NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
हैती के डी-फैक्टो प्रेसिडेंट जोवेनेल मोइसे की हत्या
ये घटना अवैध समूहों द्वारा हिंसा में वृद्धि और सरकारी संस्थानों पर मोइसे के हमलों के कारण देश में बढ़ते राजनीतिक और सामाजिक संकट के बीच हुई।
पीपल्स डिस्पैच
08 Jul 2021
हैती के डी-फैक्टो प्रेसिडेंट जोवेनेल मोइसे की हत्या

हैती के डी-फैक्टो प्रेसिडेंट जोवेनेल मोइसे की 7 जुलाई को सुबह 1 बजे उनके घर पर हत्या कर दी गई। उनकी पत्नी और हैती की पहली महिला मार्टीन मोइसे भी हमले में घायल हो गईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस खबर की घोषणा प्रधानमंत्री क्लाउड जोसेफ ने 7 जुलाई को एक आधिकारिक बयान के जरिए की थी। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जोसेफ ने आपातकाल की घोषित कर दी और एक्स्ट्राऑर्डिनरी काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक बुलाई।

इस बयान के अनुसार हमलावरों की पहचान नहीं की गई है लेकिन उनके स्पेनिश भाषा बोलने वाले होने का संदेह है। आधिकारिक बयान ने लोगों से शांत रहने का आह्वान किया और घोषणा की कि राष्ट्रीय पुलिस और सेना देश की सुरक्षा पर नजर रखे हुए है।

ये हत्या ऐसे समय में हुई है जब देश में अस्थिरता और असुरक्षा तेजी से बढ़ी है। कुछ दिनों पहले मोइसे की सरकार ने घोषणा की थी कि संवैधानिक जनमत संग्रह जिसे 29जून के लिए निर्धारित किया गया था उसे 26 सितंबर तक स्थगित कर दिया गया क्योंकि विधायी और राष्ट्रपति चुनाव होने वाले थे। इस जनमत संग्रह को एपिसोकोपाल कॉनफ्रेंस से लेकर सामाजिक संगठनों और वाम राजनीतिक दलों तक हैती समाज के सभी क्षेत्रों से बड़े पैमाने पर खारिज कर दिया गया और क्योंकि यह सीधे तौर पर 1987 की लोकतांत्रिक संस्था का उल्लंघन करता था।

मोइसे का एक विवादास्पद कार्यकाल था। इस दौरान हैती के संस्थानों पर कई हमले हुए। इस तथ्य के बावजूद कि उनका कार्यकाल 7 फरवरी 2021 को समाप्त हो गया था वह सत्ता में बने रहे। राष्ट्रपति के रूप में बने रहने के उनके फैसले के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और उनके शासन को तानाशाही करार दिया गया।

इसके अलावा, हैती की संसद जिसमें विपक्षी दलों का वर्चस्व था उसे जनवरी 2020 में मोइसे द्वारा विधायी चुनावों को बार-बार स्थगित करने के बाद निलंबित कर दिया गया था। मोइसे के कार्यों का विरोध करने वाले न्यायाधीशों को बर्खास्त कर दिया गया और सरकार का समर्थन करने वालों को नियुक्त किया गया।

उनके शासन में असुरक्षा में भी वृद्धि देखी गई। नेशनल नेटवर्क फॉर द डिफेंस ऑफ ह्यूमन राइट इन हैती (आरएनडीडीएच) के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में अवैध सशस्त्र समूहों द्वारा 12 नरसंहार किए गए और हिंसा में वृद्धि के कारण पिछले कई हफ्तों में गरीब और मजदूर वर्ग के दस हजार से अधिक लोग पड़ोस के पोर्ट-औ-प्रिंस में विस्थापित हुए। 30 जून को नारीवादी कार्यकर्ता एंटोइनेटे डुक्लेयरे और पत्रकार डिएगो चार्ल्स सहित 15 लोगों की हत्या कर दी गई थी।

Haiti
Claude Joseph
Haiti anti-government protests
Haitian Constitution of 1987
Haitian Tèt Kale Party
Insecurity in Haiti
Jovenel Moïse

Related Stories

राष्ट्रपति की हत्या मामले में पीएम पर संदेह के चलते हैती में सियासी घमासान तेज़

हैती की राजनीतिक शक्तियों ने संक्रमणकालीन सरकार पर समझौता किया

पड़ताल दुनिया की- हत्या और शोषण के बीच फंसा हैती

जोवेनेल मोइसे ने ट्रांजिशनल सरकार बनाने की मांग को खारिज किया

हैती के लोग अपने संविधान की रक्षा के लिए लामबंद हुए, दुनिया भर के संगठनों ने एकजुटता दिखाई

जेवेनेल मोइसे की तानाशाही के ख़िलाफ़ हैती के लोग फिर हुए लामबंद

तानाशाही और साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ हैती में विरोध प्रदर्शन जारी

जोवेनेेेल मोइसे की तानाशाही के ख़िलाफ़ हैती के लोगों का विरोध जारी

हैतीः राष्ट्रपति जोवेनेल के ख़िलाफ़ राष्ट्रव्यापी आंदोलन के लिए विपक्ष का आह्वान

हैती के लोगों ने राष्ट्रपति जोवेनेले मोइसे के ख़िलाफ़ संघर्ष तेज किया


बाकी खबरें

  • अनिंदा डे
    मैक्रों की जीत ‘जोशीली’ नहीं रही, क्योंकि धुर-दक्षिणपंथियों ने की थी मज़बूत मोर्चाबंदी
    28 Apr 2022
    मरीन ले पेन को 2017 के चुनावों में मिले मतों में तीन मिलियन मत और जुड़ गए हैं, जो  दर्शाता है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद धुर-दक्षिणपंथी फिर से सत्ता के कितने क़रीब आ गए थे।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली : नौकरी से निकाले गए कोरोना योद्धाओं ने किया प्रदर्शन, सरकार से कहा अपने बरसाये फूल वापस ले और उनकी नौकरी वापस दे
    28 Apr 2022
    महामारी के भयंकर प्रकोप के दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक सर्कुलर जारी कर 100 दिन की 'कोविड ड्यूटी' पूरा करने वाले कर्मचारियों को 'पक्की नौकरी' की बात कही थी। आज के प्रदर्शन में मौजूद सभी कर्मचारियों…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में आज 3 हज़ार से भी ज्यादा नए मामले सामने आए 
    28 Apr 2022
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,303 नए मामले सामने आए हैं | देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 0.04 फ़ीसदी यानी 16 हज़ार 980 हो गयी है।
  • aaj hi baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    न्यायिक हस्तक्षेप से रुड़की में धर्म संसद रद्द और जिग्नेश मेवानी पर केस दर केस
    28 Apr 2022
    न्यायपालिका संविधान और लोकतंत्र के पक्ष में जरूरी हस्तक्षेप करे तो लोकतंत्र पर मंडराते गंभीर खतरों से देश और उसके संविधान को बचाना कठिन नही है. माननीय सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कथित धर्म-संसदो के…
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    जुलूस, लाउडस्पीकर और बुलडोज़र: एक कवि का बयान
    28 Apr 2022
    आजकल भारत की राजनीति में तीन ही विषय महत्वपूर्ण हैं, या कहें कि महत्वपूर्ण बना दिए गए हैं- जुलूस, लाउडस्पीकर और बुलडोज़र। रात-दिन इन्हीं की चर्चा है, प्राइम टाइम बहस है। इन तीनों पर ही मुकुल सरल ने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License