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डीटीसी: वेतन में हुई कटौती से गुस्साए कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों का डीटीसी मुख्यालय पर प्रदर्शन
प्रबन्धन लगातार श्रम कानूनों को ताक पर रखकर कर्मचारियों के वेतन से दो से पांच हज़ार रुपए तक की अवैध कटौती कर रहा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 May 2019
Protest

आज 21 मई को आल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस से सम्बद्ध डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर ने दिल्ली परिवहन निगम प्रबंधन को ज्ञापन सौंपते हुए डीटीसी के मुख्यालय पर प्रदर्शन किया।

कर्मचारियों ने बतया की  पिछले कई दिनों से दिल्ली परिवहन निगम के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी, प्रबन्धन और सरकार की गलत नीतियों के चलते काफी परेशान हैं। प्रबन्धन लगातार श्रम कानूनों को ताक पर रखकर कर्मचारियों के वेतन से दो से पांच हज़ार रुपए तक की अवैध कटौती कर रहा है। डीटीसी के डिपो पर सही समय से ड्यूटी करने पहुंच रहे कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को वापस घर लौटा दिया जा रहा है।

एक और समस्या यह है की डीटीसी में नई बसों की खरीदारी नही होने, व सरकार की गलत नीतियों का खामियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ता है। वेतन में हुई कटौती व समान काम के समान वेतन की मांग को लेकर यूनियन पहले भी कई बार प्रदर्शन किया है।

यूनियन के महासचिव राजेश चोपड़ा ने कहा कि, "मैनेजमेंट और सरकार मज़दूरों के अधिकारों को छीनना चाहते हैं, डीटीसी प्रबंधन निजी हितों को बढ़ावा देने में जुटी हुई है। यूनियन को एक बार भी वार्ता के लिए नही बुलाया जा रहा है, जबकि वार्ता करने के लिए श्रम विभाग द्वारा लिखित निर्देश जारी किए गए हैं। जिन कॉन्ट्रैक्ट के साथियों को काम से निकाला गया था, उन्हें अभी तक वापस नही लिया गया, ऊपर से अवैध वसूली भी शुरू कर दी गई है।"

प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष प्रेमपाल सिंह ने बताया कि, "पिछली बार प्रबन्धन ने हमारी मांगों पर ध्यान नही दिया था, जिसके कारण हमें संघर्ष की राह पर चलना पड़ा था, हम आज इन्हें ये बताने आए हैं कि आंदोलन आनेवाले दिनों में और तेज़ी पकड़ेगा। परमानेंट और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की एकता से ही आगे की राह दिखाई देगी।"

दिल्ली के कर्मचारी कई दिनों से परेशान है और पिछले कुछ महीनो से कर्मचारियों ने अपने प्रदर्शन और आन्दोलन का केंद्र दिल्ली परिवहन निगम को बना रखा है। इन सब के बावजूद डीटीसी प्रबन्धन व दिल्ली सरकार कर्मचारियों की मांगों को लेकर यूनियन से बातचीत को बिल्कुल भी तैयार नही हैं। प्रदर्शन के अंत में, यूनियन के वरिष्ठ साथी राजिंदर सिंह गहलोत ने अपने संबोधन में बताया कि, "हाल ही में, हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों के संघर्षों के बदौलत खट्टर सरकार को किलोमीटर स्कीम वापस लेना पड़ा है, ऐसे में डीटीसी कर्मचारियों का आंदोलन आनेवाले दिनों में दिल्ली के जनपरिवहन की सूरत तय करेगा।"

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