NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दंगाइयों-अपराधियों के मुकदमे वापस लेने वाले योगी दलितों पर लगवा रहे हैं रासुका - रिहाई मंच
यूपी में आईएस के नाम पर मुस्लिम नौजवानों को फंसाने को लेकर ‘रेडिकलाईजेशन के नाम पर, और ‘जिन्दाबाद-मुर्दाबाद के बीच फंसी देशभक्ति’ रिपोर्ट जारी की जाएगी I
हस्तक्षेप
06 Apr 2018
Yogi Adityanath

लखनऊ 5 अप्रैल 2018। जातीय-सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ रिहाई मंच 7 अप्रैल को ढाई बजे से यूपी प्रेस क्लब लखनऊ में सम्मेलन करेगा। इस मौके पर यूपी में आईएस के नाम पर मुस्लिम नौजवानों को फंसाने को लेकर ‘रेडिकलाईजेशन के नाम पर, और ‘जिन्दाबाद-मुर्दाबाद के बीच फंसी देशभक्ति’ रिपोर्ट जारी की जाएगी। इस कार्यक्रम में इलाहाबाद के वरिष्ठ अधिवक्ता फरमान अहमद नकवी, अरविंद मूर्ति, सामाजिक कार्यकर्ता असद हयात, एपीसीआर के अबू बकर सब्बाक, लेखक शरद जायसवाल, अम्बेडकवादी छात्र सभा से अमर पासवान, एनसीएचआरओ के अंसार इंदौरी अपनी बात रखेंगे।

रिहाई मंच प्रवक्ता शाहनवाज आलम ने कहा कि एक तरफ योगी मुकदमें वापस ले रहे हैं तो दूसरी तरफ दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों को फर्जी मुठभेड़ में मारकार कानून के राज की वकालत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सामंती करणी सेना को संरक्षित करने वाली भाजपा सरकार ने हक-हूकूक की मांग कर रहे दलितों पर गोली चलाई और अब उनको खतरा बताते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कारवाई कर रही है। उन्होंने योगी सरकार से 2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान दलितों के ऊपर दर्ज मुकदमें तत्काल वापस लेने की मांग की।

शाहनवाज आलम ने बताया कि ‘रेडिकलाईजेशन के नाम पर’ रिपोर्ट जहां भारत में मुस्लिम युवाओं को आईएस के नाम पर फंसाने के षडयंत्र पर बहस खड़ी करती है वहीं ‘जिन्दाबाद-मुर्दाबाद के बीच फंसी देशभक्ति’ क्रिकेट जैसे खेलों के माध्यम से समाज की विभाजनकारी शक्तियों शिनाख्त करती है। ‘रेडिकलाईजेशन के नाम पर’ रिपोर्ट कानपुर, आजमगढ़, बिजनौर, लखनऊ, कुशीनगर, उन्नाव के उन युवाओं के परिवारों की सिर्फ आपबीती सामने लाने का ही नहीं बल्कि उन झूठे आरोपों को भी सामने लाने का प्रयास है जिसके सहारे खुफिया-सुरक्षा एजेंसियां उनके जीवन के बेशकीमती साल बर्बाद कर रही हैं। ये रिपोर्ट मुसलमानों की एक खतरनाक छवि बनाने और बहुसंख्यक समाज को उसके खिलाफ खड़ा करने की राजनीति का भी ये रिपोर्ट पर्दाफाश करती है।

कार्यक्रम में जातीय-सांप्रदायिक हिंसा के पीड़ित व ‘जिन्दाबाद-मुर्दाबाद के बीच फंसी देशभक्ति’ के लेखक शरद जायसवाल, नरेश गौतम, यदुवंश प्रणय भी शामिल रहेंगे। रिहाई मंच ने गुजारिश की कि इंसाफ पसन्द अवाम 7 अप्रैल को यूपी प्रेस क्लब लखनऊ में होने वाले कार्यक्रम में जरूर पहुंचें।

Courtesy: Hastakshep,
Original published date:
05 Apr 2018
Yogi Adityanath
Uttar pradesh
communal violence

Related Stories

आजमगढ़ उप-चुनाव: भाजपा के निरहुआ के सामने होंगे धर्मेंद्र यादव

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

यूपी : आज़मगढ़ और रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा की साख़ बचेगी या बीजेपी सेंध मारेगी?

श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही मस्जिद ईदगाह प्रकरण में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

जौनपुर: कालेज प्रबंधक पर प्रोफ़ेसर को जूते से पीटने का आरोप, लीपापोती में जुटी पुलिस

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

उपचुनाव:  6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में 23 जून को मतदान

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश


बाकी खबरें

  • women in politics
    तृप्ता नारंग
    पंजाब की सियासत में महिलाएं आहिस्ता-आहिस्ता अपनी जगह बना रही हैं 
    31 Jan 2022
    जानकारों का मानना है कि अगर राजनीतिक दल महिला उम्मीदवारों को टिकट भी देते हैं, तो वे अपने परिवारों और समुदायों के समर्थन की कमी के कारण पीछे हट जाती हैं।
  • Indian Economy
    प्रभात पटनायक
    बजट की पूर्व-संध्या पर अर्थव्यवस्था की हालत
    31 Jan 2022
    इस समय ज़रूरत है, सरकार के ख़र्चे में बढ़ोतरी की। यह बढ़ोतरी मेहनतकश जनता के हाथों में सरकार की ओर से हस्तांतरण के रूप में होनी चाहिए और सार्वजनिक शिक्षा व सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए हस्तांतरणों से…
  • Collective Security
    जॉन पी. रुएहल
    यह वक्त रूसी सैन्य गठबंधन को गंभीरता से लेने का क्यों है?
    31 Jan 2022
    कज़ाकिस्तान में सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (CSTO) का हस्तक्षेप क्षेत्रीय और दुनिया भर में बहुराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बदलाव का प्रतीक है।
  • strike
    रौनक छाबड़ा
    समझिए: क्या है नई श्रम संहिता, जिसे लाने का विचार कर रही है सरकार, क्यों हो रहा है विरोध
    31 Jan 2022
    श्रम संहिताओं पर हालिया विमर्श यह साफ़ करता है कि केंद्र सरकार अपनी मूल स्थिति से पलायन कर चुकी है। लेकिन इस पलायन का मज़दूर संघों के लिए क्या मतलब है, आइए जानने की कोशिश करते हैं। हालांकि उन्होंने…
  • mexico
    तान्या वाधवा
    पत्रकारों की हो रही हत्याओंं को लेकर मेक्सिको में आक्रोश
    31 Jan 2022
    तीन पत्रकारों की हत्या के बाद भड़की हिंसा और अपराधियों को सज़ा देने की मांग करते हुए मेक्सिको के 65 शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये हैं। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License