NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
देशभक्ति के लिए भगत सिंह को फिर सज़ा देगी भाजपा सरकार !
रणधीर सिंह सुमन
24 Dec 2015
भगत सिंह, इस बार न लेना काया भारतवासी की, देशभक्ति के लिए आज भी, सज़ा मिलेगी फांसी की – शंकर शैलेन्द्र ने आजादी के बाद यह कविता लिखकर अपनी पीड़ा को व्यक्त किया था।
 
माफी मांगकर अण्डमान की सेल्यूलर जेल से छूटने वाले सावरकर के नाम पर पोर्ट ब्लेयर हवाई अड्डे का नाम अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार ने कर दिया था और पंजाब विधानसभा ने एयरपोर्ट का नाम शहीद भगत सिंह रखने का प्रस्ताव भी पारित किया था किन्तु उसको धता बताकर मंगलसेन के नाम पर रखने का प्रस्ताव है। इस तरह से भारतीय जनता पार्टी अपने आजादी की लड़ाई शामिल न होने के कारण उसके पास कोई महापुरूष नहीं है, लेकिन नये-नये महापुरूष पैदा कर वह एक छदम महिमामंडित करने का काम कर रही है।
 
 
चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम फौरी तौर पर चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट रख दिया गया हो लेकिन नाम को लेकर सियासी खींचतान अब भी जारी है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के प्रचारक और भाजपा नेता मंगलसेन के नाम पर एयरपोर्ट का नाम रखे जाने का प्रस्ताव रखा है।
 
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रहे डॉ.चमन लाल का कहना है कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह से मंगलसेन की तुलना करने का मतलब ही आजादी के तमाम आंदोलनों को अपमानित करना है। चमनलाल के अनुसार किसी भी राज्य के एयरपोर्ट का नाम उस राज्य के सबसे बड़े हीरो के नाम पर रखा जाता है। इसी के मद्देनजर पंजाब सरकार ने शहीद भगत सिंह के नाम पर मोहर लगाई थी।
 
शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले वतन पर मरने वालों का यही बाक़ी निशाँ होगा, को जिस तरह तरीके से अपमानित करने का काम इस देश के अंदर संघ कर रहा है वह भी अपने आप में एक बड़ी बेमिसाल बात है। आजादी के अभी 68 साल भी नहीं पूरे हुए हैं और इतिहास को धूमिल करने का काम बड़ी तेजी से नागपुर मुख्यालय कर रहा है। इस तरह से उसके यह खतरनाक मंसूबे जगजाहिर होने लगे हैं। देश भक्ति –राष्ट्र भक्ति का प्रमाण पत्र जारी करने का कार्य ब्रिटिश सरकार के चेलों के पास है।
 
सौजन्य; हस्तक्षेप
भगत सिंह
सावरकर
भारतीय जनता पार्टी
मंगलसेन
पंजाब विधानसभा

Related Stories

“हवा में रहेगी मेरे ख़्याल की बिजली...”

“हवा में रहेगी मेरे ख़्याल की बिजली...”

राजनीतिक हथियार के रूप में बलात्कार का इस्तेमाल करने की सावरकर ने दी थी मंजूरी

क्या इस अंधेरे दौर में भगत सिंह के विचार राह दिखायेंगे ?

लेनिन की सिर्फ मूर्ति टूटी है, उनके विचार नहीं

पगड़ी का रंग मत गिनवाओ, उठो ज्ञानी खेत संभालो!

साम्प्रदायिकता और सरकार: एक पंथ दो काज का नया उदाहरण

गोडसे से प्यार,टिपू सुलतान से नफरत

साम्प्रदायिकता की चपेट में साझा गर्व

मुज़फ्फरनगर-शामली में भगत सिंह ने जलाई क़ौमी एकता की मशाल


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार : गेहूं की धीमी सरकारी ख़रीद से किसान परेशान, कम क़ीमत में बिचौलियों को बेचने पर मजबूर
    30 Apr 2022
    मुज़फ़्फ़रपुर में सरकारी केंद्रों पर गेहूं ख़रीद शुरू हुए दस दिन होने को हैं लेकिन अब तक सिर्फ़ चार किसानों से ही उपज की ख़रीद हुई है। ऐसे में बिचौलिये किसानों की मजबूरी का फ़ायदा उठा रहे है।
  • श्रुति एमडी
    तमिलनाडु: ग्राम सभाओं को अब साल में 6 बार करनी होंगी बैठकें, कार्यकर्ताओं ने की जागरूकता की मांग 
    30 Apr 2022
    प्रदेश के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 22 अप्रैल 2022 को विधानसभा में घोषणा की कि ग्रामसभाओं की बैठक गणतंत्र दिवस, श्रम दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती के अलावा, विश्व जल दिवस और स्थानीय शासन…
  • समीना खान
    लखनऊ: महंगाई और बेरोज़गारी से ईद का रंग फीका, बाज़ार में भीड़ लेकिन ख़रीदारी कम
    30 Apr 2022
    बेरोज़गारी से लोगों की आर्थिक स्थिति काफी कमज़ोर हुई है। ऐसे में ज़्यादातर लोग चाहते हैं कि ईद के मौक़े से कम से कम वे अपने बच्चों को कम कीमत का ही सही नया कपड़ा दिला सकें और खाने पीने की चीज़ ख़रीद…
  • अजय कुमार
    पाम ऑयल पर प्रतिबंध की वजह से महंगाई का बवंडर आने वाला है
    30 Apr 2022
    पाम ऑयल की क़ीमतें आसमान छू रही हैं। मार्च 2021 में ब्रांडेड पाम ऑयल की क़ीमत 14 हजार इंडोनेशियन रुपये प्रति लीटर पाम ऑयल से क़ीमतें बढ़कर मार्च 2022 में 22 हजार रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गईं।
  • रौनक छाबड़ा
    LIC के कर्मचारी 4 मई को एलआईसी-आईपीओ के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन, बंद रखेंगे 2 घंटे काम
    30 Apr 2022
    कर्मचारियों के संगठन ने एलआईसी के मूल्य को कम करने पर भी चिंता ज़ाहिर की। उनके मुताबिक़ यह एलआईसी के पॉलिसी धारकों और देश के नागरिकों के भरोसे का गंभीर उल्लंघन है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License