमन किया। जबकि यह नागरिक शांति से ट्रांसमिलेनियो यातायात तंत्र में किराये बढ़ाए जाने का विरोध कर रहे थे। 

2021 में हुई हिंसक घटनाओं पर अपनी वार्षिक रिपोर्ट में भी इंडेपाज़ ने राज्य की हिंसा के पीड़ितों और घटनाओं को भी शामिल किया था। संगठन ने बताया कि डुके की आर्थिक नीतियों के खिलाफ़ हुई राष्ट्रीय हड़ताल के दौरान, 28 अप्रैल से 30 जून, 2021 के बीच 79 लोग मारे गए, जिसमें से 44 लोगों की हत्या सुरक्षाबलों ने की, 90 लोगों की आंखों में चोट आई, 35 व्यक्तियों को यौन हमलों का शिकार होना पड़ा। इस दौरान 833 हिंसक हस्तक्षेप किए गए, 661 लोगों के साथ शारीरिक हिंसा हुई, जबकि 2005 लोगों को मनमुताबिक़ तरीके से गिरफ़्तार कर लिया गया। संस्थान ने बताया कि पुलिस हिंसा के कुल-मिलाकर 4,687 मामले दर्ज किए गए। 

इस लेख को मूल अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें।

Colombia reports the fourth massacre of 2022

 

Assassination of Colombian social leaders
CODHES
ESMAD
Forced displacement
INDEPAZIvan Duque
Paramilitarism
paramilitary violence in Colombia
UN Office for the Coordination of Humanitarian Affairs (OCHA

Related Stories

कोलंबिया में साल 2021 का 91वां नरसंहार दर्ज

दुनिया: राज्य द्वारा किया जाने वाला दमन महामारी की आड़ में हुआ तेज़

कोलंबिया में तीन किसान नेताओं को मनमाने ढंग से हिरासत में लिया गया


बाकी खबरें

  • आज़ादी के 75 साल और दलित-बहुजन का हाल
    राज वाल्मीकि
    आज़ादी के 75 साल और दलित-बहुजन का हाल
    13 Aug 2021
    दिल्ली के नांगल गांव में 9 साल की गुड़िया के साथ बर्बर गैंगरेप और जलाकर मारने जैसा वीभत्स कांड हो जाता है मगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी या गृहमंत्री अमित शाह के मुंह से एक शब्द नहीं निकलता। 
  • तमिलनाडु: विकलांगता से ग्रस्त लोगों की केन्द्र से 'विशेष ट्रेनों' के दर्जे को ख़त्म करने और रियायतें बहाल करने की मांग
    नीलाबंरन ए
    तमिलनाडु: विकलांगता से ग्रस्त लोगों की केन्द्र से 'विशेष ट्रेनों' के दर्जे को ख़त्म करने और रियायतें बहाल करने की मांग
    13 Aug 2021
    विकलांगता से ग्रस्त 8,000 से ज़्यादा लोगों ने अपने अधिकारों को बहाल करने की मांग को लेकर राज्य और केन्द्र के 72 दफ़्तरों के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
  • उत्तर प्रदेश में भाजपा की सामाजिक इंजीनियरिंग तनाव में क्यों है?
    एजाज़ अशरफ़, विग्नेश कार्तिक के.आर.
    उत्तर प्रदेश में भाजपा की सोशल इंजीनियरिंग तनाव में क्यों है?
    13 Aug 2021
    केंद्र सरकार द्वारा जाति जनगणना न कराना, ओबीसी नेताओं और ख़ासकर अखिलेश यादव के लिए वरदान साबित हो सकता है, क्योंकि इसके ज़रिए उन्हें अपने सामाजिक आधार को फिर से वापस बनाने का मौक़ा मिल सकता है।
  • कानपुर: सरेआम मुस्लिम युवक की पिटाई, आरोपियों की ग़िरफ़्तारी के ख़िलाफ़ बजरंग दल का धरना
    असद रिज़वी
    कानपुर: सरेआम मुस्लिम युवक की पिटाई, आरोपियों की ग़िरफ़्तारी के ख़िलाफ़ बजरंग दल का धरना
    13 Aug 2021
    जिस समय बजरंग दल के कार्यकर्ता अफ़सार अहमद को मार रहे थे, उस समय उनकी बेटी अपने पिता को बचाने के लिए फ़रियाद कर रही थी। ई-रिक्शा चालक अहमद को मारने वाले गले में भगवा स्कार्फ़ डाले हुए थे, जो लगातार “…
  • चुनाव नज़दीक आया, जय श्री राम को साथ लाया!
    सत्यम् तिवारी
    चुनाव नज़दीक आया, जय श्री राम को साथ लाया!
    13 Aug 2021
    चुनावी राज्य उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक 45 साल के रिक्शा चालक से जबरन 'जय श्री राम' कहलवाने और पिटाई करने का मामला सामने आया है। हमलावर हिंदुवादी संगठन बजरंग दल के हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License