NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
डॉ. पायल तड़वी का सुसाइड नोट मिला, हुआ था जातिगत उत्पीड़न  
पायल तड़वी के फोन की फोरेंसिक जांच के दौरान सुसाइड नोट और आरोपी डॉक्टरों की तस्वीरें मिली हैं। वकील ने कहा कि यह पता लगाने की जरूरत है कि इसे किसने नष्ट किया। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Jul 2019
dr payal thumbnail

मुंबई के डॉक्टर पायल तड़वी आत्महत्या कांड में अब काफी कुछ साफ हो गया है। बताया जा रहा है कि उनके फोन की फोरेंसिक जांच के दौरान सुसाइड नोट और आरोपी डॉक्टरों की तस्वीरें मिली हैं। 

मामले के जानकार एक डॉक्टर ने शुक्रवार को यह बात कही। तड़वी ने कथित तौर पर अपने वरिष्ठों द्वारा जातिगत टिप्पणी से परेशान होकर जान दे दी थी। उन्होंने कहा कि मामले में अहम साक्ष्य के तौर पर देखा जा रहा सुसाइड नोट अब तक नहीं मिला था। इसके मिलने से अब काफी कुछ साफ हो जाएगा। 
उन्होंने कहा कि सुसाइड नोट में कहा गया है कि तीन महिला चिकित्सकों ने उनसे अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उसे डराया धमकाया। तीनों महिला डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया था। 
तीनों डॉक्टर- हेमा आहूजा, अंकिता खंडेलवाल और भक्ति मेहर- को तड़वी को खुदकुशी के लिये उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल तीनों न्यायिक हिरासत में जेल में हैं। 
वकील ने कहा कि तड़वी के फोन की फोरेंसिक जांच के दौरान सुसाइड नोट और आरोपी डॉक्टरों की तस्वीरें मिली हैं। 
वकील ने कहा कि तस्वीरों के प्रकाश में आने के बाद यह स्पष्ट है कि पीड़िता ने सुसाइड नोट लिखा था और यह पता लगाने की जरूरत है कि इसे किसने नष्ट किया। 
उन्होंने कहा कि पुलिस को मामले में आरोपियों की और हिरासत मांगनी चाहिए। 
इस बीच तीन आरोपी डॉक्टरों ने पिछले हफ्ते बंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर विशेष अदालत द्वारा 24 जून को उनकी जमानत याचिका खारिज किये जाने के फैसले को चुनौती दी थी। 
वकील ने कहा कि फोन में मिले सुसाइड नोट में केवल जातिगत टिप्पणी के बारे में ही नहीं बल्कि उन तीनों महिला डॉक्टरों का नाम भी लिखा है जिन्हें पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने सबूतों को नष्ट करने के आरोप में इंडियन पीनल कोड (आईपीसी) की धारा 201के तहत कार्रवाई शुरू कर दिया है।
पायल का पूरा मामला क्या है?
मुंबई के बीवाईएल नायर अस्पताल की 26 वर्षीय रेजिडेंट डॉक्टर पायल को तीन सीनियर डॉक्टर्स द्वारा कथित रैगिंग, जातिवादी टिप्पणियां करने और मानसिक उत्पीड़न तथा पेशेवराना शोषण कर उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप है।
पायल तड़वी ने 22 मई को अपने छात्रावास के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोधी) अधिनियम, रैंगिग रोधी अधिनियम, आईटी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धारा 306 (खुदकुशी के लिए उकसाने) के तहत मामला चल रहा है।
इस घटना के बाद मुंबई ,दिल्ली सहित देश के तमाम राज्यों में विरोध प्रदर्शन हुआ थे। इस पूरी घटना ने यह भी उजागर किया था कि देश के बड़े शिक्षण संस्थान में और सबसे बेहतरीन दिमाग या शिक्षत लोगो में भी किस तरह से जाति का जहर भरा हुआ है। इसी का नतीजा पायल की मौत और उनकी जैसे कई अन्य मौते हैं। पायल की मौत को उनके परिवार और कई समाजिक कार्यकर्ताओ ने हत्या कहा था। 

(भाषा के इनपुट के साथ)

 

 

 

 

payal tadvi
Mumbai
police
Dalit atrocities
Caste Atrocities
Adivasis in India
Dalits Protest

Related Stories

क्या पुलिस लापरवाही की भेंट चढ़ गई दलित हरियाणवी सिंगर?

न्याय के लिए दलित महिलाओं ने खटखटाया राजधानी का दरवाज़ा

उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक से ईडी कर रही है पूछताछ

मुंबईः दो साल से वेतन न मिलने से परेशान सफाईकर्मी ने ज़हर खाकर दी जान

‘बुल्ली बाई’ ऐप मामला : मुंबई पुलिस ने एक और छात्र को गिरफ़्तार किया

रिश्वत लेकर अपराधी छोड़ने के मामले में क्राइम ब्रांच प्रभारी व मुख्य आरक्षी बर्ख़ास्त

हिरासत में मौत पर वामदलों ने कहा- बिहार ‘पुलिस राज’ में तब्दील होता जा रहा है

वाराणसी: सुप्रीम कोर्ट के सामने आत्मदाह के मामले में दो पुलिसकर्मी सस्पेंड

बिहार: मुखिया के सामने कुर्सी पर बैठने की सज़ा, पूरे दलित परिवार पर हमला


बाकी खबरें

  • बीजेपी
    नीलाबंरन ए
    पुडुचेरी : बीजेपी विधायकों में पदों लिए विवाद, अभी तक नहीं हुआ कैबिनेट का गठन
    24 Jun 2021
    पार्टी के सदस्य सत्ता के लिए पार्टी के ख़िलाफ़ ही बग़ावत कर रहे हैं, ऐसे में बीजेपी को अपनी दवा का ही स्वाद मिल रहा है।
  • बोलती लड़कियां, अपने अधिकारों के लिए लड़ती औरतें पितृसत्ता वाली सोच के लोगों को क्यों चुभती हैं?
    सबरंग इंडिया
    बोलती लड़कियां, अपने अधिकारों के लिए लड़ती औरतें पितृसत्ता वाली सोच के लोगों को क्यों चुभती हैं?
    24 Jun 2021
    दूसरी तरफ समाज के पुरुष हैं जो अपने को जातिवादी, धार्मिक, पूजापाठ करने को ही अपनी श्रेष्ठतम उपलब्धि मानते हुए गर्व करते रहते हैं। अपने अधिकारों के लिए लड़ती बोलती लड़कियां, औरतें उन्हें चुभती हैं।
  • पवार की फिजूल कसरत और कश्मीर पर क्या हैं सरकार के इरादे!
    न्यूज़क्लिक टीम
    पवार की फिज़ूल कसरत और कश्मीर पर क्या हैं सरकार के इरादे!
    23 Jun 2021
    एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के निवास पर आयोजित 'राष्ट्र मंच' की सियासी कसरत क्यों बेमतलब रही? कुछ अति-महत्वाकांक्षी गैर-राजनैतिक तत्वों के प्रभाव में आकर पवार जैसे अनुभवी राजनीतिज्ञ भी किस तरह ब्लंडर…
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    माल्या, मोदी और चौकसी पर ईडी की कार्रवाई और अन्य ख़बरें
    23 Jun 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हम बात करेंगे ईडी द्वारा माल्या, चौकसी और मोदी पर बड़ी कार्रवाई और अन्य ख़बरों के बारे में।
  • जुमलों से नहीं होगा कोरोना की तीसरी लहर का सामना।
    न्यूज़क्लिक टीम
    जुमलों से नहीं होगा कोरोना की तीसरी लहर का सामना।
    23 Jun 2021
    चेतावनी दी जा रही है के कोरोना की तीसरी लहर सामने है। और एक दो महीनों में आ सकती है। अभिसार शर्मा आज सवाल उठा रहे हैं के क्या मोदी सरकार इसके लिए तैयार है या अब भी जुमलों का ही सहारा है ?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License