NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
शिक्षा
भारत
राजनीति
दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षक एक बार फिर हड़ताल पर  
डूटा ने दावा किया कि शैक्षणिक पदों के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्लूएस) के आरक्षण को जल्दबाजी में लागू करने से सैकड़ों एड-हॉक टीचर हट जाएंगे। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Jul 2019
DUTA PROTEST

दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (DUTA) ने शैक्षणिक पदों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को आरक्षण देने को हड़बड़ी में लागू करने का आरोप लगाते हुए सोमवार से दो दिन की हड़ताल की है। साथ ही संघ ने शिक्षकों से हड़ताल के दौरान अपने कॉलेजों में आधिकारिक ड्यूटी में हिस्सा नहीं लेनी की भी अपील की है।

सोमवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में चौथी कट ऑफ सूची के लिए प्रवेश दिए जाने थे जिसकी घोषणा शनिवार को की गई थी।
डूटा ने दावा किया कि शैक्षणिक पदों के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्लूएस) के आरक्षण को जल्दबाजी में लागू करने से सैकड़ों एड-हॉक टीचर हट जाएंगे। 
दिल्ली यूनिवर्सिटी  शिक्षक संघ (डूटा) के अध्यक्ष राजीब रे ने कुलपति को लिखे एक पत्र में कहा, 'हम आपको डूटा द्वारा सोमवार और मंगलवार को दो दिन की हड़ताल बुलाने के संबंध में पत्र लिख रहे हैं। आप अपनी जिम्मेदारियों से जिस तरह से हट गए हैं, उस व्यवहार के खिलाफ संयुक्त रूप से गुस्सा प्रकट करने के लिए हमने यह हड़ताल बुलाई है। सोमवार को इस क्रम में कुलपति कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया और मंगलवार को UGC का घेराव करने का ऐलान किया है। 

Screenshot 2019-07-15 at 16.10.31.png
डूटा की मांग है कि कॉलेजों और यूनिवर्सिटी के विभागों में लंबित पदोन्नति के सभी मामलों में अब देरी न की जाए।
एड-हॉक टीचर पहले भी कई बार हड़ताल, विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। इन टीचरों की मांग रही है कि जैसे फायदे या छुट्टियां स्थायी शिक्षकों को मिलती हैं, वैसी ही इन्हें भी मिले। ये शिक्षक बिना किसी मातृत्व अवकाश, छुट्टी, इनक्रीमेंट के काम कर रहे हैं। इनके वेतन में कई सालों से कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी में कुल 4,600 एड-हॉक शिक्षक पढ़ाते हैं। उनके पास विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा निर्धारित सभी आवश्यक योग्यताएं हैं। इसके बाद भी उन्हें स्थायी नहीं किया जा रहा। लेकिन शिक्षकों का कहना है की अब सरकार बिना तैयारी केEWS कोटा लागू करने जा रही है, जिससे सैकड़ों वर्तमान में पढ़ा रहे हैं ऐडहॉक शिक्षकों के सामने रोजगर का संकट आ गया है। क्योंकि दिल्ली विश्विद्द्यालय EWS कोटा के लिए नयी भर्ती निकलने के बजाय जो अभी पढ़ा रहे हैं उसमें से ही शिक्षकों को कम करकेEWS कोटा के लिए 10 % देने की तैयारी कर रहा है।  
डूटा के अध्यक्ष राजीव रे ने कहा की वर्तमान सरकार लगातर उच्च शिक्षा पर हमले कर रही है। EWS  कोटे जिससे उम्मीद थी की नए रोजगार के अवसर मिलेंगे लेकिन अब इससे शिक्षक जो 8 -9 साल से काम कर रहे हैं उनको हटा रही है। दूसरी तरफ इसके जरिए निजीकरण की भी कोशिश हो रही है। सरकार कह रही है कि नयी भर्ती के लिए आपको अनुदान नहीं मिलेगा इसके लिए आपको हेफा से लोन लेना होगा। 
हड़ताल पर गए शिक्षकों ने यह भी कहा की सरकार जिस तरह से EWS कोटे को शिक्षकों के लिए लागू कर रही उससे शिक्षा की गुणवत्ता में भरी गिरावट आएगी क्योंकि छात्रों की संख्या तो बढ़ रही है लेकिन उस अनुपात में शिक्षकों की संख्या नहीं बढ़ा रही है। जिससे साफ है की शिक्षक छात्र अनुपात जो पहले कम है,वो और कम हो जाएगा। 

 

 

 

 

 

DUTA
DUTA protest
Delhi
Delhi University
teachers protest
UGC
HEFA
privatization
privatization of education
Higher education

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

दिल्ली : फ़िलिस्तीनी पत्रकार शिरीन की हत्या के ख़िलाफ़ ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन न मिलने से नाराज़ EDMC के शिक्षकों का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

एमपी : ओबीसी चयनित शिक्षक कोटे के आधार पर नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे

महानगरों में बढ़ती ईंधन की क़ीमतों के ख़िलाफ़ ऑटो और कैब चालक दूसरे दिन भी हड़ताल पर

दिल्ली: बर्ख़ास्त किए गए आंगनवाड़ी कर्मियों की बहाली के लिए सीटू की यूनियन ने किया प्रदर्शन

देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर में दिखा व्यापक असर


बाकी खबरें

  • International
    न्यूज़क्लिक टीम
    2021: अफ़ग़ानिस्तान का अमेरिका को सबक़, ईरान और युद्ध की आशंका
    30 Dec 2021
    'पड़ताल दुनिया भर' की के इस एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने न्यूज़क्लिक के मुख्य संपादक प्रबीर पुरकायस्थ से बात की कि 2021 में अफ़ग़ानिस्तान ने किस तरह एक ध्रुवी अमेरिकी परस्त कूटनीति को…
  • Deen Dayal Upadhyaya Gorakhpur University
    सत्येन्द्र सार्थक
    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति पर गंभीर आरोप, शिक्षक और छात्र कर रहे प्रदर्शन
    30 Dec 2021
    गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति पर कुछ प्रोफेसर और छात्रों ने आरोप लगाया है कि “कुलपति तानाशाही स्वभाव के हैं और मनमाने ढंग से फ़ैसले लेते हैं। आर्थिक अनियमितताओं के संदर्भ में भी उनकी जाँच होनी…
  • MGNREGA
    सुचारिता सेन
    उत्तर प्रदेश में ग्रामीण तनाव और कोविड संकट में सरकार से छूटा मौका, कमज़ोर रही मनरेगा की प्रतिक्रिया
    30 Dec 2021
    उत्तर प्रदेश में देश की तुलना में ग्रामीण आबादी की हिस्सेदारी थोड़ी ज़्यादा है। सबसे अहम, यहां गरीब़ी रेखा के नीचे रहने वाले परिवारों की संख्या देश की तुलना में कहीं ज़्यादा है। इस स्थिति में कोविड…
  • delhi
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना पाबंदियों के कारण मेट्रो में लंबी लाइन बसों में नहीं मिल रही जगह, लोगों ने बसों पर फेंके पत्थर
    30 Dec 2021
    दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों के बाहर गुरुवार सुबह लगातार दूसरे दिन यात्रियों की लंबी-लंबी कतारें देखी गईं।
  • AFSHPA
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    नगा संगठनों ने अफस्पा की अवधि बढ़ाये जाने की निंदा की
    30 Dec 2021
    केंद्र ने बृहस्पतिवार को नगालैंड की स्थिति को ‘‘अशांत और खतरनाक’’ करार दिया तथा अफस्पा के तहत 30 दिसंबर से छह और महीने के लिए पूरे राज्य को ‘‘अशांत क्षेत्र’’ घोषित कर दिया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License