NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
क्या अर्नब गोस्वामी को बालाकोट एयर स्ट्राइक की जानकारी पहले से थी?
स्ट्राइक से तीन दिन पहले कथित लिखित सामग्रियां गोस्वामी को पार्थो दासगुप्ता से यह बताते हुए दिखाती हैं कि "कुछ बड़ा" होने वाला है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Jan 2021
अर्नब गोस्वामी

रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ़ अर्नब गोस्वामी और ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी पार्थो दासगुप्ता के बीच 23 फ़रवरी, 2019 को वाट्सऐप पर हुई बातचीत से ऐसा लगता है कि अर्नब गोस्वामी को तीन दिन बाद होने वाले बालाकोट एयर स्ट्राइक की जानकारी पहले से थी।

स्क्रॉल की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, गोस्वामी ने दासगुप्ता से कहा था कि योजनाबद्ध स्ट्राइक "आम से कहीं बड़ी" होगी और यह कि "सरकार इस बात को लेकर आश्वस्त है कि पाकिस्तान पर कुछ इस तरह स्ट्राइक की जायेगी कि आम लोग झूम उठेंगे। एकदम यही शब्द इस्तेमाल किया गया है।”

भारतीय वायु सेना की ओर से पाकिस्तान के बालाकोट शहर पर 26 फ़रवरी, 2019 की सुबह तड़के हवाई हमले किये गये थे। यह हमला 14 फ़रवरी, 2019 को उस पुलवामा हमले का जवाब था, जिसमें सीआरपीएफ़ के 40 जवानों की मौत हो गयी थी, जब उनकी बस विस्फ़ोटकों से लदी एक कार के संपर्क में आ गयी थी।

हालांकि, भारतीय मीडिया ने दावा किया था कि जैश-ए-मोहम्मद के शिविरों को निशाना बनाये जाने वाली इस एयर स्ट्राइक से सीमा की दूसरी ओर 170 से 300 लोगों की जानें गयीं थीं, लेकिन समाचार एजेंसी रॉयटर्स को उनके उन दावों के पुख़्ता सबूत नहीं मिले थे।

गोस्वामी और दासगुप्ता के बीच यह कथित बातचीत टीआरपी मामले के सिलसिले में दायर 3,400 पेज की पूरक चार्जशीट का हिस्सा है। आरोपियों में रिपब्लिक टीवी के सीईओ विकास खानचंदानी, बीएआरसी सीसीओ रोमिल रामगढ़िया और दासगुप्ता शामिल हैं।

इन लिखित सामग्रियों में गोस्वामी को दासगुप्ता से कहते हुए बताया गया है कि "कुछ बड़ा" होने वाला है। दासगुप्ता के यह पूछे जाने पर कि क्या ऐसा कुछ "दाऊद" (गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम) को लेकर होने वाला है, तो गोस्वामी कहते हैं कि ऐसा कुछ "पाकिस्तान" को लेकर होने वाला है। इस बार कुछ बड़ा किया जायेगा।”

गोस्वामी ने विस्तार से कुछ इस तरह बताया, “एक आम स्ट्राइक के मुक़ाबले कहीं बड़ा होगा। कश्मीर पर भी कुछ बड़ा होगा। सरकार इस बात को लेकर आश्वस्त है कि पाकिस्तान पर कुछ इस तरह स्ट्राइक की जायेगी कि आम लोग झूम उठेंगे। एकदम यही शब्द इस्तेमाल किया गया है।” 

यह हमला हाल ही में समाचार एजेंसी,एएनआई की तरफ़ से उस झूठी ख़बर के प्रकाशित किये जाने के बाद भी सुर्खियों में आया, जिसमें दावा किया गया था कि पूर्व पाकिस्तानी राजनयिक आग़ा हिलाली का दावा है कि उस हमले में पाकिस्तान की तरफ़ के 300 लोग हताहत हुए थे।

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने ट्विटर पर कहा कि गोस्वामी के चैट से पता चलता है कि "सरकार का कोई बहुत वरिष्ठ शख़्स बेहद गोपनीय जानकारी को लीक कर रहा है, जिससे हमारे सैनिकों की ज़िंदगी ख़तरे में पड़ सकती है और ऐसा इस लोभ में कि टीआरपी (sic) बढ़ सके।"

Arnab's chats dated 23.02.2019 refer to sharing of Intel re: action along the Pak border. It means someone very senior in Govt is leaking highly confidential info which may endanger the lives of our soldiers & so that mercenary considerations can add to TRPs.

— Abhishek Singhvi (@DrAMSinghvi) January 16, 2021

इस कथित चैट से यह भी पता चलता है कि दासगुप्ता ने 4 अप्रैल, 2019 को गोस्वामी से बीएआरसी डेटा को सार्वजनिक करने के टीआरआई (TRAI) के क़दम को रोकने के लिए कहा था। अर्नब ने दासगुप्ता को आश्वासन दिया था कि एक बार एनडीए सरकार के सत्ता में आ जाने के बाद ट्राई के पास ज़्यादा ताक़त नहीं होगी।

इस चैट में गोस्वामी के पीएमओ के ऐसे कई प्रसंग भी मिलते हैं, जिसमें प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ उनके घनिष्ठ रिश्तों का दावा किया गया है, दासगुप्ता तो यहां तक पूछते हुए दिखाये गये हैं कि क्या अर्नब, प्रधानमंत्री कार्यालय में "मीडिया सलाहकार" के रूप में नौकरी का इंतज़ाम करा सकते हैं।

बीएआरसी से जुड़े हंसा रिसर्च ग्रुप प्राइवेट लिमिटेड के एक कर्मचारी, नितिन देवकर की तरफ़ से शिकायत दर्ज कराये जाने के बाद मुंबई पुलिस ने पिछले साल अक्टूबर में टीआरपी मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी। अपनी शिकायत में देवकर ने कहा था कि उन्हें ऑडिट के दौरान रेटिंग में गड़बड़ियां मिली थीं।

हालांकि,शुरुआती प्राथमिकी में रिपब्लिक टीवी का नाम तो नहीं था, लेकिन पुलिस ने बाद में कहा था कि उसके पास इस चैनल और मराठी चैनल बॉक्स सिनेमा और फ़ैक्ट मराठी के ख़िलाफ़ अवैधता का सबूत है। इस मामले में चार्जशीट नवंबर में दायर की गयी थी।

यहां टीआरपी मामले पर न्यूज़क्लिक की टिप्पणी है:

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करे

Did Arnab Goswami Have Prior Knowledge of Balakot Air Strike?

arnab goswami
TRP Scam
Partho Dasgupta
BARC
TRAI
Republic TV
Arnab Whatsapp Chat
Balakot Strikes
pulwama attack

Related Stories

रिपब्लिक भारत ने ‘तालिबान का क्रूर चेहरा’ दिखाते हुए BSP नेता हाजी याक़ूब क़ुरैशी की फ़ोटो दिखायी

12 साल में कितना सफल हुआ भारत-अमेरिका नाभिकीय सौदा?

अर्नब गोस्वामी ने रिपब्लिक टीवी की टीआरपी बढ़ाने के लिए बीएआरसी के सीईओ के साथ साजिश रची: पुलिस

बलात्कार मामले में CJI की टिप्पणी, मानेसर में कर्मचारियों का कामबंद और अन्य

किसान आंदोलन: एक शाम शहीदों के नाम

तिरछी नज़र: अर्नब सर तो बहुत ही बड़े देशभक्त हैं…

अर्नब गोस्वामी की WhatsApp चैट लीक और गोदी मीडिया

‘अर्नबगेट’ : कांग्रेस हुई हमलावर; बुरे फँसे अर्नब

अर्नब गोस्वामी की व्हाट्सएप चैट लीक हमें अपने देश के लोकतंत्र के बारे में क्या बताती है?

‘अर्नबगेट’: राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जानकारी लीक करना ‘राष्ट्रद्रोह’, निष्पक्ष जांच हो- कांग्रेस


बाकी खबरें

  • china
    रिचर्ड डी. वोल्फ़
    चीन ने अमेरिका से ही सीखा अमेरिकी पूंजीवाद को मात देना
    22 Nov 2021
    चीन में औसत वास्तविक मजदूरी भी हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ी है, जो देश की अपनी आर्थिक प्रणाली की एक और सफलता का संकेतक है। इसके विपरीत, अमेरिकी वास्तविक मजदूरी हाल ही में स्थिर हुई है। संयुक्त…
  • kisan andolan
    असद रिज़वी
    लखनऊ में किसान महापंचायत: किसानों को पीएम की बातों पर भरोसा नहीं, एमएसपी की गारंटी की मांग
    22 Nov 2021
    संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर हुई “किसान महापंचयत” में जमा किसानों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीन विवादास्पद कृषि क़ानूनों को वापस लेने की घोषणा पर विश्वास की कमी दिखी। किसानों का कहना…
  • farmers movement
    सुबोध वर्मा
    यूपी: कृषि कानूनों को रद्दी की टोकरी में फेंक देने से यह मामला शांत नहीं होगा 
    22 Nov 2021
    ऐसी एक नहीं, बल्कि ढेर सारी वजहें हैं जिसके चलते लोग, खासकर किसान, योगी-मोदी की ‘डबल इंजन’ वाली सरकार से ख़फ़ा हैं।
  • Abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    ज़ी न्यूज़ के संपादक को UAE ने अपने देश में आने से रोका
    22 Nov 2021
    बोल' के इस एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा, देश के मेनस्ट्रीम मीडिया और सरकार का अमूमन बचाव करने वाले जी न्यूज़ के संपादक 'सुधीर चौधरी' की चर्चा कर रहे हैंI ज़ी न्यूज़ के संपादक 'सुधीर चौधरी'…
  • modi
    अनिल जैन
    प्रधानमंत्री ने अपनी किस 'तपस्या’ में कमी रह जाने की बात कही?
    22 Nov 2021
    प्रधानमंत्री कहते हैं कि यह समय किसी को भी दोष देने का नहीं है, लेकिन सवाल यह है कि यह समय नहीं है दोष देने का तो फिर सरकार के दोषों पर कब चर्चा होनी चाहिए और क्यों नहीं होनी चाहिए?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License