NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
अर्थव्यवस्था
डॉलर के मुकाबले रुपये में 25 अप्रैल के बाद सबसे बड़ी गिरावट
डॉलर के मुकाबले रुपया पिछले सत्र की क्लोजिंग से 40 पैसे की कमजोरी के साथ 70.31 रुपये प्रति डॉलर पर बना हुआ था। लेकिन हैरत है कि एक समय रुपये के गिरने को देश की प्रतिष्ठा से जोड़ने वाले आज इसपर ख़ामोश हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
13 May 2019
Rupee vs Dollar
फोटो साभार: catchnews

देसी मुद्रा रुपये में सोमवार को डॉलर के मुकाबले 25 अप्रैल के बाद से सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। डॉलर के मुकाबले रुपया पिछले सत्र की क्लोजिंग से 40 पैसे की कमजोरी के साथ 70.31 रुपये प्रति डॉलर पर बना हुआ था।

इससे पहले रुपया 69.99 पर खुलने के बाद 70.32 तक फिसला। पिछले सत्र में डॉलर के मुकाबले रुपया 69.91 पर बंद हुआ था।

बाजार विश्लेषक बताते हैं कि शेयर बाजार में नरमी का रुख, कच्चे तेल के भाव में तेजी और अमेरिका-चीन व्यापारिक गतिरोध कुछ प्रमुख वजहें हैं जिससे अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी आई है। 

केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया ने कहा कि पिछले महीने 25 अप्रैल को जब रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 70.32 के स्तर से नीचे आ गया था उस समय अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ब्रेंचमार्क कच्चा तेल यानी ब्रेंट क्रूड का भाव 75 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया था। 

जाहिर है कि भारत अपनी खपत का 80 फीसदी से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है जिसके लिए उसे डॉलर की जरूरत होती है। इसलिए कच्चे तेल का भाव बढ़ने से रुपये पर दबाव बढ़ जाता है। 

केडिया ने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों के पैसे निकालने के कारण डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हुआ है।

उधर, अमेरिका-चीन व्यापारिक विवाद से दुनिया में एक अनिश्चितता का माहौल है जिसका असर शेयर बाजारों पर पिछले सप्ताह देखने को मिला। भारतीय शेयर बाजार में पिछले पूरे सप्ताह गिरावट का सिलसिला जारी रहा।

आपको बता दें कि एक समय में रुपये के गिरने को देश की प्रतिष्ठा से जोड़ा गया था। यह यूपीए सरकार का समय था। जब रुपये में ज़रा सी भी गिरावट पर बड़ी बहस और आरोप लगाए जाते थे। उस समय के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से जोड़कर आज के सत्तारूढ़ और उस समय के विपक्ष दल भाजपा ने बेहद तीखे प्रहार किए थे। वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत उनके कैबिनेट के तमाम मंत्रियों ने इसे मनमोहन सरकार की बड़ी नाकामी के तौर पर पेश किया था। आज की विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने 2013 में विपक्ष की नेता के तौर पर लोकसभा में कहा था कि "इस करेंसी के साथ देश की प्रतिष्ठा जुड़ी होती है और जैसे-जैसे करेंसी गिरती है, तैसे-तैसे देश की प्रतिष्ठा गिरती है...।"

अगस्त, 2013 में गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर खुद नरेंद्र मोदी ने कहा था- "आज देखिए, रुपये की कीमत जिस तेज़ी से गिर रही है और कभी-कभी तो लगता है कि दिल्ली सरकार और रुपये के बीच में कंपीटीशन चल रहा है, किसकी आबरू तेज़ी से गिरेगी...।"

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

Rupee downfall
dollar
RBI
Indian government
Modi government
Narendra modi
USA
Sushama Swaraj
BJP
BJP government

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल


बाकी खबरें

  • शशि शेखर
    कांग्रेस का कार्ड, अखिलेश की तस्वीर, लेकिन लाभार्थी सिर्फ़ भाजपा के साथ?
    23 Mar 2022
    मोदी सरकार ने जिस राशन को गरीबों के लिए फ्री किया है, वह राशन पहले से लगभग न के बराबर मूल्य पर गरीबों को मिल रहा था। तो क्या वजह रही कि लाभार्थी समूह सिर्फ़ भाजपा के साथ गया।
  • bhagat singh
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    हमें ये शौक़ है देखें सितम की इंतिहा क्या है
    23 Mar 2022
    आज शहीद दिवस है। आज़ादी के मतवाले भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान का दिन। आज ही के दिन 23 मार्च 1931 को इन तीनों क्रांतिकारियों को अंग्रेज़ सरकार ने फांसी दी थी। इन क्रांतिकारियोें को याद करते…
  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    सद्भाव बनाम ध्रुवीकरण : नेहरू और मोदी के चुनाव अभियान का फ़र्क़
    23 Mar 2022
    देश के पहले प्रधानमंत्री ने सांप्रदायिक भावनाओं को शांत करने का काम किया था जबकि मौजूदा प्रधानमंत्री धार्मिक नफ़रत को भड़का रहे हैं।
  • Mathura
    मौहम्मद अली, शिवानी
    मथुरा: गौ-रक्षा के नाम पर फिर हमले हुए तेज़, पुलिस पर भी पीड़ितों को ही परेशान करने का आरोप, कई परिवारों ने छोड़े घर
    23 Mar 2022
    मथुरा के जैंत क्षेत्र में कुछ हिंदुत्ववादियों ने एक टैंपो चालक को गोवंश का मांस ले जाने के शक में बेरहमी से पीटा। इसके अलावा मनोहरपुरा सेल्टर हाउस इलाके में आए दिन काफ़ी लोग बड़ी तादाद में इकट्ठा…
  • toffee
    भाषा
    उत्तर प्रदेश: विषाक्त टॉफी खाने से चार बच्चों की मौत
    23 Mar 2022
    ग्रामीणों के मुताबिक टॉफी के रैपर पर बैठने वाली मक्खियों की भी मौत हो गई। एक टॉफी सुरक्षित रखी गई है। पांडेय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License