NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
गंगा मिशन चीफ ने माना- कोरोना की दूसरी लहर में लाशों से ‘पट’ गई थी गंगा, योगी सरकार करती रही इनकार
कोरोना की विनाशकारी दूसरी लहर के दौरान उत्तर प्रदेश में गंगा नदी ‘लाशों को फेंकने की आसान जगह’ बन गई थी। ये दावा एक नई किताब में किया गया है जिसके लेखक नेशनल मिशन टू क्लीन गंगा के महानिदेशक और नमामि गंगे परियोजना के चीफ राजीव रंजन मिश्रा हैं।
सबरंग इंडिया
27 Dec 2021
ganga

कोरोना की विनाशकारी दूसरी लहर के दौरान उत्तर प्रदेश में गंगा नदी ‘लाशों को फेंकने की आसान जगह’ बन गई थी। ये दावा एक नई किताब में किया गया है जिसके लेखक नेशनल मिशन टू क्लीन गंगा के महानिदेशक और नमामि गंगे परियोजना के चीफ राजीव रंजन मिश्रा हैं। कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर ने पूरे देश में तबाही मचाई थी। उत्तर प्रदेश में भी इस महामारी की चपेट में आने से हजारों लोगों की मौत हुई थी। इस दौरान अनगिनत लाशें गंगा में बहती नजर आई थीं, माना जा रहा था कि ये शव कोविड से मरने वालों के हैं जिन्हें इस तरह नदी में बहा दिया है, हालांकि, सरकार इससे बार-बार इनकार करती रही है।

स्वच्छ गंगा मिशन के प्रमुख राजीव रंजन मिश्रा ने माना कि देश में कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान वाकई गंगा में लाशें डाली गई थीं। गंगा में लाशें डाले जाने की बात मिश्रा ने अपनी नई किताब "गंगा: रीइमैजिनिंग, रीजूवनेटिंग, रीकनेक्टिंग" में मानी है। इंडियन एक्सप्रेस अखबार में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक किताब का एक पूरा हिस्सा इसी घटना पर केंद्रित है। मिश्रा ने लिखा है, "जैसे जैसे कोविड-19 महामारी की वजह से लाशों की संख्या बढ़ने लगी, जिला प्रशासन विह्वल हो गए, उत्तर प्रदेश और बिहार के शवदाह गृहों और श्मशान घाटों की क्षमता से ज्यादा लाशें आने लगी, ऐसे में गंगा में लाशों को डालना आसान हो गया।"

मिश्रा ने यह भी बताया है कि सभी मामले उत्तर प्रदेश के ही थे और नदी के बिहार वाले हिस्सों में जो लाशें मिली थीं वो उत्तर प्रदेश से ही बहकर वहां पहुंची थीं। सभी लाशें उत्तर प्रदेश के ही कन्नौज और बलिया के बीच गंगा में डाली गई थीं। मई 2021 में दूसरी लहर के दौरान मिश्रा को खुद भी कोविड हो गया था और गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उनका इलाज किया गया था। उन्होंने किताब में लिखा है कि अस्पताल में अपने इलाज के दौरान ही उन्हें इन घटनाओं के बारे में पता चला। मई की शुरुआत में पवित्र गंगा नदी में तैरती लावारिस और अधजली लाशों के बारे में सुना।” आगे कहा कि ”टीवी चैनलों, अखबारों और सोशल मीडिया साइट्स पर भी भयानक तस्वीरों और शवों को नदी में फेंके जाने की खबरों की भरमार थी जो उनके लिए दर्दनाक और दिल तोड़ने वाला अनुभव था।” उसके बाद उन्होंने सभी 59 जिला गंगा समितियों को इस स्थिति से निपटने का आदेश दिया। फिर उत्तर प्रदेश और बिहार सरकार को भी इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया।

मिश्रा कहते हैं कि केंद्रीय अधिकारियों की एक बैठक में उत्तर प्रदेश के एक वरिष्ठ अधिकारी ने माना कि राज्य के केंद्रीय और पूर्वी हिस्सों में ऐसा वाकई हो रहा है। हालांकि मिश्रा ने किताब में यह भी लिखा है कि गंगा में डाली गई लाशों की कुल संख्या हजारों में नहीं थी बल्कि 300 से ज्यादा नहीं रही होगी। अटकलें लग रही थीं कि हो सकता है गरीब परिवारों ने दाह संस्कार का खर्च उठाने में असमर्थता की वजह से शवों को नदी में प्रवाहित कर दिया होगा, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई।

उस दौरान नदी में सीधे बहा देने के अलावा कई लोगों ने शवों को नदी के किनारे रेत में दफना भी दिया था। उत्तर प्रदेश के स्थानीय मीडिया में आई कई खबरों के मुताबिक अकेले प्रयागराज में एक बड़े घाट पर रेत में दफनाए हुए हजारों शव मिले थे। तब दैनिक भास्कर अखबार ने उत्तर प्रदेश के हर जिले में रिपोर्टर भेज कर गंगा नदी में तैर रही और गंगा के किनारे दफनाई गई लाशों का सच निकालने की कोशिश की थी। बाद में अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने दैनिक भास्कर के मुख्य संपादक ओम गौड़ ने संपादकीय छापा था जिसका शीर्षक था, "मृतकों को लौटा रही है गंगा, वो झूठ नहीं बोलती।

राजीव रंजन मिश्रा 1987 बैच के तेलंगाना-कैडर के आईएएस अधिकारी हैं और दो कार्यकालों के दौरान पांच साल से अधिक समय तक एनएमसीजी में सेवाएं दे चुके हैं और 31 दिसंबर को रिटायर होने वाले हैं। किताब ‘गंगा- रीमेजिनिंग, रीजुवेनेटिंग, रीकनेक्टिंग” का विमोचन गुरुवार को प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष विवेक देबरॉय ने किया। किताब में महामारी के दौरान गंगा की स्थिति के बारे में कहा गया है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान मरने वालों की संख्या बढ़ने के साथ अंतिम संस्कार करने के लिए दायरा बढ़ने लगा था, यूपी और बिहार के श्मशान घाटों पर जलती चिताओं के बीच, गंगा नदी शवों के लिए एक ‘आसान डंपिंग ग्राउंड’ बन गई थी।

साभार : सबरंग 

COVID-19
ganga
Yogi Adityanath
Coronavirus
Dead body's in Ganga
corona second wave

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 41,806 नए मामले, 581 मरीज़ों की मौत
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 41,806 नए मामले, 581 मरीज़ों की मौत
    15 Jul 2021
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 41,806 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 4 लाख 32 हज़ार 41 हो गयी है।
  • एमएसएमईज़ (MSMEs) के मदद के लिए अपनाई गई लोन की नीति रही बेअसर: सर्वे
    बी. सिवरामन
    एमएसएमईज़ (MSMEs) के मदद के लिए अपनाई गई लोन की नीति रही बेअसर: सर्वे
    15 Jul 2021
    बैंक जब अपना ही एनपीए नहीं संभाल पा रहे तो नए MSMEs को लोन कैसे देंगे? बैंक के बड़े अधिकारियों का कहना है कि MSMEs को देने में बड़ा ‘क्रेडिट रिस्क’ है।’
  • न्यायमूर्ति डीवाइ चंद्रचूड़ 
    संगम
    असहमति कुचलने के लिए आतंक-निरोधक क़ानून का दुरुपयोग हरगिज़ न हो : जस्टिस डीवाइ चंद्रचूड़
    15 Jul 2021
    हाल ही में, यूएपीए के तहत निरुद्ध किए गए और जेल में वर्षों से रह रहे अनेक लोगों को रिहा कर दिया गया है।
  • म्यांमार की पुरानी रिपोर्ट कोलकाता में रोहिंग्या मुसलमानों द्वारा हिंदुओं की हत्या के नाम पर शेयर की
    कलीम अहमद
    म्यांमार की पुरानी रिपोर्ट कोलकाता में रोहिंग्या मुसलमानों द्वारा हिंदुओं की हत्या के नाम पर शेयर की
    15 Jul 2021
    ज़ी न्यूज़ के प्राइम टाइम शो DNA के एक एपिसोड की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल है. वायरल पोस्ट के अनुसार, ‘कोलकाता के एक छोटे से गांव से हज़ारों हिंदू गायब हैं और 45 हिंदू मार दिए गए’. साथ ही पोस्ट में…
  • पड़ताल दुनिया भर की: ब्राज़ील में घिरे बोलसोनारो, काबुल में हारा अमेरिका
    न्यूज़क्लिक टीम
    पड़ताल दुनिया भर की: ब्राज़ील में घिरे बोलसोनारो, काबुल में हारा अमेरिका
    15 Jul 2021
    ‘पड़ताल दुनिया की’ में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने ब्राज़ील में कोवैक्सीन पर फंसी सरकार और अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिका की वापसी और तालिबान के बढ़ते प्रभाव पर न्यूज़क्लिक के एडिटर इन चीफ प्रबीर पुरकायस्थ…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License