NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
मज़दूर-किसान
भारत
दिल्ली: एक और फैक्ट्री में आग, फिर तीन मज़दूरों की मौत 
पूर्वी दिल्ली के शाहदरा के झिलमिल क्षेत्र स्थित हार्डवेयर फैक्टरी में लगी आग में दो महिला और एक पुरुष मज़दूर की जान चली गई।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
13 Jul 2019
शाहदरा के झिलमिल इंडस्ट्रियल इलाके में  फैक्ट्री में लगी आग
Image Credit: FACEBOOK

राष्ट्रीय राजधानी में एक और फैक्टरी में शनिवार सुबह भयंकर आग लगने तीन लोगों की मौत हो गई। इससे पहले शुक्रवार भी दिल्ली के अस्पताल में आग लगी थी लेकिन इसमें किसी के भी हताहत होने की खबर नहीं थी। लेकिन आज झिलमिल में लगी आग में फंसे मज़दूर इतने भाग्यशाली नहीं थे, आग की चपेट में आने से तीन मज़दूरों ने जान गंवा दिया। 

क्या है पूरा मामला 

दमकल विभाग के अनुसार पूर्वी दिल्ली के शाहदरा के झिलमिल क्षेत्र स्थित हार्डवेयर फैक्टरी में सुबह करीब नौ बजे आग लग गई। पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) मेघना यादव ने बताया कि हादसे में दो महिलाएं और एक पुरुष की जान चली गई।

विभाग के अधिकारियों के अनुसार आग लगने की जानकारी सुबह नौ बजकर 25 मिनट पर मिली और इसके बाद दमकल विभाग की 31 गाड़ियों को तत्काल मौके पर भेजा गया। दमकल अधिकारियों ने बताया कि आग बुझाने का काम जारी है और वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इमारत में और लोग फंसे हैं या नहीं।
     
इससे पहले फरवरी महीने में पॉश इलाके करोल बाग में एक होटल में आग लग गई थी जिसने 17 लोगों की जान ले ली थी। दिल्ली के औद्योगिक इलाके की फैक्ट्रियों में आग लगना तो अब आम होता जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में मज़दूर जान गंवा चुके हैं।

पिछले दिनों एक गर्ल्स हॉस्टल में भी आग लग गई थी। बाहरी दिल्ली के बवाना औद्योगिक क्षेत्र में पटाखा बनाने के कारखाने में पिछले साल जनवरी में लगी आग में भी 10 महिलाओं और सात पुरुष सहित 17 लोगों की जान चली गई थी इसी कई घटनाए हुए जब फैक्ट्री मज़दूरों की मौत आग लगने से हुई। 

जिम्मेदारी किसकी?

दिल्ली में आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। लेकिन सवाल यह है की ये आग लग क्यों रही है? इनसे मरने वाले मज़दूरों की मौत का जिम्मेदार कौन है?
इसे भी पढ़ें : होटल अग्निकांड : हादसे के बाद सरकार को होश आया कि होटल तो नियमों के ख़िलाफ़ बना था

मज़दूर संगठन सीटू के पूर्वी दिल्ली के सचिव पुष्पेंद्र ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए इस घटना पर शोक जताया। और कहाकि इस तरह की घटनाएं प्रशासन और फैक्ट्री मालिकों के मिलीभगत से होती हैं। चंद पैसे बचने के लिए फैक्ट्री मालिक मज़दूरों की जान से खेलते हैं। दिल्ली की अधिकतर फैक्ट्रियों में मज़दूरों की सुरक्षा के नाम पर बड़ा शून्य है।

उन्होंने कहा कि बंधुआ मज़दूरी क़ानूनी रूप से खत्म हो गई लेकिन देश की राजधानी दिल्ली में आज भी मज़दूर उसी स्थति में काम करने को मज़बूर है। मज़दूरों को फैक्ट्री में बंद कर दिया जाता है जिससे वो बाहर न निकल सके। ऐसे में कोई घटना होती है तो मज़दूरों के पास भागने के लिए रास्ता भी नहीं होता है। 

मज़दूर संगठनों ने समय समय पर कई बार इस बातों के लेकर कहा है कि  “ऐसी घटनाएं प्रशासन कि लापरवाही से होती हैं। भ्रष्ट अधिकारी जिनकी जिम्मेदारी है कि वो फैक्ट्री का इंस्पेक्शन करें और नियमों का लागू कराएं लेकिन अधिकारी भ्रष्ट हैं और प्राय: नियमों के उल्लंघन को नज़रअंदाज़ कर देते हैं।”  

यूनियनों कि मांग है कि , “यह गैरकानूनी फैक्ट्रियां या तो बंद कर दी जानी चाहिए या इन्हें कहीं और शिफ्ट कर दिया जाना चाहिए। राज्य सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी फैक्ट्री अधिकृत औद्योगिक क्षेत्र के बाहर नहीं चल रही हो।”

इसे भी पढ़ें : दिल्ली की फैक्ट्रियों में लग रही आग में और मज़दूर हुए ख़ाक
 
मजदूरों के हालात को बेहतर करने, उनकी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के साथ ही उनके काम करने की जगह भी सुरक्षित हो इसके सहित अन्य मांगों को लेकर देश की दस केन्द्रीय ट्रेड यूनियन के आह्वान पर मज़दूरों ने 8-9 जनवरी को हड़ताल भी किया था। लेकिन स्थति जस की तस बनी हुई है। मज़दूर संगठनों का कहना है कि पता नहीं सरकार कितने मज़दूरों की मौत का इंतज़ार कर रही है।  

 

 
                                                  (समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ )

 

delhi fire
Delhi
Workers
Delhi’s factory Fire
CITU

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

मुंडका अग्निकांड के लिए क्या भाजपा और आप दोनों ज़िम्मेदार नहीं?

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

मुंडका अग्निकांड : 27 लोगों की मौत, लेकिन सवाल यही इसका ज़िम्मेदार कौन?

दिल्ली में गिरी इमारत के मलबे में फंसे पांच मज़दूरों को बचाया गया

रोहतक : मारुति सुज़ुकी के केंद्र में लगी आग, दो कर्मियों की मौत

दिल्ली में एक फैक्टरी में लगी आग, नौ लोग झुलसे

गाजीपुर अग्निकांडः राय ने ईडीएमसी पर 50 लाख का जुर्माना लगाने का निर्देश दिया

हिमाचल प्रदेश: फैक्ट्री में ब्लास्ट से 6 महिला मज़दूरों की मौत, दोषियों पर हत्या का मुक़दमा दर्ज करने की मांग


बाकी खबरें

  • 112 दिनों की भूख हड़ताल के बाद जेल में बंद मोरक्को के पत्रकार सुलेमान रायसूनी की तबीयत बिगड़ी
    पीपल्स डिस्पैच
    112 दिनों की भूख हड़ताल के बाद जेल में बंद मोरक्को के पत्रकार सुलेमान रायसूनी की तबीयत बिगड़ी
    30 Jul 2021
    रायसूनी को प्री-ट्रायल डिटेंशन में रखा गया है। एक साल पहले सुनवाई के बाद उन्हें दोषी ठहराया गया और पांच साल की जेल की सज़ा सुनाई गई। इसे मानवाधिकार समूहों ने "त्रुटिपूर्ण" और "न्याय विहीन" क़रार दिया…
  • हेमंत सोरेन
    अनिल अंशुमन
    झारखंड में ‘ऑपरेशन कमल’ के ख़िलाफ़ उठी आवाज़ें
    30 Jul 2021
    भाजपा पर झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार को अपदस्त करने की साज़िश का आरोप लगा है। राज्य सरकार ने इस मामले में एसआईटी जांच बैठा दी है।
  • कितना व्यावहारिक है पश्चिम बंगाल का विभाजन और एक अलग राज्य उत्तर बंगाल का निर्माण
    डॉ सुखबिलास बर्मा
    कितना व्यावहारिक है पश्चिम बंगाल का विभाजन और एक अलग राज्य उत्तर बंगाल का निर्माण
    30 Jul 2021
    हाल के विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में पूरी तरह से नाकाम होने के बाद भाजपा की ओर से हालिया प्रस्तावित बंगाल का विभाजन ममता बनर्जी के लिए समस्यायें पैदा करने के मक़सद से रचा गया एक गेम प्लान हो…
  • चेन्नई में 7 जुलाई को ईंधन की बढ़ी हुई कीमतों के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन। तस्वीर साभार: CITU, तमिलनाडु
    श्रुति एमडी
    "ना ओला ना ऊबर, सरकार अपने हाथ में ले नियंत्रण- तमिलनाडु के ऑटो चालकों की मांग
    30 Jul 2021
    महामारी के दौरान यात्रियों की संख्या में कमी, ईंधन की क़ीमतों में इज़ाफ़े और 2013 से मीटर की दरों में बदलाव ना होने से ऑटो चालक बहुत कठिन स्थिति में फंस गए हैं।
  • सुप्रीम कोर्ट
    भाषा
    पेगासस जासूसी मामले की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई को सुप्रीम कोर्ट सहमत
    30 Jul 2021
    सुप्रीम कोर्ट पेगासस जासूसी मामले की किसी वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग वाली वरिष्ठ पत्रकार एन. राम की याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई करने के लिए राज़ी हो गया…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License