NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
स्वास्थ्य
भारत
कटाक्ष : अब तो मान लो कि हम हैं नंबर वन!
...बिना पूरे परीक्षण के पब्लिक को टीका लगाने में तो हमारा नंबर वन कहीं नहीं गया है। है दुनिया में कोई और जो बिना पूरे परीक्षण के टीके लगवा रहा हो और परीक्षण की जगह देशभक्ति से काम चला रहा हो।
राजेंद्र शर्मा
19 Jan 2021
कोरोना वायरस

देखी, देखी, विरोधियों की, दुष्टता देखी! सारी दुनिया मान रही है कि हम नंबर वन हैं। बेशक, नंबर वन हम भारत वाले कोई अपने आप नहीं हो गए हैं। पहले वालों ने हमें पीछे रखने में कोई कसर छोड़ी थी? वह तो मोदी जी ने ही हमें नंबर वन बनाया है। बंदा अठारह-अठारह घंटे लगा भी तो रहा है; बिना किसी ब्रेक के, बिना किसी छुट्टी के। उसी की तपस्या का तो फल है, जो भारत नंबर वन पर पहुंच गया है। उसी की दूरदर्शिता का और बेशक वैज्ञानिकों की मेहनत का भी फल, कोरोना के टीके के रूप में सामने आया है। टीका भी एक नहीं दो-दो। पुणे से भी और हैदराबाद से भी। और वह भी शुद्ध स्वदेशी। और अब तो बटन दबाकर और मंत्र पाठ के साथ, दुनिया के सबसे बड़े  टीकाकरण कार्यक्रम का शुभारंभ भी हो चुका है। फिर भी पट्ठे विरोधी हैं कि मोदी जी के कमाए नंबर वन को, नंबर वन मानने को ही तैयार नहीं हैं। उल्टे भारत के नंबर वन बनने का मजाक  बना रहे हैं--ये नंबर वन भी कोई नंबर वन है, लल्लू!

कह रहे हैं कि टीकाकरण शुरू होने तक तो ठीक है। बहुत बड़ा टीकाकरण शुरू होने तक भी ठीक है। दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरणों में से एक होने तक भी ठीक है। पर हमारा टीकाकरण कार्यक्रम दुनिया में सबसे बड़ा होने का क्या सबूत है? चीन की तो आबादी भी हमसे ज्यादा है, हो सकता है वह हमसे ज्यादा टीके लगवाए। अमरीका की भी आबादी कम से कम हमारे 30 करोड़ टीके लगाने के लक्ष्य से तो ज्यादा है ही, क्या पता वह कितने टीके लगवाए। तब साइज में हमारे ही टीकाकरण के नंबर वन होने का सबूत क्या है? अब इन्हें इंडिया के नंबर वन होने का सबूत चाहिए? सत्तर साल इंडिया पीछे से पीछे रहा, तब तो इन्हें कोई सबूत नहीं चाहिए था। अब मोदी जी नंबर वन पर ले जा रहे हैं, तो ये नाप-जोख की बातें कर रहे हैं। बाहर वाला कोई मांगे तो मांगे, ये तो देशवाले होकर भी सबूत मांग रहे हैं। हद तो ये है कि वो लोग सबूत मांग रहे हैं, जो एनआरसी-सीएए के टैम पर, पेपर नहीं दिखाएंगे के नारे लगाते थे!

टीकाकरण के साइज में हम दुनियाभर में नंबर वन नहीं भी हुए तो क्या हुआ, पहले तीन में तो हैं ही। फिर हम दो-दो टीके वाले भी तो हैं और वह भी शुद्ध स्वदेशी। क्या? सीरम इंस्टीट्ïयूट वाला टीका शुद्ध स्वदेशी न सही, पर बना तो हमारे यहां ही है। ऐसी दो-दो टीकों वाली आत्मनिर्भरता तो इंग्लेंड-अमरीका तक में नहीं मिलेगी। फिर, कोवैक्सीन टीका तो एकदम स्वदेशी है। कंपनी तक के नाम में हिंदुस्तान है। हां मामूली सी मिलावट और वह भी अमरीकी मिलावट है भी तो, वह तो टिकाऊपन के लिए ही है। थोड़ा खोट मिलाए बिना तो, सोने के भी जेवर नहीं बनते हैं। माना कि इस टीके के थोड़े-बहुत टैस्ट बाकी हैं, पर  टैस्ट भी होते रहेंगे टीके लगते-लगाते। देसी टीका, अपने देश की पब्लिक को नुकसान थोड़े ही पहुंचाएगा! देसी टीके के लिए भारत के लोग क्या इतनी सी कुर्बानी नहीं दे सकते हैं कि बिना पूरी परीक्षा के टीका लगवा लें! नंबर वन बनाना क्या अकेले मोदी जी की ही जिम्मेदारी है या पब्लिक भी कुछ करेगी?

फिर टीकाकरण के साइज में न सही, दो-दो देसी टीकों में न सही, शुद्ध देसी टीके में भी न सही, बिना पूरे परीक्षण के पब्लिक को टीका लगाने में तो हमारा नंबर वन कहीं नहीं गया है। है दुनिया में कोई और जो बिना पूरे परीक्षण के टीके लगवा रहा हो और परीक्षण की जगह देशभक्ति से काम चला रहा हो। भारत-भक्त तो हैं ही नंबर वन। और देशभक्ति के टीके में भी न सही, पर टीके के उद्घाटन में तो हमारा नंबर वन बिल्कुल-बिल्कुल कहीं गया ही नहीं है। बाकी दुनिया भर में राजा/ राष्ट्रपति / प्रधानमंत्री टीका लगवाकर उद्घाटन करते रहे हैं, हमारी तरह बटन दबाकर और मंत्र के साथ भाषण सुनाकर, किसी ने उद्घाटन किया हो तो हमें बताए! मोदी जी के विरोधियो अब तो मान लो--हम ही हैं नंबर वन!  

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार और ‘लोकलहर’ के संपादक हैं।)

इसे भी पढ़ें : व्यंग्य: रे किसान! तू तो बड़ा चीटर निकला 

2021 :  एक मांगपत्र, अगर मान लिया जाए तो साल नया हो जाए

COVID-19
Coronavirus
Covid Vaccine
Covid-19 Vaccination

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    संसद में तीनों दिल्ली नगर निगम के एकीकरण का प्रस्ताव, AAP ने कहा- भाजपा को हार का डर
    26 Mar 2022
    संसद में दिल्ली के तीन नगर निगमों का एकीकरण करने संबंधी विधेयक पेश कर दिया गया है। विपक्षी दलों के सदस्यों ने इस विधेयक का विरोध किया। वहीं सत्ताधारी दल ने इसे एक बेहद ज़रूरी सुधार बताया।
  • रायना ब्रियूअर
    ऑस्कर 2022: हर जीत के साथ इतिहास रच रही हैं महिला निर्देशक
    26 Mar 2022
    काथरिन बिगेलो और कोल झाओ, फिर अब जेन कैंपियन? 94 साल के ऑस्कर के इतिहास में, सिर्फ़ दो महिलाओं ने ही “बेस्ट डॉयरेक्टर” का अवार्ड जीता है। क्या आगे बदलाव दिखाई दे रहा है?
  • सीमा शर्मा
    कैसे रूस-यूक्रेन युद्ध भारत की उर्वरक आपूर्ति में डालेगा बाधा? खेती-किसानी पर पड़ेगा भारी असर
    26 Mar 2022
    विशेषज्ञों का मानना है कि समय की तात्कालिक आवश्यकता यह है कि भारत सरकार उर्वरकों की वैकल्पिक आपूर्ति करने और किसानों को खनिज पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के लिए प्रयास करे। इसमें…
  • मोहम्मद इमरान खान
    बिहार: तीन विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के बाद भी साहनी ने रखा संयम, बोले- निषाद कोटा के लिए करेंगे संघर्ष
    26 Mar 2022
    अब वीआईपी में कोई भी विधायक शेष नहीं बचा है। मुकेश साहनी ने बीजेपी पर अपनी पार्टी में फूट करवाने का आरोप लगाया है। साहनी ने कहा कि चूंकि उन्होंने निषाद जाति के लिए एससी-एसटी कोटे में आरक्षण और जातीय…
  • बी. सिवरामन
    महामारी भारत में अपर्याप्त स्वास्थ्य बीमा कवरेज को उजागर करती है
    26 Mar 2022
    जनरल बीमा परिषद के आंकड़ों के अनुसार, निजी अस्पतालों में कोविड-19 के इलाज की औसत लागत रु. 1.54 लाख है। इसके विपरीत, प्रति मामले का औसत दावा निपटान केवल रु.95,622 था। इसका मतलब है कि भारत में लगभग 40…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License