NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
देहरादून: जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद बस्ती में पसरा मातम
बस्ती के कई लोगों ने अपना नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि पुलिस वाले अवैध शराब बेचने वालों से कथित तौर पर पैसा वसूली करते थे और इसी वजह से शहर के बीचोंबीच अवैध शराब का धंधा फल फूल रहा था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 Sep 2019
Poisonous liquor
फोटो साभार: नवभारत।

देहरादून शहर के बीचोंबीच नैशविले रोड के पास बसी पथरिया पीर बस्ती में जहरीली शराब पीने से छह लोगों की मौत के बाद मातम पसरा हुआ है।

बस्ती के लोग एक दूसरे के घर सांत्वना देने जा रहे हैं और पिछले दो दिनों से अधिकांश परिवारों में चूल्हा नहीं जला।

बस्ती वालों के मुताबिक, तीन मौतें गुरुवार को हुईं जबकि तीन अन्य ने कल, शुक्रवार को दम तोड़ा। जहरीली शराब पीने से जान गंवाने वालों में से अधिकतर घर के अकेले कमाऊ सदस्य थे।

मरने वालों में राजेंद्र कुमार (45) भी शामिल हैं, जिनकी पुत्री रिया का घटना के बाद से रो-रोकर बुरा हाल है और पिछले दो दिन से उसके मुंह में अन्न का एक दाना भी नहीं गया है। रोती-बिलखती रिया ने कहा, 'मुझे इंसाफ चाहिए। मेरे पिता के हत्यारों को कड़ा दंड मिलना चाहिए।’’

बस्ती में जगह-जगह झुंड बनाकर खडे लोग अवैध शराब बेचने वालों को कोसते दिखे। बस्ती के अधिकांश परिवार छोटा मोटा काम करके ही परिवार का गुजारा करते हैं। इस घटना के बाद मरने वालों के परिवारों के सामने रोजी रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है।

इस घटना में मारा गया इंदर एक होटल में बर्तन साफ कर अपने परिवार का पोषण कर रहा था जबकि सुरेंद्र दिहाड़ी मज़दूरी करता था। एक अन्य व्यक्ति आकाश लोडर गाड़ी चलाकर परिवार का पेट पाल रहा था।

बस्ती के कई लोगों ने अपना नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि पुलिस वाले अवैध शराब बेचने वालों से कथित तौर पर पैसा वसूली करते थे और इसी वजह से शहर के बीचोंबीच अवैध शराब का धंधा फल फूल रहा था।

बस्ती से कुछ दूरी पर ही रहने वाले मसूरी क्षेत्र के भाजपा विधायक गणेश जोशी ने बताया कि संबंधित पुलिस थाना और चौकी मामले पर पर्दा डालती दिखायी दी और पूर्व में कई बार क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री के बारे में की गयी शिकायतों पर भी उसने कोई कार्रवाई नहीं की।

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सूर्यकांत धस्माना ने भी आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के चलते राजधानी देहरादून के बीचोंबीच इतना बड़ा कांड़ हो गया। उन्होंने आबकारी विभाग का जिम्मा भी संभाल रहे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से इस्तीफा देने की मांग की और कहा कि इस घटना से साफ है कि वह प्रदेश को संभाल पाने में सक्षम नहीं है।

आपको बता दें कि इससे पहले उत्तराखंड में ज़हरीली शराब से मौतें होती रही हैं। उत्तराखंड के रुड़की में फरवरी में ज़हरीली शराब ने कई जानें ले लीं थी। उसी दौरान पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में भी ज़हरीली शराब ने भी कहर बरपाया था।

इसे पढ़ें ज़हरीली शराब का कहर, यूपी-उत्तराखंड में लगातार मौतें

ऐसी घटनाएं होने बाद कुछ दिन तक सरकार और प्रशासन सतर्क रहता है, शराब की अवैध बिक्री रोकने के लिए बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, कुछ धरपकड़ भी होती है, लेकिन फिर कुछ दिन बाद सबकुछ पुराने ढर्रे पर आ जाता है।
(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

Dehradun
Poisonous liquor
Death by poisonous liquor
ज़हरीली शराब
ज़हरीली शराब से मौत
Uttrakhand
Trivender Singh Rawat
BJP
Congress

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • लव पुरी
    क्या यही समय है असली कश्मीर फाइल को सबके सामने लाने का?
    04 Apr 2022
    कश्मीर के संदर्भ से जुडी हुई कई बारीकियों को समझना पिछले तीस वर्षों की उथल-पुथल को समझने का सही तरीका है।
  • लाल बहादुर सिंह
    मुद्दा: क्या विपक्ष सत्तारूढ़ दल का वैचारिक-राजनीतिक पर्दाफ़ाश करते हुए काउंटर नैरेटिव खड़ा कर पाएगा
    04 Apr 2022
    आज यक्ष-प्रश्न यही है कि विधानसभा चुनाव में उभरी अपनी कमजोरियों से उबरते हुए क्या विपक्ष जनता की बेहतरी और बदलाव की आकांक्षा को स्वर दे पाएगा और अगले राउंड में बाजी पलट पायेगा?
  • अनिल अंशुमन
    बिहार: विधानसभा स्पीकर और नीतीश सरकार की मनमानी के ख़िलाफ़ भाकपा माले का राज्यव्यापी विरोध
    04 Apr 2022
    भाकपा माले विधायकों को सदन से मार्शल आउट कराये जाने तथा राज्य में गिरती कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराधों के विरोध में 3 अप्रैल को माले ने राज्यव्यापी प्रतिवाद अभियान चलाया
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में एक हज़ार से भी कम नए मामले, 13 मरीज़ों की मौत
    04 Apr 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.03 फ़ीसदी यानी 12 हज़ार 597 हो गयी है।
  • भाषा
    श्रीलंका के कैबिनेट मंत्रियों ने तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दिया
    04 Apr 2022
    राजनीतिक विशेषज्ञों ने कहा कि विदेशी मुद्रा भंडार में कमी के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट से सरकार द्वारा कथित रूप से ‘‘गलत तरीके से निपटे जाने’’ को लेकर मंत्रियों पर जनता का भारी दबाव था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License