NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
शिक्षा
पुस्तकें
समाज
भारत
राजनीति
डीयू दाखिला मामला : हाईकोर्ट के फैसले से छात्र खुश, लेकिन अभी कई सवाल बाक़ी
सभी छात्र संगठनों ने कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया लेकिन अभी कई मुद्दों लेकर छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसमें सबसे बड़ा मुद्दा सभी श्रेणियों के छात्रों से वसूली जा रही ऊंची रजिस्ट्रेशन फीस है।
मुकुंद झा
15 Jun 2019
DU Protest

दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को निर्देश दिया कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र में छात्रों को स्नातक पाठ्यक्रमों में पिछले साल के योग्यता मानदंड के आधार पर ही प्रवेश दिया जाए।

इसके लिए न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा और न्यायमूर्ति तलवंत सिंह की पीठ ने डीयू के स्नातक पाठ्यक्रमों में आवेदन के लिए छात्रों के लिए आवेदन तिथि 14 जून से बढाकर 22 जून करने का निर्देश दिया।

इसका सभी छात्र संगठनों ने स्वागत किया और कहा इस फैसले के बाद छात्रों के मन में जो असमंजस था वो काफी हद तक कम हुआ है। लेकिन अभी कई अन्य सवाल को लेकर छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसमें सबसे बड़ा मुद्दा सभी श्रेणियों के छात्रों से वसूली जा रही ऊंची रजिस्ट्रेशन फीस है। इसमें भी आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों के साथ हो रही असमानता का मामला सबसे गंभीर बना हुआ है। 

उच्च न्यायालय के आदेश क्या है?

शुक्रवार को उच्च न्यायालय ने तीन याचिकाएं, दो जनहित याचिकाएं और एक छात्र के अनुरोध का निपटारा किया। इन याचिकाओं में बी.कॉम (आनर्स) और बी.ए. (आनर्स) अर्थशास्त्र सहित कई स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 2019-20 के योग्यता मानदंड में हाल में किये गये बदलावों को चुनौती दी गई थी। इसमें गणित को सर्वश्रेष्ठ चार विषयों का हिस्सा होना जरूरी किया गया था।

अदालत ने 17 पेज के अपने आदेश में कहा कि ये निर्देश डीयू को अपने स्नातक पाठ्यक्रमों के आगामी वर्ष के योग्यता मानदंड में बदलाव करने से नहीं रोकेंगे।
लेकिन पीठ ने स्पष्ट किया कि योग्यता मानदंडों में बदलाव कानून के अनुरूप होना चाहिए जिसके तहत लोगों के लिए कम से कम छह महीने पहले सार्वजनिक नोटिस जारी करना जरूरी होगा।

डीयू में प्रवेश के लिए पंजीकरण 30 मई को शुरू हुआ था और योजना के अनुसार इसे 14 जून को समाप्त होना था। दो जनहित याचिकाओं और एक छात्र की याचिका में कहा गया कि छात्रों को जानकारी नहीं थी कि कुछ पाठ्यक्रमों के लिए योग्यता मानदंड में30 मई को पंजीकरण शुरू होने से एक दिन पहले बदलाव कर दिया गया। इसका मतलब अब दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों का नामकंन पुराने नियमों के आधार पर ही होगा। 

आपको बता दे इस बार दिल्ली विश्वविद्यालय ने अपनी नामांकन प्रक्रिया में कई आमूलचूल परिवर्तन किये थे, जिसके बारे में छात्रों को जानकारी नहीं थी इन परिवर्तनों को नामंकन के लिए पंजीकरण से चंद रोज पहले ही किया गया था। इसको लेकर छात्र परेशान थे और उन्हें समझ नहीं आ रहा था क्या करें। इस बार पहली बार दिल्ली विश्वविद्यालय में ईडब्लूएस कोटा भी लागू किया जा रहा है, उससे भी छात्रों में असमंजस है कि उन्हें इसका पंजीकरण कैसा करना है। इसके अलाव इसके लागू करने में कई अनियमितताओं का आरोप है कि इसको लेकर भी छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस विरोध का सबसे बड़ा कारण पंजीकरण की फीस में वृद्धि और खासतौर पर पिछड़े वर्ग और सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों के फीस में भारी असमानता है। 

शुक्रवार 14 जून को एसएफआई, आइसा, केवाईएस सहित कई अन्य छात्र संगठनों ने दिल्ली विश्वविद्यालय में एकबार फिर इसको लेकर विरोध प्रदर्शन किया और कुलपति का पुतला भी फूंका। इससे पहले भी कई बार छात्र इस मामले को लेकर विरोध कर चुके हैं। 

सभी संगठनों ने नॉर्थ कैम्पस में आयोजित विरोध रैली में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा जो उठाया गया वो है ओबीसी छात्रों से ली जा रही अधिक फीस। ज्ञात हो कि इस बार से ईडब्ल्यूएस कोटा के तहत भी छात्रों को एडमिशन दिया जा रहा है। दोनों श्रेणियों के लिए मान्य होने के लिए पारिवारिक आय 8 लाख से कम होनी चाहिए। इसके बावजूद ईडबल्यूएस कोटा वाले छात्रों से पंजीकरण के लिए300 रुपये लिए जा रहे हैं, जबकि ओबीसी कोटा वाले छात्रों से 750 रुपये लिए जा रहे हैं| इस पर सवाल यह उठता है कि जब दोनों श्रेणियों में मान्य होने के लिए आर्थिक आधार एक ही है, तो फिर दो अलग-अलग फीस क्यों वसूली जा रही हैं|

इस विषय को लेकर  छात्र संगठनों  के एक प्रतिनिधिमंडल ने पिछले दिनों डिप्टी डीन, स्टूडेंट्स वेलफेयर से मुलाक़ात भी की थी,लेकिन कोई हल नहीं निकला। छात्रों ने यह भी मांग उठाई कि न केवल इस मामले को तुरंत सुलझाया जाये बल्कि सभी ओबीसी छात्रों को उनसे ज्यादा ली गयी रजिस्ट्रेशन फीस को भी लौटाया जाये। इसके अतिरिक्त, सभी छात्रों से ली जाने वाली रजिस्ट्रेशन फीस को तुरंत कम कर उनसे ज्यादा लिए गए पैसे को वापस देने की भी मांग की गयी।

education
Delhi University
AISA
kys
admission
du admission
Delhi High court

Related Stories

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

JNU में खाने की नहीं सांस्कृतिक विविधता बचाने और जीने की आज़ादी की लड़ाई

यूपी: खुलेआम बलात्कार की धमकी देने वाला महंत, आख़िर अब तक गिरफ़्तार क्यों नहीं

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़

SFI ने किया चक्का जाम, अब होगी "सड़क पर कक्षा": एसएफआई

'यूपी मांगे रोज़गार अभियान' के तहत लखनऊ पहुंचे युवाओं पर योगी की पुलिस का टूटा क़हर, हुई गिरफ़्तारियां

त्रिपुरा हिंसा: फ़ैक्ट फाइंडिंग टीम के वकीलों पर भी UAPA, छात्रों, वकीलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं का त्रिपुरा भवन पर प्रदर्शन

डीयू के छात्रों का केरल के अंडरग्रेजुएट के ख़िलाफ़ प्रोफ़ेसर की टिप्पणी पर विरोध

डीयू: एनईपी लागू करने के ख़िलाफ़ शिक्षक, छात्रों का विरोध


बाकी खबरें

  • नीलू व्यास
    यूपी चुनाव : बीजेपी का पतन क्यों हो रहा है?
    03 Mar 2022
    अगर बीजेपी का प्रदर्शन नहीं सुधरा, तो इसकी सारी ज़िम्मेदारी गोरखनाथ मठ के भगवा धारी मुख्यमंत्री की होगी।
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूक्रेन-रूस विवाद: यूक्रेन में फंसे छात्रों पर दोष न मढ़े बीजेपी का प्रचार तंत्र!
    02 Mar 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा बात करेंगे Ukraine के खारकीव में शेलिंग के दौरान हुई एक भारतीय छात्र नवीन शेखरप्पा की मौत पर। वह इस विषय पर भी चर्चा करेंगे…
  • manipur
    न्यूज़क्लिक टीम
    मणिपुर चुनाव : मणिपुर की इन दमदार औरतों से बना AFSPA चुनाव एजेंडा
    02 Mar 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने बात की Manipur की उन औरतों से जिन्होंने AFSPA के ख़ात्मे पर BJP को छोड़ तमाम राजनीतिक पार्टियों को वादा देने पर मजबूर किया। उनकी संस्था Extra Judicial…
  • manipur
    भाषा सिंह
    मणिपुरः जो पार्टी केंद्र में, वही यहां चलेगी का ख़तरनाक BJP का Narrative
    02 Mar 2022
    बात बोलेगी— क्या आपको पता है कि मणिपुर की पूरी आबादी पूरे भारत की आबादी का 0.4 फ़ीसदी से भी कम है और यहां के लोगों पर सशस्त्र बल विशेषाधिकार क़ानून (AFSPA) सहित बाक़ी ख़ौफ़नाक कानून 32 फीसदी थोपे…
  • anganwadi
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: सीटू के नेतृत्व वाली आंगनवाड़ी वर्कर्स यूनियन ने आप सरकार पर बातचीत के लिए दबाव बनाया
    02 Mar 2022
    बुधवार को, दिल्ली आंगनवाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन (DAWHU) ने दिल्ली सरकार को अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और का एक ज्ञापन सौंपा। दिल्ली सरकार पर दबाबा बनाया कि वो यूनियन से बातचीत करे और…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License