NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
दिल्लीः स्थायी पद की मांग को लेकर तीनों निगमों के डीबीसी कर्मचारियों का हड़ताल
कड़ाके की ठंड के बावजूद ये कर्मचारी 6 जनवरी से लगातार रात-दिन दिल्ली के एमसीडी हेड ऑफिस यानी सिविक सेंटर पर धरने पर डटे हुए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक निगम मांग को नहीं मान लेता है तब तक तीनों निगमों में हड़ताल जारी रहेगी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
11 Jan 2020
bdc

दिल्ली में डेंगू और चिकनगुनिया से निपटने के लिए केजरीवाल सरकार ने दस हफ्ते, दस बजे, दस मिनट का अभियान चलाया था। इसके तहत खुद मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों के साथ मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए काम कर रहे हैं। जिसमें लोग जांच कर रहे है कि उनके घर के आसपास कहीं डेंगू का मच्छर तो नहीं पनप रहा। कैंपेन की शुरुआत में सीएम अरविंद केजरीवाल ने 2015 से 2019 तक के डेंगू और चिकनगुनिया के आंकड़े पेश किए। सीएम केजरीवाल ने दावा किया कि मात्र चार साल में दिल्ली में डेंगू और चिकनगुनिया का प्रकोप 80 फीसदी तक कम हुआ। आंकड़ों के मुताबिक 2015 में 15,867 मामले थे और 60 मौतें हुई जबकि 2018 में 2,798 मामले सामने आए वहीं 4 लोगों की मौत हुई।

लेकिन एक सवाल उठता है क्या यह सिर्फ मुख्यमंत्री के दस मिनट और दस हफ़्ते के कैंपन से कम हुआ है? इसका ज़वाब नहीं में होगा क्योंकि पूरी दिल्ली में लगभग 35,000 ऐसे कर्मचारी हैं जो पूरे साल घर-घर जाकर चेक करते हैं कि कहीं कोई मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसे बीमारियों का श्रोत तो नहीं है। इसके साथ ही इनके श्रोतों को समाप्त भी करते हैं। लेकिन आज वो अपने मूलभूत अधिकार और अपने कर्मचारी होने के अस्तित्व के लिए कई दिनों से सड़कों पर संघर्ष कर रहे है। सीआईटीयू के बैनर तले इन कर्मचारियों ने हड़ताल किया है। एंटी मलेरिया एकता कर्मचारी संघ 24 सालों से काम कर रहे हैं। 3500 डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स (डीबीसी) हड़ताल पर हैं। ये कर्मचारी अपनी नौकरी को पक्का किए जाने और तब तक समान काम के लिए समान वेतन इत्यादि की मांग कर रहे हैं। इतनी ठंड के बावजूद ये कर्मचारी 6 जनवरी से लगातार रात-दिन दिल्ली के एमसीडी हेड ऑफिस यानी सिविक सेंटर पर धरने पर डटे हुए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक निगम मांग को नहीं मान लेता है तब तक तीनों निगमों में हड़ताल जारी रहेगी।
3d5bafc3-d245-4f0e-92cb-f6d9151a5327.jpg
लगभग 3500 से अधिक कर्मचारी पिछले लगभग 24 सालों से दिल्ली के तीनों नगर निगम में अनुबंध के आधार पर काम कर रहे हैं। राजधानी में डेंगू और अन्य ऐसी महामारी की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका के बावजूद इनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। इससे पहले भी ये कर्मचारी हड़ताल और प्रदर्शन कर चुके हैं। इस दौरान सरकार ने लिखित में वादा किया था लेकिन बाद में वो उससे मुकर गई।

इन कर्मचारियों की मुख्य मांगें -


• 16-09-2019 को कर्मचारी और निगम के बीच हुए समझौते को लागू करना।
• डीबीसीएस की सेवाओं को तुरंत नियमित करना।
• फील्ड वर्क कर रहे स्थायी कर्मचारियों की तरह समान काम समान वेतन लागू करना ।
• डीबीसी कर्मचारियों के परिवार के सदस्यों को नौकरी जो एमसीडी में सेवा करते समय मारे गए हैं।
• बोनस अधिनियम के अनुसार बोनस का भुगतान करने की मांग।


 

एंटी मलेरिया एकता कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष देवानंद शर्मा ने कहा कि डीबीसी कर्मचारियों की सबसे बड़ी समस्या यह है की ये कर्मचारी लगभग24 साल से काम कर रहे हैं लेकिन उनका कोई पोस्ट (पद) नहीं है। उन्होंने बतया कि पहले उन लोगो की भर्ती फील्ड वर्क के लिए हुई थी बाद में उन्हें हेल्थ विभाग के कर्मचारी के तौर पर काम कराया गया। इसके बाद उन्हें बीडीसी का नाम दिया गया लेकिन कोई पद नहीं दिया गया है।


इसको लेकर तीनों निगम ने हमें वादा किया था कि दिसंबर तक पद दे दिया जाएगा लेकिन अभी तक ऐसा नहीं किया गया है। इसको लेकर कई बार बैठक हुई है लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया है मज़बूरन हमें हड़ताल पर जाना पड़ा है।


डीबीसी कर्मचारी संजय कुमार 24 साल से इसी विभाग में काम कर रहे है। उन्होंने बताया पद न होने से एक कर्मचारी के तौर पर कई तरह की समस्या होती है। आप किसी भी विभाग में कार्य करते हैं तो आपकी एक पोस्ट होती है, आप फील्ड वर्कर हैं या क्लर्क हैं या और कुछ लेकिन हमारे साथ ऐसा नहीं है। किसी विभाग में स्थायी नौकरी के लिए दावा नहीं कर सकते क्योंकि आपका कोई पद नहीं है।


पूर्वी दिल्ली के कर्मचारी आर.पी. सिंह ने कहा कि हम आज एमसीडी से कह रहे है की वो हमें एक बेलदार की पोस्ट पर ही नौकरी दे लेकिन हमें पद तो दें। इसके अलावा एमसीडी कहती है कि हम उसके कर्मचारी नहीं है जबकि हम सारे काम करते हैं, अपने काम के अलावा भी हमसे अन्य काम लिया जाता है जैसे अवैध होर्डिंग हटाना, हाउस टैक्स वसूलना आदि। इसके बाबजूद हमें कोई पद नहीं दिया गया है। इसके साथ ही हमें हमारे कर्मचारी होने के मौलिक अधिकार भी नहीं है।


इसके साथ ही कर्मचारियों ने बतया कि न उन्हें समाजिक सुरक्षा है और न किसी प्रकार की आर्थिक सुरक्षा हैं। लंबे संघर्ष के बाद एमसीडी ने उन्हें पीएफ और ईएसआई दिया है लेकिन उसमें सरकार अपना योगदन ठीक से नहीं दे रही है जिसके कारण कर्मचारी आज भी इनके लाभ से वंचित हैं। इसके साथ ही इनका काम बहुत ही जोख़िम भरा है। ये बिना किसी सुरक्षा इंतज़ाम के कई मंजिला इमारतों पर चढ़कर टंकियों की जांच करते है जिनमें कई कर्मचारियों की मौत भी हो जाती है लेकिन इसके बाद उनके परिवार को किसी प्रकार का आर्थिक लाभ नहीं दिया जाता है। यूनियन के नेताओं ये बताया कि अभी दक्षिणी एमसीडी में इस तरह की कई घटनाएं हुई हैं जिनकी मौत काम के दौरान हुई है और अब उनकी विधवाएं उनके स्थान पर नौकरी की मांग को लेकर संघर्ष कर रही हैं।

DBC
dengue
dengue in delhi
delhi government fight with dengue
employee unions
mcd in dengue
employees protest
Non-permanent employee
mosquito breeding workers

Related Stories

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

दिल्ली: डीबीसी कर्मचारियों की हड़ताल 16वें दिन भी जारी, कहा- आश्वासन नहीं, निर्णय चाहिए

दिल्ली : स्थाई पद की मांग को लेकर डीबीसी कर्मचारियों ने शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल

दिल्ली: डीबीसी कर्मचारियों का स्थायी नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शन, हड़ताल की चेतावनी दी

यूपी : 5,000 से अधिक जल निगमकर्मियों को नौकरी एवं पेंशन से महरूम होने का डर

हिमाचल: होटल ईस्टबोर्न के कर्मचारियों ने अपने 16 महीने के बक़ाया वेतन देने की मांग को लेकर किया विरोध प्रदर्शन

दिल्ली में किसानों ने बोला हल्ला तो यूपी के कई जिलों में कर्मचारियों और छात्र संगठनों की रही हड़ताल

केंद्रीय अर्धसैनिक बलों ने भी उठाई पुरानी पेंशन बहाली की मांग : ‘न कामदार, न नामदार, मैं हूं बिना पेंशन सरहदों का चौकीदार!’  

दिल्ली : एमसीडी के आश्वासन के बाद डीबीसी कर्मियों की हड़ताल ख़त्म

UPPCL पीएफ घोटाला : क्या है डीएचएफएल और बीजेपी का कनेक्शन!


बाकी खबरें

  • योगी
    अनिल जैन
    जनसंख्या नियंत्रण कानून: योगी पर उल्टा पड़ सकता है ध्रुवीकरण का यह दांव
    13 Jul 2021
    योगी सरकार ने अपने अभी तक के कार्यकाल में आम तौर पर अपना हर कदम ध्रुवीकरण को ध्यान में रख कर ही उठाया है। जनसंख्या नियंत्रण कानून के जरिए भी वह यही करने जा रही है। इस काम में ढिंढोरची मीडिया भी उसका…
  • क्यूबा के लोगों ने क्रांति की रक्षा और नाकाबंदी को समाप्त करने का आह्वान किया
    पीपल्स डिस्पैच
    क्यूबा के लोगों ने क्रांति की रक्षा और नाकाबंदी को समाप्त करने का आह्वान किया
    13 Jul 2021
    देश के ख़िलाफ़ चल रहे अस्थिरता के प्रयास के समक्ष कई राजनीतिक और सामाजिक नेताओं और संगठनों ने क्यूबा सरकार और क्यूबा क्रांति के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की है।
  • पढ़ाई कर रहे डॉक्टरों की निजी ज़िंदगी: कोविड से किस तरह प्रभावित हुए हैं जूनियर डॉक्टरों के मानसिक स्वास्थ्य
    कृतिका नौटियाल
    पढ़ाई कर रहे डॉक्टरों की निजी ज़िंदगी: कोविड से किस तरह प्रभावित हुए हैं जूनियर डॉक्टरों के मानसिक स्वास्थ्य
    13 Jul 2021
    पर्यटक स्थलों पर भीड़ लगाने वाले और कोविड मानदंडों का उल्लंघन करने वाले नागरिकों को इस बात को ध्यान में रखने की ज़रूरत है कि दूसरी लहर ने किस तरह क़हर बरपाया था, जिससे मौत, तबाही और बढ़ती मानसिक…
  • हरियाणा में हिन्दू महापंचायत के दौरान भड़काऊ भाषण देने वालों के ख़िलाफ़ माकपा की तरफ से मुकदमा दर्ज करने की मांग  
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हरियाणा में हिन्दू महापंचायत के दौरान भड़काऊ भाषण देने वालों के ख़िलाफ़ माकपा की तरफ से मुकदमा दर्ज करने की मांग  
    13 Jul 2021
    हरियाणा के पटौदी में हिन्दू महापंचायत के दौरान मुस्लिमों के ख़िलाफ़ भड़काऊ भाषण दिया गया। इस पर माकपा के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर से मिलकर उनसे भड़काऊ भाषण देने वालों और हिंदू महा पंचायत के…
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में क़रीब चार महीने बाद 32 हज़ार नए मामले, 2,020 मरीज़ों की मौत
    13 Jul 2021
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 32,906 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 1.40 फ़ीसदी यानी 4 लाख 32 हज़ार 778 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License