NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
धर्मनिरपेक्ष राजनीति को अपने आलस से निकलने की ज़रूरत है : प्रोफ़ेसर अपूर्वानंद
आईडिया ऑफ़ इंडिया कॉन्क्लेव के आयोजन पर प्रोफेसर अपूर्वानंद ने बढ़ती सांप्रदायिकता और नफ़रत के विषय में अपने विचार साझा किये I
NewsclickProduction
23 Jun 2017

आईडिया ऑफ़ इंडिया कॉन्क्लेव के आयोजन पर प्रोफेसर अपूर्वानंद ने बढ़ती सांप्रदायिकता और नफ़रत के विषय में अपने विचार साझा किये I अपूर्वानंद के मुताबिक इस वक्त जो दल सत्ता पर काबिज़ है वह इस मुल्क में निरंतर अस्थिरता और बेचैनी चाहता है I उनके विचार में आज देश में हिन्दू धर्म का राष्ट्रीयकरण करने की कोशिश की जा रही है I इसमें धर्म और राष्ट्रवाद दोनों को इस कदर मिला दिया गया है कि आम हिन्दू महसूस करने लगा है कि उसे इस राष्ट्रवाद की रक्षा करनी है I

भाजपा
आर.एस.एस
नरेंद्र मोदी

Related Stories

#श्रमिकहड़ताल : शौक नहीं मज़बूरी है..

आपकी चुप्पी बता रहा है कि आपके लिए राष्ट्र का मतलब जमीन का टुकड़ा है

रोज़गार में तेज़ गिरावट जारी है

अविश्वास प्रस्ताव: विपक्षी दलों ने उजागर कीं बीजेपी की असफलताएँ

अबकी बार, मॉबलिंचिग की सरकार; कितनी जाँच की दरकार!

यूपी-बिहार: 2019 की तैयारी, भाजपा और विपक्ष

चुनाव से पहले उद्घाटनों की होड़

अमेरिकी सरकार हर रोज़ 121 बम गिराती हैः रिपोर्ट

आरक्षण खात्मे का षड्यंत्र: दलित-ओबीसी पर बड़ा प्रहार

झारखंड बंद: भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन के खिलाफ विपक्ष का संयुक्त विरोध


बाकी खबरें

  • बढ़ती साम्प्रदायिकता या कोरोना की तीसरी लहर: ज़्यादा घातक क्या?
    न्यूज़क्लिक टीम
    बढ़ती साम्प्रदायिकता या कोरोना की तीसरी लहर: ज़्यादा घातक क्या?
    07 Jul 2021
    'बोल' के लब आज़ाद हैं तेरे' के इस एपिसोड में, वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा बात कर रहे हैं समाज में बढ़ती साम्प्रदायिकता की और उसके साथ ही कोरोना लहार के तीसरी लहर की संभावनाओं पर।
  • अभिलाषा चट्टोपाध्याय
    ‘लंबी सुनवाई प्रक्रिया एक सज़ा’: पूर्व न्यायाधीशों ने यूएपीए के अंतर्गत ज़मानत और जेल के विधान की आलोचना की
    07 Jul 2021
    न्यायमूर्ति अंजना प्रकाश ने रेखांकित किया कि इन निरोध कानूनों के प्रावधान के व्यापक दुरुपयोग होने के चलते ही बाद में अधिकांश निरोध अधिनियमों को निरस्त कर दिया गया था जबकि यूएपीए “चोरदरवाजे” से आया एक…
  • Stan Swamy
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    स्टेन स्वामी की मौत के ख़िलाफ़ देशभर में उठ रही आवाज़; एल्गार मामले के अन्य आरोपियों ने जेल में भूख हड़ताल की
    07 Jul 2021
    84 वर्षीय मानवाधिकार और सामाजिक कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी की पुलिस हिरासत में मौ
  • धर्म, कानून और स्वामीः क्रूर होते समाज में  न्याय और करुणा के स्वर
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    धर्म, क़ानून और स्वामीः क्रूर होते समाज में न्याय और करुणा के स्वर
    07 Jul 2021
    यह भारतीय समाज की प्रवृत्ति रही है कि वह एक ओर सैद्धांतिक तौर पर उदार और सहिष्णु दिखाने की कोशिश करता है लेकिन हक़ीक़त में वहां भेदभाव और क्रूरता है।
  • keshaw
    भाषा
    केशव दत्त : भारतीय हॉकी के स्वर्णिम युग का एक और स्तंभ ढहा
    07 Jul 2021
    भारतीय हॉकी के सर्वश्रेष्ठ हाफ बैक में से एक केशव दत्त ने बुधवार को कोलकाता में अंतिम सांस ली। वह 95 वर्ष के थे ।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License